योगी सरकार के 9 साल पूरे, यूपी में भव्य आयोजनों की शुरुआत
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पूरे होने के अवसर पर 26 मार्च 2026 तक राज्यभर में भव्य कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है. इन आयोजनों का उद्देश्य बीते नौ वर्षों में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाना है.
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे हर जिले में कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित हो सके.
जिला स्तर पर नौ दिवसीय मेले
निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. जनपद मुख्यालयों पर प्रभारी मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन होगा. इस दौरान सरकार की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई जाएगी और विकास पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा.
प्रदर्शनी में दिखेगा विकास का सफर
हर जिले में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और परियोजनाओं को दर्शाया जाएगा.
- 11 वर्षों की केंद्र सरकार की उपलब्धियां
- 9 वर्षों की राज्य सरकार की योजनाएं
- लोकार्पित और शिलान्यास परियोजनाओं के शिलापट्ट
इन प्रदर्शनों के माध्यम से आम जनता को विकास कार्यों की प्रत्यक्ष जानकारी मिलेगी.
थीम आधारित कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन
मेले के दौरान हर दिन अलग-अलग विषयों पर गोष्ठियां आयोजित होंगी, जैसे:
- युवा सशक्तिकरण
- महिला कल्याण
- किसान और श्रमिक विकास
इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा और क्षेत्रीय कला-संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा.
योजनाओं से जोड़ने की पहल
इन आयोजनों के दौरान पात्र लेकिन वंचित लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
- मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना
इससे अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
मेले में रोजगार और ऋण मेले भी आयोजित होंगे, जहां युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे. जनपदीय बैंकर समिति के सहयोग से ऋण वितरण किया जाएगा, जिससे छोटे उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा मिलेगाय
‘एक जनपद एक व्यंजन’ की खास पहल
‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ODOP) के तहत फूड कोर्ट लगाए जाएंगे, जहां स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लोगों को मिलेगा. यह पहल न सिर्फ खानपान की विविधता को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ पहुंचाएगी.
पनामा नहर और स्वेज नहर समेत इन समुद्री मार्गों से होता है दुनिया में व्यापार, ग्लोबल ट्रेड के लिए है जरूरी
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी हमलों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इन हमलों का विश्व बाजार पर भारी असर देखने को मिल रहा है। ईरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए उन जगहों को अपना निशाना बना रहा है, जो विश्व व्यापार के लिए बेहद जरूरी हैं। आइए जानते हैं कि किन-किन छोटे और बड़े रास्तों के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार होता है।
वैश्विक व्यापार के लिए भूमध्य सागर-लाल सागर में स्वेज नहर और अटलांटिक-प्रशांत में पनामा नहर मुख्य रास्ते माने जाते हैं। इसके अलावा, मलक्का स्ट्रेट (हिंद महासागर-प्रशांत), हॉर्मुज स्ट्रेट (फारस की खाड़ी-अरब सागर), बाब अल-मंडेब (लाल सागर-अदन की खाड़ी), सुएज-भूमध्यसागरीय (सुमेड) पाइपलाइन और केप ऑफ गुड होप वैश्विक व्यापार के लिए प्रमुख रणनीतिक मार्ग हैं। ये सभी रास्ते कई मायनों में अहम हैं, क्योंकि इन समुद्री रूटों से दुनिया का लगभग 80-90 फीसदी व्यापार होता है।
मिस्र में स्थित स्वेज नहर यूरोप और एशिया के बीच सबसे छोटा समुद्री मार्ग है, जो मध्य सागर और लाल सागर को जोड़ता है। इस रास्ते की वजह से केप ऑफ गुड होप के चारों ओर लगभग 6000 मील की दूरी से राहत मिलती है।
मध्य अमेरिका में स्थित पनामा नहर अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है, जो अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच 8,000 मील से अधिक की दूरी की यात्रा से बचाता है।
इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के बीच स्थित मलक्का स्ट्रेट हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर और प्रशांत महासागर से जोड़ता है। इसे फारस की खाड़ी और एशिया के बाजार के बीच सबसे छोटा रास्ता माना जाता है।
हॉर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जुड़ा है। इसे तेल और गैस के परिवहन के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।
बाब अल-मंडेब लाल सागर को अदन की खाड़ी के माध्यम से अरब सागर से जोड़ता है। यह यूरोप और एशिया के बीच अहम व्यापारिक मार्ग है, जिससे 12 फीसदी वैश्विक व्यापार हो रहा है।
केप ऑफ गुड होप अफ्रीका का सबसे दक्षिणी छोर है, जिसका उपयोग बड़े जहाजों द्वारा तब किया जाता है जब स्वेज नहर मार्ग बाधित होता है।
जिब्राल्टर स्ट्रेट अटलांटिक महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ता है। यह यूरोप और अफ्रीका के बीच है, जो जहाजों को सीधे महासागर से समुद्र में प्रवेश दिलाता है।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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