अमेरिका में इमिग्रेशन पर सख्त रुख, मार्कवेन मुलिन बोले-कानून तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
वाशिंगटन, 19 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के गृह सुरक्षा सचिव पद के नामित मार्कवेन मुलिन ने कहा कि वे कानूनी आव्रजन का समर्थन करते हैं, लेकिन इमिग्रेशन कानूनों के सख्त प्रवर्तन पर जोर देंगे।
संयुक्त राज्य सीनेट में स्थानीय समय के अनुसार बुधवार को गवाही देते हुए उन्होंने कानूनी और अवैध प्रवास के बीच स्पष्ट अंतर बताया।
मार्कवेन मुलिन ने कहा कि जो लोग नियमों का पालन करते हैं, उनके लिए व्यवस्था लगातार काम करती रहनी चाहिए। अमेरिका में सोमवार से शुक्रवार तक नियमित रूप से नागरिकता (नेचुरलाइजेशन) समारोह होते हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो लोग कानूनी तरीके से अपनी स्थिति हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके साथ सरकार काम करती रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सख्त प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है। उनके अनुसार, गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कई सीनेटरों ने चिंता जताई कि प्रवर्तन कार्रवाई का असर उन लोगों पर भी पड़ रहा है जो कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहे हैं। कुछ मामलों का जिक्र किया गया, जहां लोग इमिग्रेशन से जुड़े अपॉइंटमेंट के दौरान हिरासत में लिए गए।
इस पर मार्कवेन मुलिन ने कहा कि उन्हें ऐसे खास मामलों की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने दोहराया कि जो लोग कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। उन्हें उसी तरह आगे बढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, अगर लोग सही तरीके से प्रक्रिया में हैं तो हम उनके साथ काम जारी रखेंगे।
उन्होंने साफ संकेत दिया कि कानून लागू करने के मामले में कोई ढील नहीं दी जाएगी। हम यह नहीं चुन सकते कि कौन से कानून लागू करें और कौन से नहीं।
मार्कवेन मुलिन ने प्रवर्तन के तरीके में बदलाव की भी बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय प्रशासन के साथ ज्यादा तालमेल बनाकर काम किया जाए।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कोई सामान्य नियम बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि हर मामला परिस्थितियों और कानूनी वारंट पर निर्भर करेगा। मैं हमेशा अपने कानून प्रवर्तन अधिकारियों का समर्थन करूंगा।
जहां डेमोक्रेटिक सांसद नागरिक स्वतंत्रता और बल प्रयोग को लेकर चिंतित दिखे, वहीं रिपब्लिकन सांसद सीमा सुरक्षा और सख्त प्रवर्तन पर जोर देते नजर आए।
मार्कवेन मुलिन ने कहा कि उनका लक्ष्य डीएचएस पर जनता का भरोसा फिर से कायम करना है। उन्होंने माना कि प्रवर्तन को लेकर लोगों में चिंता है। उन्होंने कहा, मेरा लक्ष्य है कि छह महीने में हम हर दिन सुर्खियों में न रहें।
हालांकि उन्होंने वीजा कार्यक्रमों में किसी बदलाव का प्रस्ताव नहीं दिया, लेकिन उनके बयान से साफ है कि निगरानी और अनुपालन (कम्प्लायंस) और सख्त हो सकता है। इसका असर स्किल्ड वर्कर्स, ग्रीन कार्ड आवेदकों और अन्य प्रवासियों पर पड़ सकता है।
डीएचएस इमिग्रेशन प्रवर्तन, सीमा सुरक्षा और कानूनी प्रवास प्रणाली के कुछ हिस्सों की देखरेख करता है। इसकी नीतियां वीजा धारकों, शरणार्थियों और स्थायी निवास के आवेदकों पर सीधा असर डालती हैं।
अब सीनेट मार्कवेन मुलिन की नियुक्ति पर जल्द फैसला ले सकती है। सीनेटरों ने संकेत दिया है कि कुछ मुद्दों पर ज्यादा स्पष्टता के लिए चर्चा की जा सकती है।
--आईएएनएस
वीकेयू/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने ईंधन आपूर्ति के लिए की टास्क फोर्स की घोषणा
कैनबरा, 19 मार्च (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बेनेस ने गुरुवार को घोषणा की कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच संघीय सरकार ने ईंधन सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन किया है।
राज्यों और क्षेत्र के नेताओं से मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बेनेस ने पत्रकारों से कहा कि सरकार “ऑस्ट्रेलिया की ईंधन आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।”
उन्होंने कहा, “मैं इस समय ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ऑस्ट्रेलिया अच्छी तरह तैयार है। हमारी ईंधन आपूर्ति वर्तमान में सुरक्षित है लेकिन मैं चाहता हूं कि हम अतिरिक्त रूप से तैयार रहें।”
उन्होंने कहा, “मैं आज ऑस्ट्रेलियाई लोगों से अपना संदेश दोहराता हूं कि कृपया जितना जरूरी हो, उतना ही ईंधन लें। यही तरीका है जिससे आप मदद कर सकते हैं।”
उन्होंने घोषणा की कि एंथिया हैरिस, ऑस्ट्रेलियन एनर्जी रेगुलेटर और एनर्जी सिक्योरिटी बोर्ड की पूर्व सीईओ को नए राष्ट्रीय ईंधन आपूर्ति टास्क फोर्स का समन्वयक नियुक्त किया गया है और हर राज्य व क्षेत्र इसी तरह किसी न किसी व्यक्ति को नियुक्त करेगा।
अलबेनेस ने कहा कि यह टास्क फोर्स संघीय, राज्य और क्षेत्रीय सरकारों के बीच ईंधन सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती में समन्वय बढ़ाएगा।
यह घोषणा ऑस्ट्रेलियन कंपटीशन एंड कंज्यूमर कमीशन (एसीसीसी) द्वारा देश के प्रमुख ईंधन आपूर्तिकर्ताओं के कथित एंटी कंपटीटिव व्यवहार की जांच शुरू करने के तुरंत बाद आई।
एसीसीसी ने कहा कि इस जांच की शुरुआत स्वतंत्र थोक विक्रेताओं और ग्रामीण व क्षेत्रीय ऑस्ट्रेलिया को सेवाएं देने वाले वितरकों को डीज़ल उपलब्धता से संबंधित रिपोर्टों के जवाब में की गई है, जिसकी जानकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।
प्रधानमंत्री ने बुधवार को मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के ‘सबसे खराब’ प्रभाव से देशवासियों की रक्षा के लिए नए कदमों का संकेत दिया था।
ऑटोमोटिव उद्योग कार्यक्रम में दिए गए भाषण में अल्बेनेस ने बुधवार को मध्य पूर्व के संघर्ष को 2020 के दशक में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद आया एक और “बड़ा झटका” बताया।
--आईएएनएस
पीएम
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