'जो देखा, जो जिया, वो ही लिख दिया...', सरल शब्द और गहरे अर्थ के साथ मीठे गीत देने वाले गीतकार योगेश
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा जगत एक से बढ़कर एक शानदार गीतकारों से गुलजार रहा है। उन सितारों की कला इतनी शानदार रही कि वे भले आज इस दुनिया में न हों, मगर उनकी रचनाएं अमर हैं। ऐसे ही गीतकार थे योगेश। उन गीतकारों में से एक थे योगेश, जिनके शब्द आज भी दिल को छू जाते हैं। 'जिंदगी कैसी है पहेली, हाय' हो या 'कहीं दूर जब दिन ढल जाए,' ये गीत समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
'जो देखा, जो जिया, वो ही लिख दिया...', सरल शब्द और गहरे अर्थ के साथ मीठे गीत देने वाले गीतकार योगेश
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा जगत एक से बढ़कर एक शानदार गीतकारों से गुलजार रहा है। उन सितारों की कला इतनी शानदार रही कि वे भले आज इस दुनिया में न हों, मगर उनकी रचनाएं अमर हैं। ऐसे ही गीतकार थे योगेश। उन गीतकारों में से एक थे योगेश, जिनके शब्द आज भी दिल को छू जाते हैं। 'जिंदगी कैसी है पहेली, हाय' हो या 'कहीं दूर जब दिन ढल जाए,' ये गीत समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama



















