Responsive Scrollable Menu

भारत की ऊर्जा क्षमता बढ़कर 520.51 गीगावाट हुई, बिजली की कमी में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। भारत की ऊर्जा क्षमता बढ़कर जनवरी 2026 तक 520.51 गीगावाट हो गई है। बिजली की कमी दिसंबर 2025 में कम होकर 0.03 प्रतिशत हो गई है, जो वित्त वर्ष 14 में 4.2 प्रतिशत थी। यह जानकारी सरकार की ओर से गुरुवार को दी गई।

सरकार की ओर से भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 से पहले निकाले गए दस्तावेज में कहा गया कि वित्त वर्ष 26 में (31 जनवरी, 2026 तक ) देश की ऊर्जा क्षमता (सभी स्रोतों से) में 52,537 मेगावाट (52.53 गीगवाट) की वृद्धि हुई है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 39,657 मेगावाट (39.65 गीगावाट) है, जिसमें 34,955 मेगावाट की सोलर क्षमता और 4,613 मेगावाट की विंड क्षमता शामिल है।

सरकार ने बताया कि यह किसी एक वित्त वर्ष में ऊर्जा क्षमता में हुई अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। इससे पहले के वित्त वर्ष 2024-25 में ऊर्जा क्षमता में 34,054 मेगावाट की वृद्धि हुई थी।

सरकार की ओर से नई दिल्ली के यशोभूमि में भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 का 19 मार्च से 22 मार्च के बीच आयोजित की जा रही है। यह पावर और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर पर एक बड़ी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस-कम-एग्जीबिशन है।

दस्तावेज में बताया गया कि केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। विद्युत प्रणाली के ट्रांसमिशन और ट्रांसफॉरमेशन सिस्टम को मजबूत करने पर भी उतना ही ध्यान दिया गया है। राज्यों में उत्पादन केंद्रों से लोड केंद्रों तक बिजली को कुशलतापूर्वक पहुंचाने के लिए नए सबस्टेशन, उन्नत ट्रांसफार्मर और विस्तारित उच्च क्षमता वाले ट्रांसमिशन कॉरिडोर विकसित किए गए हैं। इन निवेशों से बाधाएं कम होती हैं, ग्रिड की स्थिरता में सुधार होता है और विभिन्न ऊर्जा स्रोतों को राष्ट्रीय ग्रिड में सुचारू रूप से एकीकृत करना संभव होता है।

सरकार ने बताया कि भारत के नेशनल पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसने 5 लाख सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) से अधिक ट्रांसमिशन लाइनों का विस्तार किया है और इसकी कुल ट्रांसफॉरमेशन क्षमता 1,407 गीगावोल्ट एम्पीयर (जीवीए) तक पहुंच गई है। उत्पादन और नेटवर्क दोनों को एक साथ मजबूत करके, भारत ने एक ऐसे विद्युत क्षेत्र की नींव रखी है जो न केवल आज बल्कि भविष्य में भी विकास को समर्थन देने में सक्षम है।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

एआई के चलते एचएसबीसी में जा सकती हैं 20,000 नौकरियां: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। लंदन मुख्यालय वाला निवेश बैंक एचएसबीसी आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की संख्या घटाने पर विचार कर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एचएसबीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जॉर्जेस एलहेडरी बैंक के कामकाज को ज्यादा आसान और तेज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल बढ़ाना चाहते हैं।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खास तौर पर वे नौकरियां ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं जो सीधे ग्राहकों से जुड़ी नहीं हैं, जैसे मिडिल और बैक-ऑफिस के काम। हालांकि इस पर अभी शुरुआती स्तर पर ही चर्चा चल रही है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बदलाव से करीब 20,000 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, जो बैंक के कुल वैश्विक कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत है। हालांकि बैंक की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

बताया गया है कि इस तरह के बदलाव पर चर्चा मध्य-पूर्व में हालिया तनाव बढ़ने से पहले ही शुरू हो गई थी।

साल 2024 में सीईओ बनने के बाद जॉर्ज एलहेडरी ने बैंक में बड़े स्तर पर बदलाव शुरू किए हैं, जिसमें पहले ही हजारों कर्मचारियों की छंटनी, कुछ कारोबारों की बिक्री, विलय और बंद करने जैसे फैसले शामिल हैं।

2025 के अंत तक एचएसबीसी में करीब 2,10,000 कर्मचारी थे। अब बैंक यह भी देख रहा है कि जिन पदों पर कर्मचारी खुद नौकरी छोड़ते हैं, उन्हें दोबारा भरा जाए या नहीं। इसके अलावा कुछ नौकरियां कारोबार बंद करने या बेचने से भी खत्म हो सकती हैं।

यह कदम वैश्विक बैंकिंग सेक्टर में तेजी से बढ़ रहे उस ट्रेंड को दिखाता है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण काम करने के तरीके और कर्मचारियों की जरूरत बदल रही है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले तीन से पांच वर्षों में दुनिया भर के बैंक लगभग 2 लाख नौकरियां खत्म कर सकते हैं, क्योंकि कई काम अब मशीनें और एआई करने लगेंगी। तकनीकी प्रमुखों का मानना है कि कुल कर्मचारियों की संख्या में औसतन करीब 3 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

इससे पहले एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया था कि बड़ी टेक कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स भी अपने खर्च को नियंत्रित करने और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा निवेश करने के लिए बड़े स्तर पर छंटनी कर सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, मेटा अपने कर्मचारियों में 20 प्रतिशत या उससे ज्यादा की कटौती कर सकती है, जो करीब 16,000 कर्मचारियों के बराबर है। दिसंबर के अंत तक कंपनी में करीब 79,000 कर्मचारी थे।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026: ऋषभ पंत हुए फेल तो LSG से होगी छुट्टी? टीम के मालिक संजीव गोयनका के एक बयान से खलबली

ऋषभ पंत को पिछले मेगा ऑक्शन में LSG के मालिक संजीव गोयनका ने 27 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी और रिकॉर्ड बोली के साथ खरीदा था और टीम का कप्तान बनाया था. मगर पिछले सीजन में न तो टीम ही चली और न ही कप्तान पंत कमाल दिखा सके थे. Thu, 19 Mar 2026 22:44:09 +0530

  Videos
See all

Kiccha Sudeepa ने तिरुपति में किए दर्शन #kicchasudeep #tirupati #aajtak #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-19T18:15:16+00:00

West Bengal News: 'बीजेपी के लिए बंगाल चुनाव महत्वपूर्ण है' #news #shorts #ytshorts #bjp #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-19T18:14:21+00:00

आज का पॉजिटिव डोज #positivedose #anjanaomkashyap #blackandwhite #shorts #viralvideo #news #iranwar #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-19T18:15:53+00:00

Delhi में बारिश #delhi #delhitraffic #rain #aajtak #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-19T18:15:05+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers