पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद के अवसर पर की युद्धविराम की घोषणा
काबुल, 19 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद-उल-फ़ितर के अवसर पर शत्रुता में “अस्थायी विराम” की घोषणा की। यह कदम सऊदी अरब, तुर्की और क़तर की अपीलों के बाद उठाया गया। हालांकि, अफगानिस्तान द्वारा पाकिस्तान पर सौ से अधिक लोगों की मौत वाले घातक हमले का आरोप लगाए जाने के बाद अभी भी तनाव बना हुआ है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारर ने यह घोषणा सोशल साइट एक्स पर की लेकिन कुछ घंटे बाद ही ताजातरीन हवाई हमले कथित तालिबान ठिकानों पर सीमा के पास दर्ज किए गए।
तारर ने कहा कि ईद-उल-फ़ितर को ध्यान में रखते हुए अपनी पहल पर और भाईचारे वाले इस्लामिक देशों सऊदी अरब, कतर और तुर्की के अनुरोध पर पाकिस्तान ने ऑपरेशन ग़ज़ाब-लिल-हक़ के दौरान अस्थायी विराम की घोषणा करने का निर्णय लिया है।
तारर ने स्पष्ट किया कि यह विराम “18/19 मार्च की मध्यरात्रि से 23/24 मार्च की मध्यरात्रि तक” लागू रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी सीमा पार हमले, ड्रोन हमले या पाकिस्तान में आतंकवादी घटना होने पर ऑपरेशन तुरंत फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
पाकिस्तान की घोषणा के तुरंत बाद अफगान सरकार के प्रवक्ता ज़बिउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगान सुरक्षा व रक्षा बल भी ईद की अवधि के दौरान सऊदी अरब, तुर्की व क़तर की समान अपीलों के जवाब में रक्षात्मक संचालन रोकेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उकसाया गया तो अफगानिस्तान तुरंत जवाब देने में संकोच नहीं करेगा और कहा कि अफगानिस्तान “किसी भी खतरे की स्थिति में आक्रमण का साहसपूर्वक जवाब देगा।”
इस संघर्ष विराम की घोषणा उस दिन के बाद आई है जब तालिबान के नेतृत्व वाले प्रशासन ने काबुल में पाकिस्तान पर घातक हमला करने का आरोप लगाया। उप-प्रवक्ता हम्दुल्लाह फ़ित्रात ने आरोप लगाया कि सोमवार रात को काबुल में एक नशामुक्ति केंद्र को निशाना बनाकर बमबारी की गई, जिसमें कम से कम 400 लोगों की मौत हुई और लगभग 250 लोग घायल हुए।
अफगानिस्तान में बुधवार को इस हमले में मारे गए लोगों के लिए सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया, जिसने दुनिया का व्यापक ध्यान और निंदा खींची।
अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री सिराजुद्दीन हक़्क़ानी ने इस हमले को “मानवता और इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ अत्यंत घृणित और नीच कृत्य” बताया, जैसा कि तोलो न्यूज़ ने रिपोर्ट किया।
हालांकि संघर्षविराम की अस्थायी अवधि के बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों पक्ष आगे की बढ़ोतरी होने पर जवाब देने के लिए तैयार रहने का संकेत दे रहे हैं।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बढ़ते स्क्रीन टाइम के बीच ‘हमिंग बी ब्रीदिंग’ का कमाल, भ्रामरी प्राणायाम से पाएं मानसिक शांति और ऊर्जा
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। आज के समय शारीरिक दिनचर्या से ज्यादा लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इस आदत की वजह से लोग कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में दिन की शुरुआत किसी गैजेट में अपना समय बर्बाद करने के बजाय कुछ पल शांत श्वास व्यायाम से करने पर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा।
इन्हीं में से एक सरल और प्रभावी प्राणायाम भ्रामरी है, जिसे अंग्रेजी में हमिंग बी ब्रीदिंग कहा जाता है। यह व्यायाम दिमाग को कुछ ही मिनटों में शांत कर देता है और पूरे दिन के लिए सकारात्मक ऊर्जा देता है।
भ्रामरी प्राणायाम का नाम भारत में पाई जाने वाली काले रंग की मधुमक्खी, जिसे भंवरा भी कहते हैं, उसके नाम पर रखा गया है। इस प्राणायाम में सांस छोड़ते समय भंवरे जैसी गूंजती हुई आवाज निकाली जाती है, इसलिए इसे भ्रामरी कहा जाता है।
यह प्राणायाम अष्ट कुंभक के प्राणायामों में पाया जाता है। अष्ट कुंभक का मतलब है प्राणायाम की आठ खास और उन्नत विधियां। इनका वर्णन प्राचीन योग ग्रंथ हठ योग प्रदीपिका में मिलता है। इन सभी प्राणायामों का मुख्य उद्देश्य शरीर की सूक्ष्म ऊर्जा को जागृत करना और सांस लेने की क्षमता को बढ़ाना होता है।
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास को न केवल मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लाभकारी बताया बल्कि, छोटे बच्चों और बड़ों के लिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
मंत्रालय के अनुसार, भ्रामरी शब्द भ्रमर से लिया गया है। इस प्राणायाम में निकलने वाली ध्वनि भंवरे के गुंजन जैसी होती है, इसलिए इसे भ्रामरी प्राणायाम कहा जाता है। यह शांतिकारक प्राणायाम तनाव, चिंता, क्रोध और मानसिक अतिसक्रियता को कम करने में बेहद प्रभावी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भंवरे जैसी ध्वनि का प्रतिध्वनिक प्रभाव मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। यह तनाव संबंधी विकारों जैसे अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव को दूर करने में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है और ध्यान की शुरुआत के लिए यह उत्कृष्ट तैयारी प्रदान करता है।
--आईएएनएस
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