Responsive Scrollable Menu

UK में पढ़ाई करने का सुनहरा मौका, भारतीय छात्रों को मिल रही 50% तक स्कॉलरशिप; Last Date से पहले कर दें आवेदन

UK University Scholarships: अगर आप ब्रिटेन में पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी (NTU) ने भारतीय छात्रों के लिए एक खास स्कॉलरशिप का ऐलान किया है. इस स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को ट्यूशन फीस में 50% तक की छूट मिल सकती है. यह स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए है जिनका पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन है और जो यूनिवर्सिटी की गतिविधियों में सक्रिय योगदान देना चाहते हैं. 

कैसे मिलती है स्कॉलरशिप?

इस स्कॉलरशिप का नाम 'एक्सलेंस स्कॉलरशिप' है और यह पूरी तरह मेरिट यानी योग्यता के आधार पर दी जाती है. लेकिन इसके लिए आवेदन करने से पहले आपको यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना जरूरी है. इसके अलावा, आपको इंटरनेशनल (विदेशी) छात्र की कैटेगरी में होना चाहिए.

3 चरणों में होता है आवेदन

स्कॉलरशिप के आवेदन तीन चरणों (राउंड) में लिए जाएंगे. इनके लिए 25 मार्च 2026, 22 अप्रैल 2026 और 24 जून 2026 आखिरी तारीखें हैं.
इसलिए अगर आप इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो देर न करें. जल्दी आवेदन करने से आपको वीजा प्रोसेस और अन्य तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा. साथ ही, हर साल हजारों छात्र इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करते हैं, इसलिए प्रतिस्पर्धा भी काफी ज्यादा होती है.

अंडरग्रेजुएट (UG) छात्रों के लिए जानकारी

अगर आप अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो स्कॉलरशिप के पहले साल में आपको ट्यूशन फीस में 25% से 50% तक की छूट मिल सकती है. इसके बाद के सालों में आपको हर साल 3000 पाउंड तक की सहायता मिल सकती है. पूरे कोर्स के दौरान कुल स्कॉलरशिप राशि लगभग 10,675 पाउंड से लेकर 15,350 पाउंड (करीब 13 लाख से 19 लाख रुपये) तक हो सकती है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको कितनी छूट मिलती है और आपका कोर्स कितने साल का है.

यह भी पढ़ें: सरकार दे रही हर साल 20 हजार तक की Scholarship, यहां जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया सबकुछ

पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्रों के लिए जानकारी

अगर आप पोस्टग्रेजुएट कोर्स करना चाहते हैं, तो स्कॉलरशिप की राशि 2000 पाउंड से लेकर 12,500 पाउंड तक हो सकती है. यह पूरी तरह आपके कोर्स और आपकी योग्यता पर निर्भर करता है. PG छात्रों के लिए भी यह जरूरी है कि वे पहले यूनिवर्सिटी में एडमिशन लें, तभी वे स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं. अच्छे अकादमिक रिकॉर्ड और लीडरशिप स्किल्स वाले छात्रों को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है.

यह भी पढ़ें: Scholarship: इस अमेरिकी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की हो गई मौज, खाना-पीना और पढ़ाई-लिखाई हो जाएगा माफ

क्या है जरूरी शर्तें

इस स्कॉलरशिप को पाने के लिए कुछ शर्तें तय गई हैं, जैसे ये छात्रवृत्ति सिर्फ नए छात्रों को ही दी जाएगी. इसके अलावा जो छात्र पहले से NTU में एडमिशन ले चुके हैं, वे इसके लिए योग्य नहीं होंगे. यह स्कॉलरशिप केवल पहले वर्ष (फर्स्ट ईयर) के छात्रों को दी जाएगी. अगर आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और आर्थिक मदद की तलाश में हैं, तो NTU की यह स्कॉलरशिप आपके लिए एक बेहतरीन मौका हो सकती है. सही समय पर आवेदन करें, अपनी तैयारी मजबूत रखें और अपने सपनों को सच करने की दिशा में आगे बढ़ें.

यह भी पढ़ें: क्या होती है NMMS परीक्षा? जो स्कूली छात्रों को देती है 48 हजार तक की Scholarship

यह भी पढ़ें: Scholarship Scheme: श्रमिकों के बच्चों को अब मिलेगी डबल स्कॉलरशिप, श्रम मंत्रालय ने बदले अपने नियम

Continue reading on the app

अभी खरीदें सोना-चांदी...!, क्या सच में हुआ सस्ता, ईरान-इजरायल जंग के थमने का करें इंतजार?

Iran Israel war why gold price falling: मिडिल ईस्ट में जारी Iran–Israel conflict के बीच आमतौर पर सोने-चांदी की कीमतें बढ़ जाती हैं, लेकिन भारत में पिछले कुछ दिनों में इनके दाम में गिरावट देखी गई है. इससे लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि युद्ध के माहौल में भी कीमती धातुएं सस्ती क्यों हो रही हैं. आइए आपको इस बारे में पूरी डिटेल में बताते हैं.

जंग के बीच भी सोने के दाम में नरमी क्यों?

भारत में हाल के दिनों में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. बुलियन बाजार के कारोबारियों का कहना है कि पिछले दिनों सोने के भाव तेजी से बढ़े थे, इसलिए निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. इसका असर घरेलू बाजार पर पड़ा और कई शहरों में सोने की कीमतों में कमी देखने को मिली. यही वजह है कि युद्ध के माहौल के बावजूद अब सोना थोड़ा सस्ता हुआ है.

ईरान-इजरायल जंग के बीच भारत में ये 3 चीजें हुईं सस्ती...

चांदी की कीमतों में भी आई गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी के दाम भी कमजोर पड़े हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में हल्की सुस्ती आई है. एक्सपर्ट मानते हैं कि निवेशकों की सतर्कता के कारण चांदी के भाव में नरमी आई है. सर्राफा कारोबारियों के अनुसार वैश्विक स्तर पर उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है, इसलिए यहां भी चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है.

क्या निवेशकों की रणनीति ने बदला ट्रेंड? सोना चांदी के दाम हुए कम...

आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोना खरीदते हैं. लेकिन इस बार कई निवेशकों ने पहले से खरीदे सोने में मुनाफा बुक किया था. इसके अलावा डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भी कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है.

भारत में सोना-चांदी के दाम
 
तारीख        24 कैरेट सोना (10 ग्राम)    चांदी (1 किलो)

19 मार्च 2026       ₹1,51,910                                             ₹2,36,700
18 मार्च 2026       ₹1,57,420                                             ₹2,46,200
17 मार्च 2026      ₹1,55,700 (लगभग)                                 ₹2,56,700
16 मार्च 2026      ₹1,55,000 (लगभग)                                 ₹2,58,100

आगे क्या होगा, क्या भारत में सोना चांदी के दाम होंगे कम या बढ़ेंगे? 

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा चलता है तो आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं. मिडिल ईस्ट का इलाका दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है और Strait of Hormuz जैसे मार्गों में किसी भी तरह की बाधा वैश्विक बाजार को प्रभावित कर सकती है. इसका असर निवेश और कमोडिटी कीमतों पर भी पड़ता है.


 
FAQ 

Q1. क्या ईरान-इजरायल जंग के बीच भारत में सोना सस्ता हुआ है?

उत्तर- हां, हाल के दिनों में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिसका कारण मुनाफावसूली और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव माना जा रहा है.

Q2. चांदी के दाम क्यों गिरे हैं?

उत्तर- अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में कमी और निवेशकों की सतर्कता के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट आई है.

Q3. क्या युद्ध के समय सोना आमतौर पर महंगा होता है?

उत्तर- अक्सर युद्ध या वैश्विक संकट के समय सोने की मांग बढ़ जाती है, जिससे इसकी कीमत बढ़ती है.

Q4. क्या आगे सोने-चांदी के दाम बढ़ सकते हैं?

उत्तर- अगर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर लौट सकते हैं, जिससे सोने-चांदी की कीमतें बढ़ सकती हैं.

Q5. भारत में सोने की कीमत किन चीजों से प्रभावित होती है?

उत्तर- वैश्विक बाजार, डॉलर की कीमत, मांग-आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे कई वजह से भारत में सोने-चांदी के दाम तय करते हैं.

ये भी पढ़ें: 'इजरायल ने बम मारा तो जूस पी​ती रहीं लड़कियां...', देखें वीडियो

डिस्क्लेमर:यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है. सोना-चांदी या किसी भी प्रकार के निवेश से जुड़ा फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें. बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है और कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है. इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर किए गए किसी भी निवेश के लिए News Nation या लेखक जिम्मेदार नहीं होंगे. निवेश करने से पहले अपने स्तर पर पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है.

Continue reading on the app

  Sports

Gautam Gambhir Case: गौतम गंभीर ने मांगा 2.5 करोड़ का हर्जाना, इस बात से परेशान होकर किया केस

गौतम गंभीर के खिलाफ पिछले कुछ समय से लगातार सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और बयानबाजियां फैलाई जा रही हैं. इस बात से परेशान होकर अब टीम इंडिया के हेड कोच ने 2.5 करोड़ का हर्जाना मांग लिया है. Thu, 19 Mar 2026 15:07:22 +0530

  Videos
See all

Jag Laadki in India: 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल भारत पहुंचा | Oil Crisis | Middle East Conflict #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-19T09:30:12+00:00

Iran America War Update: क्या वाशिंगटन में घुसे ईरानी ड्रोन? भागे ट्रंप के मंत्री! | Trump | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-19T09:35:00+00:00

Shorts : फरमान ने मोनालिसा को दिया धोखा ? | Top News | Viral News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-19T09:30:09+00:00

US-Israel Iran Updates: इजराइल के नेतन्या में ईरान का बड़ा हमला! | Trump | Khamenei | Netanyahu #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-19T09:30:33+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers