'मुझे नहीं लगी इसकी भनक', ईरान के सबसे बड़े गैस भंडार पर इजरायली हमले को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने जताई नाराजगी
US-Iran War: पूरा मध्य पूर्व इनदिनों युद्ध की आग में जल रहा है. अमेरिका और इजरायली हमलों से बौखलाया ईरान खाड़ी के देशों को निशाना बना रहा है. अब ईरान ने मध्य पूर्व में तेल और गैस संयंत्रों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. इस बीच बुधवार को इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े गैस संयंत्र पर हमला कर दिया. जिससे संयंत्र को भारी नुकसान हुआ है. इस हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के तेल-गैस ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दाग दिए. इजरायल की ओर से ईरान के गैस संयंत्र पर किए गए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है. ट्रंप ने कहा है कि उन्हें इस हमले की भनक तक नहीं लगी और उनका इस हमले से कोई लेना देना नहीं है.
ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद क्या बोले ट्रंप?
बता दें कि इजरायल ने बुधवार को ईरान के विशाल साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया. जिसकी दुनियाभर के देशों ने आलोचना की. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले से खुद को पीछे खींच लिया. इसके साथ ही ट्रंप ने साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमले का पूरा दोष इजरायल पर डाल दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि, अब इजरायल ईरान के प्रमुख साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर कोई और हमला नहीं करेगा. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान फिर से कतर पर हमला किया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और पूरे क्षेत्र को "बड़े पैमाने पर उड़ा देगा."
Statement from President Trump on South Pars Gas Field: pic.twitter.com/YrjhDdGTxP
— The White House (@WhiteHouse) March 19, 2026
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किया पोस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया. उनके ये पोस्ट तब आया है जब मिडिट ईस्ट की इस जंग ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हाहाकार मचा दिया है और ईरानी मिसाइलों ने कतर पर जवाबी हमला किया है. ट्रंप ने कहा है, "मैं हिंसा और विनाश के इस स्तर को अधिकृत नहीं करना चाहता, क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा." उन्होंने कहा कि अगर कतर की तरल प्राकृतिक गैस साइटों पर ईरान ने फिर से हमला किया गया तो वह "ऐसा करने में पीछे नहीं हटेगा."
इजरायल ने क्रोधित होकर किया हमला- ट्रंप
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल हैंडल पर पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "मध्य पूर्व में जो कुछ हुआ उससे क्रोधित होकर इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड नाम के एक प्रमुख सुविधा पर हिंसक हमला किया है. जिससे संपूर्ण का अपेक्षाकृत छोटा भाग प्रभावित हुआ है. संयुक्त राज्य अमेरिका को इस हमले की कोई जानकारी नहीं थी, और कतर का इससे किसी भी रूप में कोई संबंध नहीं था, न ही उसे इसकी कोई भनक थी. दुर्भाग्य से, ईरान को भी इसकी जानकारी नहीं थी, और न ही साउथ पार्स हमले से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य की जानकारी थी."
अब हमला नहीं करेगा इजरायल- अमेरिकी राष्ट्रपति
ट्रंप ने आगे लिखा कि, "उसने (ईरान) अनुचित और अन्यायपूर्ण तरीके से कतर के एलएनजी गैस संयंत्र के एक हिस्से पर हमला किया. इजरायल अब इस अत्यंत महत्वपूर्ण और मूल्यवान साउथ पार्स फील्ड पर कोई और हमला नहीं करेगा, जब तक कि ईरान नासमझी से किसी निर्दोष देश, इस मामले में कतर पर हमला करने का निर्णय नहीं लेता. ऐसी स्थिति में, संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल की मदद या सहमति से या उसके बिना, साउथ पार्स गैस फील्ड को इतनी ताकत और शक्ति से उड़ा देगा, जितनी ईरान ने पहले कभी नहीं देखी होगी. मैं इस स्तर की हिंसा और विनाश को अधिकृत नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे ईरान के भविष्य पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा, लेकिन अगर कतर के एलएनजी संयंत्र पर फिर से हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में संकोच नहीं करूंगा."
24 घंटे में 3 बड़े ईरानी लीडर्स की मौत! मोसाद ने पलट दिया वॉर का नैरेटिव? ईरान में सत्ता परिवर्तन की नई साजिश...
Three top leaders of Iran were killed in the last 24 hours: ईरान-अमेरिका-इजरायल वॉर में एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं. बीते 24 घंटों की बात करें तो इस युद्ध में तीन टॉप ईरानी लीडर्स की मौत हो चुकी है. इनके नाम हैं अली लारिजानी, इस्माइल खातिब और गुलामरेजा सुलेमानी. इन सभी की मौत इजरायली एयरस्ट्राइक में हुई है और ये सभी युद्ध जीताने के दिग्गज माने जाते थे.
वॉर जोन में मौजूद न्यूज नेशन के रिपोर्टरों से खबरें आ रही हैं कि इन हमलों के बाद ईरान में लीडरशिप का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोसाद ने इस बार सिर्फ टारगेट किलिंग नहीं फुलप्रूफ प्लान बनाकर वॉर का पूरा नैरेटिव ही पलट दिया है.
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कौन थे ये तीनों लीडर्स?
अली लारिजानी ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख थे. वो पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के सबसे करीबी माने जाते थे. इस्माइल खातिब के बारे में बताएं तो वह इंटेलिजेंस मिनिस्टर थे और देश की खुफिया एजेंसी चलाते थे. जबकि गुलामरेजा सुलेमानी बासिज फोर्स के कमांडर थे, जो प्रोटेस्ट दबाने में अहम भूमिका निभाते थे. बता दें इन तीनों की मौत से ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हिल गई है.
मोसाद ने कैसे किए यह ऑपरेशन?
इजरायली डिफेंस मिनिस्टर इजरायल काट्ज ने खुद कहा कि ये 'टारगेटेड स्ट्राइक्स' हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक मोसाद ने महीनों से ईरान के अंदर नेटवर्क सक्रिय कर रखा था. एक-एक करके लीडर्स के लोकेशन की जानकारी जुटाई गई और फिर एयरस्ट्राइक में काम तमाम किया गया. ईरानी मीडिया ने इसे मोसाद की नई साजिश बता रही है.
क्या सच में ईरान में सत्ता परिवर्तन की नई साजिश?
खामेनेई की मौत के बाद लारिजानी ही देश चला रहे थे. अब उनके जाने से पावर वैक्यूम बन गया है. कई विश्लेषक कह रहे हैं कि यह इजरायल-अमेरिका की प्लानिंग का हिस्सा हो सकता है ताकि ईरान में नया रिजीम आए. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बदला लेने की कसम खाई है लेकिन अंदरूनी अस्थिरता बढ़ रही है.
इजरायल ईरान के आरोप प्रत्यारोप, भारत पर क्या असर?
इजरायल ने कहा कि ये हमले ईरान की 'दमनकारी नीतियों' के खिलाफ थे. ईरान ने तीनों को 'शहीद' बताया है. वॉर के वर्तमान हालत की भारत पर असर पर बात करें तो यहां तेल और गैस की कीमतें पहले ही बढ़ रही हैं. अगर युद्ध लंबा चला तो भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी महंगा हो सकता है.
FAQ
Q1. बीते 24 घंटे में ईरान के किन तीन लीडर्स की मौत हुई है?
उत्तर- बीते 24 घंटे में अली लारिजानी, इस्माइल खातिब और गुलामरेजा सुलेमानी की इजरायली एयरस्ट्राइक्स में मौत हुई है.
Q2. मोसाद की इसमें क्या भूमिका है?
उत्तर- इंटेलिजेंस और लोकेशन की जानकारी मुहैया कराने में मौसाद की भूमिका है. जबकि इजरायल खुद टारगेटेड किलिंग का श्रेय ले रहा है.
Q3. क्या ईरान में सत्ता बदल जाएगी?
उत्तर- संभावना है, फिलहाल लीडरशिप संकट गहरा रहा है और नया रिजीम बनने की चर्चा तेज हो गई है.
Q4. भारत को तेल संकट का खतरा कितना है?
उत्तर- भारत में तेल संकट का खतरा हाई है. होर्मुज स्ट्रेट अगर प्रभावित रहा तो कीमतें और बढ़ेंगी.
Q5. ईरान का अगला कदम क्या हो सकता है?
उत्तर- जवाबी मिसाइल हमले या खाड़ी देशों के तेल प्लांट्स पर अटैक की धमकी पहले ही दी जा चुकी है.
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