एक तरफ मिडिल ईस्ट में ईरान की इजराइल और अमेरिका के साथ बेहद खतरनाक जंग बढ़ती जा रही है। मिसाइलें, ड्रोन और एयर स्ट्राइक हर दिन हालात और ज्यादा गंभीर बनते जा रहे हैं। लेकिन इसी बीच भारत ने चुपचाप एक ऐसा कदम उठा लिया जिसने पूरी दुनिया को साफ संदेश दिया कि भारत अब सिर्फ देख नहीं रहा बल्कि पूरी तैयारी में है। भारत ने पहली बार पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट के दो प्रोडक्शन बेंचों का सफल परीक्षण किया और उसकी वीडियो आपके सामने है। यह कोई साधारण डिश नहीं है बल्कि यह भारत की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस ऐतिहासिक परीक्षण को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अंजाम दिया गया। वही पोखरण जहां भारत ने अपने परमाणु परीक्षणों से दुनिया को चौंका दिया था और अब उसी धरती से एक बार फिर भारत की ताकत की गूंज सुनाई दे रही है। इस टेस्ट में कुल 24 पिनाका एनहांस रॉकेट ल्च किए गए।
इनका उद्देश्य था इनकी सटीकता, निरंतरता और मारक क्षमता को परखना और रिपोर्ट्स के मुताबिक इन रॉकेट्स ने हर पैरामीटर पर शानदार प्रदर्शन किया। अब सवाल उठता है कि यह पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट आखिर है क्या? दरअसल पिनाका एक मल्टीबैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम है जिसे पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है। यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में दर्जनों रॉकेट दाग सकता है और दुश्मन के बड़े इलाके को तबाह करने की क्षमता रखता है। लेकिन इस नए वर्जन यानी कि एक्सटेंडेड रेंज की खास बात यह है कि इसकी मारक क्षमता पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दी गई है। जहां पहले इसकी रेंज करीब 40 कि.मी. थी, वहीं अब 70 से 90 कि.मी. तक सटीक वार कर सकता है। यानी अब भारतीय सेना दुश्मन को दूर से और ज्यादा सटीक तरीके से निशाना बना सकती है। और सबसे बड़ी बात यह टेस्ट सिर्फ एक प्रोटोटाइप का नहीं था बल्कि दो अलग-अलग प्रोडक्शन बेंचों का था। इसका मतलब होता है कि अब यह टेक्नोलॉजी सिर्फ लैब तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है।
इस पूरे परीक्षण को प्राइवेट डिफेंस कंपनी सोलार ग्रुप ने अंजाम दिया। यह दिखाता है कि भारत में प्राइवेट सेक्टर भी अब डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। अब जरा इस खबर को ग्लोबल परिपेक से समझिए। एक तरफ ईरान और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका भी संघर्ष में सीधे शामिल है। पूरी दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। ऐसे में भारत का यह परीक्षण सिर्फ एक सैन्य उपलब्धि नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश है। संदेश यह है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। संदेश यह है कि भारत अब किसी पर निर्भर नहीं है और संदेश यह है कि भारत अब टेक्नोलॉजी और ताकत दोनों में तेजी से आगे बढ़ चुका है। बता दें, आधुनिक युद्ध सिर्फ सैनिकों की संख्या से नहीं जीते जाते। आज की लड़ाई टेक्नोलॉजी सटीकता और दूरी से लड़ी जाती है और पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट इसी नई युद्ध नीति का सबसे बड़ा हिस्सा है। खैर आज जब दुनिया में हर तरफ अनिश्चितता है। ऐसे समय में भारत का और मजबूत होना बेहद जरूरी है और पिनाका रॉकेट का यह सफल परीक्षण उसी दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। तो कुल मिलाकर जहां एक तरफ दुनिया जंग की आग में जल रही है वहीं भारत अपनी ताकत को और मजबूत कर रहा है और यही है नया भारत शांत भी लेकिन शक्तिशाली भी।
पिनाका की खासियत
यह रॉकेट लॉन्चर स्वदेशी है।
214MM है इसका कैलिबर, 40 किमी रेंज
12 रॉकेट होते हैं इसके हर रॉकेट लॉन्चर में
पिनाका की एक बैटरी में 6 वीइकल यानी 72 रॉकेट होते हैं।
75 किमी. रेंज वाले पिनाका रॉकेट का परोक्षण हो चुका, सेना में शामिल करने की तैयारी है।
रेंज 300 किमी. तक करने की भी योजना है।
Continue reading on the app
भारत ने ईरान को चिकित्सा सहायता की पहली खेप भेजी है, जो इस समय इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संघर्ष में उलझा हुआ है। यह खेप भारत की ओर से ईरानी जनता को भेजी गई पहली मानवीय सहायता है। इसके जवाब में, ईरान ने मुश्किल समय में मदद के लिए भारत के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। भारत में स्थित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने एक्स पोस्ट में कहा कि भारत के सम्मानित लोगों की ओर से भेजी गई चिकित्सा सहायता की पहली खेप ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंप दी गई है। हम भारत के दयालु लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
ईरानी दूतावास ने दान के लिए आधिकारिक खाता साझा किया
इससे पहले, भारत में ईरानी दूतावास ने भी दान के संबंध में एक संदेश साझा किया था। दूतावास ने भारतीयों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और दान करने के लिए एक आधिकारिक खाता संख्या जारी की। सूत्रों के मुताबिक, अभी तक भारत सरकार की तरफ से ईरान को किसी तरह की मदद नहीं भेजी गई है। ईरानी दूतावास ने भी अपनी पोस्ट में कहा था कि मदद भारत के लोगों की तरफ से है, इसमें भारत सरकार का कहीं जिक्र नहीं था। भारत में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया था कि यह मदद ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपी गई है. पोस्ट में दूतावास ने भारत के लोगों के प्रति आभार जताया।
कई ईरानी नेताओं और अधिकारियों की हत्या
इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज़ ने बुधवार को घोषणा की कि इजरायली हमलों में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब मारे गए। यह घटना दो अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों - ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी और ब्रिगेडियर जनरल गुलामरेज़ा सुलेमानी - की हत्या के ठीक एक दिन बाद हुई। काट्ज़ ने आगे कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को बिना किसी अतिरिक्त अनुमति के, अपनी सूची में शामिल किसी भी अन्य उच्च पदस्थ ईरानी अधिकारी को निशाना बनाने और खत्म करने की अनुमति दे दी है।
ट्रम्प ने ईरान को 'आतंकवाद का प्रायोजक' बताया
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 'आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक' बताया और कहा कि इससे निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाए गए हैं। ट्रम्प ने अमेरिका के सहयोगियों पर भी कटाक्ष करते हुए उन्हें 'गैर-जिम्मेदार' बताया।
Continue reading on the app