योगी सरकार जल्द करेगी पेंशन में बढ़ोतरी, एक करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को होगा फायदा
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल्द ही पेंशन में बढ़ोतरी करने जा रही है. इस बात का जिक्र सीएम योगी ने यूपी में बीजेपी सरकार के नौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम के दौरान किया. इसके साथ ही सीएम योगी ने अपने नौ साल के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनवाईं. सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर भी जमकर तंज कसा और कहा कि जो लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास कहते थे और नोएडा नहीं जाते थे. सीएम योगी ने कहा कि, उन्हें लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी चली जाएगी.
नोएडा जाने को बना दिया था अपशकुन- सीएम योगी
सीएम योगी ने आगे कहा कि जब मुझे जिम्मेदारी मिली तो मैंने कहा कि नोएडा जाएंगे. तो लोग कहने लगे कि मुख्यमंत्री नोएडा जाता है उसकी कुर्सी चली जाती है. मैंने कहा कि कुर्सी आज चली जाए, लेकिन प्रदेश का भला होगा तो नोएडा जाएंगे और विकास पर लगे बैरियर को हटाएंगे. सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि, नोएडा, ग्रेटर नोएडा आज देश के विकास में योगदान दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अगर हम लोग नोएडा नहीं जाते तो देश में 55 प्रतिशत मोबाइल का निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 फीसदी निर्माण उत्तर प्रदेश में नहीं हो पाता. सीएम ने कहा कि, "नोएडा जाना यूपी के लिए अपशकुन बना दिया था. तब के मुख्यमंत्री उसका माध्यम बन गए थे. हमने कहा कि अपशकुन को उखाड़ फेकेंगे और इसे विकास में बाधा नहीं बनने देंगे."
संस्कृत छात्रों के लिए छात्रावास और भोजन की योजना होगी शुरू
बुधवार को कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने एलान किया कि प्रदेश कैबिनेट वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी करेगी. इसके साथ ही संस्कृत छात्रों के लिए छात्रावास और भोजन की नई योजना की भी शुरुआत की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने जातीय और क्षेत्रीय चश्मे से देखकर किसी को लाभ नहीं दिया. इसके साथ ही सीएम योगी ने राज्य का कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो जाते हैं. कहीं कोई हलचल या अव्यवस्था नहीं होती. उन्होंने कहा कि यही बदलाव उत्तर प्रदेश में हुआ है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं और सुरक्षा का अहसास कर रहे हैं.
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पेंशन में जल्द होगी बढ़ोतरी
इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य में मिलने वाली निराश्रित महिला, वृद्ध और दिव्यांगजन पेंशन का भी जिक्र किया. सीएम ने कहा कि राज्य में 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को प्रदेश सरकार 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन दे रही है. इनके कल्याण के लिए कैबिनेट जल्द इसमें वृद्धि का भी निर्णय लेगा. योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि, सरकार स्नातक और परास्नातक की मेधावी बेटियों को स्कूटी भी देगी. बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार दो करोड़ से ज्यादा युवाओं को टैबलेट देगी, इसमें से 50 लाख युवाओं को टैबलेट दिया जा चुका है, बाकी को जल्द टैबलेट दिया जाएगा.
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भारत की ऊर्जा क्षमता बढ़कर 520.51 गीगावाट हुई, बिजली की कमी में बड़ी गिरावट
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। भारत की ऊर्जा क्षमता बढ़कर जनवरी 2026 तक 520.51 गीगावाट हो गई है। बिजली की कमी दिसंबर 2025 में कम होकर 0.03 प्रतिशत हो गई है, जो वित्त वर्ष 14 में 4.2 प्रतिशत थी। यह जानकारी सरकार की ओर से गुरुवार को दी गई।
सरकार की ओर से भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 से पहले निकाले गए दस्तावेज में कहा गया कि वित्त वर्ष 26 में (31 जनवरी, 2026 तक ) देश की ऊर्जा क्षमता (सभी स्रोतों से) में 52,537 मेगावाट (52.53 गीगवाट) की वृद्धि हुई है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 39,657 मेगावाट (39.65 गीगावाट) है, जिसमें 34,955 मेगावाट की सोलर क्षमता और 4,613 मेगावाट की विंड क्षमता शामिल है।
सरकार ने बताया कि यह किसी एक वित्त वर्ष में ऊर्जा क्षमता में हुई अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। इससे पहले के वित्त वर्ष 2024-25 में ऊर्जा क्षमता में 34,054 मेगावाट की वृद्धि हुई थी।
सरकार की ओर से नई दिल्ली के यशोभूमि में भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 का 19 मार्च से 22 मार्च के बीच आयोजित की जा रही है। यह पावर और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर पर एक बड़ी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस-कम-एग्जीबिशन है।
दस्तावेज में बताया गया कि केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। विद्युत प्रणाली के ट्रांसमिशन और ट्रांसफॉरमेशन सिस्टम को मजबूत करने पर भी उतना ही ध्यान दिया गया है। राज्यों में उत्पादन केंद्रों से लोड केंद्रों तक बिजली को कुशलतापूर्वक पहुंचाने के लिए नए सबस्टेशन, उन्नत ट्रांसफार्मर और विस्तारित उच्च क्षमता वाले ट्रांसमिशन कॉरिडोर विकसित किए गए हैं। इन निवेशों से बाधाएं कम होती हैं, ग्रिड की स्थिरता में सुधार होता है और विभिन्न ऊर्जा स्रोतों को राष्ट्रीय ग्रिड में सुचारू रूप से एकीकृत करना संभव होता है।
सरकार ने बताया कि भारत के नेशनल पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसने 5 लाख सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) से अधिक ट्रांसमिशन लाइनों का विस्तार किया है और इसकी कुल ट्रांसफॉरमेशन क्षमता 1,407 गीगावोल्ट एम्पीयर (जीवीए) तक पहुंच गई है। उत्पादन और नेटवर्क दोनों को एक साथ मजबूत करके, भारत ने एक ऐसे विद्युत क्षेत्र की नींव रखी है जो न केवल आज बल्कि भविष्य में भी विकास को समर्थन देने में सक्षम है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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