बढ़ते स्क्रीन टाइम के बीच ‘हमिंग बी ब्रीदिंग’ का कमाल, भ्रामरी प्राणायाम से पाएं मानसिक शांति और ऊर्जा
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। आज के समय शारीरिक दिनचर्या से ज्यादा लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इस आदत की वजह से लोग कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में दिन की शुरुआत किसी गैजेट में अपना समय बर्बाद करने के बजाय कुछ पल शांत श्वास व्यायाम से करने पर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा।
इन्हीं में से एक सरल और प्रभावी प्राणायाम भ्रामरी है, जिसे अंग्रेजी में हमिंग बी ब्रीदिंग कहा जाता है। यह व्यायाम दिमाग को कुछ ही मिनटों में शांत कर देता है और पूरे दिन के लिए सकारात्मक ऊर्जा देता है।
भ्रामरी प्राणायाम का नाम भारत में पाई जाने वाली काले रंग की मधुमक्खी, जिसे भंवरा भी कहते हैं, उसके नाम पर रखा गया है। इस प्राणायाम में सांस छोड़ते समय भंवरे जैसी गूंजती हुई आवाज निकाली जाती है, इसलिए इसे भ्रामरी कहा जाता है।
यह प्राणायाम अष्ट कुंभक के प्राणायामों में पाया जाता है। अष्ट कुंभक का मतलब है प्राणायाम की आठ खास और उन्नत विधियां। इनका वर्णन प्राचीन योग ग्रंथ हठ योग प्रदीपिका में मिलता है। इन सभी प्राणायामों का मुख्य उद्देश्य शरीर की सूक्ष्म ऊर्जा को जागृत करना और सांस लेने की क्षमता को बढ़ाना होता है।
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास को न केवल मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लाभकारी बताया बल्कि, छोटे बच्चों और बड़ों के लिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
मंत्रालय के अनुसार, भ्रामरी शब्द भ्रमर से लिया गया है। इस प्राणायाम में निकलने वाली ध्वनि भंवरे के गुंजन जैसी होती है, इसलिए इसे भ्रामरी प्राणायाम कहा जाता है। यह शांतिकारक प्राणायाम तनाव, चिंता, क्रोध और मानसिक अतिसक्रियता को कम करने में बेहद प्रभावी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भंवरे जैसी ध्वनि का प्रतिध्वनिक प्रभाव मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। यह तनाव संबंधी विकारों जैसे अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव को दूर करने में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है और ध्यान की शुरुआत के लिए यह उत्कृष्ट तैयारी प्रदान करता है।
--आईएएनएस
एनएस/वीसी
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वेनेजुएला और ईरान के बाद इस देश पर हमला कर सकत है अमेरिका, खुद डोनाल्ड ट्रंप ने किया इशारा
अमेरिका ने वेनेजुएला के बाद ईरान पर हमला कर दिया है. ईरान पर अमेरिका और इस्राइल ताबड़तोड़ हमला कर रहे हैं. दोनों देशों ने मिलकर ईरान के सबसे ताकतवर शख्स यानी ईरान के सुप्रीम कमांडर अयातुल्ला अली खामेनेई को ढेर कर दिया. दोनों देशों ने ईरान के कई टॉप लेवल अधिकारियों को भी मौत के घाट उतार दिया है. वेनेजुएला और ईरान के बाद अमेरिका की नजर अब एक और देश पर पड़ गई है. खुद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी जानकारी दी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नजर अब जिस देश पर है, उसका नाम है- क्यूबा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे अब क्यूबा को अपने कब्जे में लेने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं किसी ने किसी रूप में क्यूबा को हासिल करूंगा, फिर चाहे मैं उसे आजाद करवाऊं या फिर उसे अपने नियंत्रण में ले लूं. मैं उसके साथ कुछ भी कर सकता हूं.
ट्रंप का बयान चौंकाने वाला
अमेरिकी मीडिया न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप का ये बयान काफी ज्यादा चौंकाने वाला है. अमेरिका के इतिहास में कई राष्ट्रपतियों के क्यूबा के साथ रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं पर किसी ने भी इस प्रकार खुलेआम क्यूबा को कब्जाने की बात नहीं की थी.
65 वर्षों से दोनों देशों के रिश्ते खराब
डोनाल्ड ट्रंप इस साल पहले ही वेनेजुएला और ईरान को निशाना बना चुके हैं. इस वजह से उनके बयान को मजाक और अचानक कही गई बात ही माना जा रहा है. हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि ये ट्रंप का संभावित कदम हो सकता है क्योंकि पिछले 65 वर्षों से अमेरिका और क्यूबा के रिश्तों में दरार आई हुई है.
क्यूबा में खराब हुए हालात
ट्रंप ने इससे पहले एक बार एयरफोर्स वन में भी कहा था कि मैं क्यूबा को संभाल रहा हूं. हम जल्द ही कोई डील करेंगे या फिर जो भी करना होगा करेंगे. उन्होंने साफ किया कि उनकी पहली प्राथमिकता ईरान है और उसके बाद क्यूबा. बता दें, अमेरिका काफी समय से क्यूबा पर दबाव बना रहा है. अमेरिका ने जनवरी से ही क्यूबा को हो रही तेल सप्लाई को रोक दिया है. उन्होंने दूसरे देशों को भी चेतावनी दी है कि वह क्यूबा को तेल न दे. अमेरिका के कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा लेकर जा रहे तेल के एक टैंकर को भी रोक दिया था.
तेल सप्लाई रुकने का क्यूबा में साफ असर दिखाई दे रहा है. यहां नौ जनवरी के बाद से तेल की कोई भी बड़ी सप्लाई नहीं हुई है. वहां के हालात तेजी से खराब हो रहे हैं. क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल 35 डॉलर प्रति गैलन के आसपास पहुंच गया है. वहां हर रोज बिजली कट रही है. अस्पतालों में सर्जरी टल रही है. दवाईयों और खाने की कमी हो रही है. क्यूबा की सरकार पर दबाव बढ़ने लगा है.
ट्रम्प से डील की कोशिश कर रहा क्यूबा
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने हाल ही में देश के नाम संबोधन किया था. उन्होंने कहा था कि अमेरिका से बातचीत हो रही है. जल्द ही अर्थव्यवस्था को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. अमेरिका चाहता है कि क्यूबा के राष्ट्रपति डियाज कैनेल अपने पद से इस्तीफा दे दें. अमेरिका यहां भी वेनेजुएला जैसी रणनीति ही अपना सकते हैं.
रूस बोला- जरूरत पड़ी तो क्यूबा की मदद करेंगे
ट्रंप के बयानबाजी के बीच रूस ने बड़ा संकेत दे दिया है. रूस ने साफ कर दिया है कि वह समय आने पर क्यूबा का समर्थन कर सकता है. दोनों देशों के अधिकारी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में है. क्यूबा में हालात इतने खराब हो गए हैं कि बड़े से बड़े ऐलान को भी टीवी की बजाए रेडियो पर करना पड़ रहा है क्योंकि वहां बिजली ही नहीं है. मंगलवार सुबह तक राजधानी हवाना के करीब 70 प्रतिशत हिस्से में बिजली नहीं थी.
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