सांप के जहर मामले में Elvish Yadav के खिलाफ FIR रद्द, यूट्यूबर ने Video शेयर कर मांगी भरपाई
Elvish Yadav Snake Venom Case: यूट्यूबर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बिग बॉस ओटीटी 2 के विनर एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. एल्विश को ये राहत स्नेक वेनम मामले में मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wild Life Protection Act) के तहत दर्ज FIR और उसके बाद की कार्यवाही को रद्द कर दिया गया है. वहीं, अब एल्विश ने वीडियो शेयर कर खुशी जताई है, साथ ही उन्होंने भरपाई की भी मांग की है.
कोर्ट ने मामले में क्या कहा?
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने एल्विश यादव से जुड़े इस मामले में फैसला सुनाया. उन्होंने कहा कि NDPS एक्ट, 1985 की धारा 2(23) के तहत जिस कथित साइकोट्रॉपिक पदार्थ की बात कही गई, वह कानून की निर्धारित सूची में शामिल ही नहीं है. साथ ही, कोर्ट ने यह भी नोट किया कि एल्विश यादव के पास से स्नेक वेनम से जुड़ी कोई भी बरामदगी नहीं हुई थी. यूट्यूबर के खिलाफ केवल चार्जशीट में आरोप था कि उन्होंने एक सहयोगी के जरिए ऑर्डर दिया था. ऐसे में अदालत ने माना कि NDPS एक्ट का इस्तेमाल इस मामले में कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है.
एल्विश यादव ने शेयर किया वीडियो
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एल्विश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सिर्फ दो शब्द लिखे- 'सत्यमेव जयते.' इतना ही नहीं बिग बॉस ओटीटी 2 के विनर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी शेयर किया. जिसमें उन्होंने कहा- 'आज बहुत खुशी का दिन है.सबसे पहले गुड़ी पड़वा और नवरात्री की शुभकामनाएं. आज तुम्हारे भाई का स्वतंत्र दिवस भी है. सुप्रीम कोर्ट ने सांप वाला केस खारिज कर दिया है. मुझे भरोसा था कि न्याय मिलकर ही रहेगा.'
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यूट्यूबर ने मांगी भरपाई
वीडियो में आगे एल्विश यादव (Elvish Yadav On Snake Venom Case) ने देश की न्यायपालिका का शुक्रिया किया. उन्होंने कहा- 'आज से 2 साल पहले जब में अरेस्ट हुआ था, इस झूठे केस में मैं तब से कह रहा था मैंने कुछ नहीं किया. लेकिन मीडिया वालों ने इतनी खबरें चलाई, मैंने हैरेसमेंट फेस किया. मेरे सर पर कलंक लग गया था. मेरी फैमिली ने बहुत कुछ सहा. सब ठीक है, लेकिन अब मेरा ये सवाल है, जो मैंने और मेरे परिवार ने सहा उसकी भरपाई क्या है, क्या मीडिया वाले आकर माफी मांगेंगे.'
क्या था पूरा मामला?
बता दें, ये मामला उस वक्त चर्चा में आया था जब एल्विश यादव पर आरोप लगा कि उन्होंने रेव पार्टियों में सांप के जहर की व्यवस्था करवाई थी. इस मामले में उनके साथ पांच अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था. यूट्यूबर के खिलाफ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 और आईपीसी की आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. इसके बाद साल 2024 में उनकी गिरफ्तारी भी हुई, जिसने इस पूरे मामले को और ज्यादा हाई-प्रोफाइल बना दिया और सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक हर जगह इस केस की चर्चा रही थी.
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रेलवे अनधिकृत वेंडिंग सर्विसेज को रोकने के लिए क्यूआर कोड जैसे कदमों का कर रहा इस्तेमाल : अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। क्यूआर कोड वाले आईडी कार्ड्स और डिजिटल रूप से ट्रैक किए जाने वाले फूड पैकेट्स जैसे कदमों के जरिए, रेलवे को अनधिकृत वेंडिंग सर्विसेज को रोकने और यात्रियों को वेरिफाइड कैटरिंग सर्विसेज को पहुंचाने में मदद मिली है। यह जानकारी सरकार की ओर से गुरुवार को संसद में दी गई।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ट्रेनों में अधिकृत विक्रेताओं की पहचान स्थापित करने के लिए, ट्रेन में खानपान सेवाओं के प्रबंधन के लिए तैनात प्रत्येक विक्रेता/सहायक/कर्मचारी के नाम पर क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है।
गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए उठाए गए उपायों में आधार रसोईघरों से भोजन की आपूर्ति; चिन्हित स्थानों पर आधुनिक आधार रसोईघरों की स्थापना; भोजन तैयार करने की बेहतर निगरानी के लिए आधार रसोईघरों में सीसीटीवी कैमरे लगाना; खाना पकाने के तेल, आटा, चावल, दालें, मसाला, पनीर, डेयरी उत्पाद आदि जैसे लोकप्रिय और ब्रांडेड कच्चे माल का चयन और उपयोग; और खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता प्रथाओं की निगरानी के लिए आधार रसोईघरों में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों की तैनाती आदि शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक खानपान इकाई के नामित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का प्रमाणन अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अलावा, निरीक्षण एवं निगरानी तंत्र के अंतर्गत नियमित रूप से खाद्य नमूनों की जांच से ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। मंत्री ने बताया कि पैंट्री कारों और बेस किचन में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट किया जाता है और ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण भी आयोजित किया जाता है।
ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देते हुए, खानपान कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाने के लिए आईआरसीटीसी द्वारा नियमित प्रशिक्षण भी आयोजित किया जा रहा है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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