पेट से जुड़े रोगों के लिए खा रहे हैं अजवाइन, सेवन की यह गलती बिगाड़ सकती है पाचन
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधि के कम होने के कारण आज के समय में पेट से जुड़े विकार सबसे ज्यादा परेशान करते हैं।
भूख का कम लगना या खाने के बाद पेट फूलना जैसी परेशानियां होने लगती हैं। पहले तो इन परेशानियों को छोटा समझकर नजर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यहीं छोटी-छोटी दिक्कतें सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करती हैं। कई लोग रोग पाचन से जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए रोजाना अजवाइन खाते हैं, लेकिन यह नहीं जानते हैं कि कैसे और कितनी मात्रा में अजवाइन खाना लाभकारी होता है।
अजवाइन में थाइमोल नाम का यौगिक पाया जाता है, जो पाचन से जुड़ी परेशानियों में राहत देता है और इसकी गर्म तासीर सर्दी और खांसी से भी बचाती हैं। हालांकि अजवाइन का सेवन करने से पहले उसके सेवन का तरीका भी जान लेना जरूरी है। कुछ लोग अजवाइन को कच्चा ही खा लेते हैं और किसी भी समय खाली पेट या फिर रात के समय इसका सेवन बेधड़क करते हैं लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है।
अजवाइन को खाने से पहले हल्का भून लेना चाहिए। अजवाइन को इतना भूनना चाहिए कि उसके रंग में किसी तरह का परिवर्तन न हो लेकिन उसमें से हल्की-हल्की सुगंध आने लगे। ऐसे में आधे से कम चम्मच का सेवन करना चाहिए और सेवन भी हमेशा गुनगुने पानी के साथ करना करना चाहिए।
गुनगुने पानी के साथ सेवन से अजवाइन के गुण बढ़ जाते हैं और पाचन तेजी से ठीक होता है। इससे पेट की जठराग्नि तेज होती है और भूख भी समय पर लगती है।
अब सवाल है कि किस समय अजवाइन का सेवन करना लाभकारी है। कुछ लोग सुबह के वक्त खाली पेट अजवाइन का पानी या सूखी अजवाइन का सेवन करते हैं, लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है। अजवाइन को हमेशा भोजन के बाद ही लेना चाहिए। खाना खाने के बाद तकरीबन आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से इसका सेवन किया जा सकता है।
ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि अजवाइन का सेवन तब ही करें जब पाचन में परेशानी हो, बिना परेशानी के उसे अपने दिनचर्या का हिस्सा न बनाएं। गर्म तासीर होने की वजह से यह पेट में जलन कर सकती है। इसलिए जब गैस और पेट फूलने की परेशानी हो, तभी इसका सेवन करें।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अफगान विदेश मंत्री ने राजनयिकों से कहा,'पाकिस्तान के क्रूर हमले की सच्चाई से दुनिया को कराएं रूबरू'
काबुल, 18 मार्च (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने बुधवार को विदेशों में स्थित अफगान दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के राजनयिकों संग वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राजनयिकों को काबुल के स्पष्ट रुख, नीति और भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिए। यह बैठक पाकिस्तान द्वारा एक नशा मुक्ति अस्पताल पर की गई घातक बमबारी की घटना के बाद हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी।
अफगान विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में मंत्री ने पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ की गई आक्रामकता और हाल की घटनाओं के बारे में जानकारी साझा की।
काबुल द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, उन्होंने इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा की और इसे मानवीय सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन बताया। मुत्ताकी ने सभी प्रतिनिधिमंडलों के अधिकारियों को देश की ताजा स्थिति के संबंध में इस्लामिक अमीरात के रुख को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाने की अपील की।
बयान में आगे कहा गया, देश के विदेश मंत्री ने अपने प्रतिनिधिमंडल को इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान के स्पष्ट रुख, नीति और भविष्य की कार्रवाइयों के संबंध में आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिया। बैठक का समापन पाकिस्तानी शासन की बमबारी में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुआ।
मंगलवार को, मुत्ताकी ने काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमले को मानवीय और इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हमले में 408 से ज्यादा लोग मारे गए और 260 से ज्यादा घायल हो गए; इनमें से अधिकतर एक नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवा रहे मरीज थे। उन्होंने पाकिस्तान पर जान-बूझकर नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
काबुल में विभिन्न संगठनों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों से बात करते हुए, मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तानी हवाई हमले ने समाज के सबसे कमजोर तबकों में से एक को निशाना बनाया—ऐसे लोग जो नशे की लत के इलाज के लिए उपचार ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि फरवरी से लगातार हो रहे हमलों, जिनमें अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में नागरिक इलाकों पर किए गए हमले भी शामिल हैं, ने कूटनीतिक समाधानों पर भरोसे को कम कर दिया है। एरियाना न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो अफगान सेना उसी अनुपात में और वैध रक्षात्मक जवाबी कार्रवाई जारी रखेगी; उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता और अपने क्षेत्र की रक्षा जरूर करेगा।
मुत्ताकी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के हमले की निंदा करने का आग्रह किया, और चेतावनी दी कि इस्लामाबाद द्वारा लगातार तनाव बढ़ाने से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलने और प्रमुख आर्थिक व विकास पहलों पर बुरा असर पड़ने का खतरा है।
इस बीच, अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत और विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने बुधवार को, काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले की तत्काल, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है।
उन्होंने यह भी मांग की कि पीड़ितों और उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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