Assam Assembly Election 2026: आम आदमी पार्टी ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, इन सीटों पर उतारे प्रत्याशी
Assam Assembly Election 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार (18 मार्च) को अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में 6 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। प्रदेश प्रभारी राजेश शर्मा द्वारा जारी इस सूची में जोरहाट और दिसपुर जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय किए गए हैं।
दूसरी लिस्ट में किसे मिला मौका?
आम आदमी पार्टी ने अपनी दूसरी लिस्ट में क्षेत्रीय समीकरणों का पूरा ध्यान रखा है। पार्टी ने बरहामपुर से रानू माई टेरोनपी, डिपू से बीरेश डिफुसा और जोरहाट से प्रणब प्रियांशु दत्ता को मैदान में उतारा है। इसके अलावा उत्तर करीमगंज से सयनुल हक, पलाशबाड़ी से एल्विन बरुआ और दिसपुर सीट से बल्लभ पात्रा को टिकट दिया गया है।
The Aam Aadmi Party hereby announces the second list of Candidates for Assembly
— AAP (@AamAadmiParty) March 18, 2026
Elections 2026 in the state of Assam. pic.twitter.com/2kNiL9scvp
अकेले चुनाव लड़ेगी AAP
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में अभी तक आम आदमी पार्टी का खाता नहीं खुला है। इस बार पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी विपक्षी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और 'एकला चलो' की नीति अपनाते हुए स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी।
पहली लिस्ट में थे 14 नाम
बता दें कि इससे पहले रविवार को 'आप' ने 14 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष अनुरूपा डेकाराजा को गुवाहाटी सेंट्रल और रेणुका तिमुंगपी को बोकाजन से उम्मीदवार बनाया गया था। अन्य प्रमुख नामों में तपन गोगोई (शिवसागर), अच्चुत दास (नावबोइचा) और पल्लव सैकिया (टीटाबर) शामिल थे।
असम विधानसभा का मौजूदा समीकरण
वर्तमान में 126 सीटों वाली विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के पास 64 सीटें हैं। भाजपा के सहयोगियों में एजीपी (9), यूपीपीएल (7) और बीपीएफ (3) शामिल हैं। विपक्ष में कांग्रेस के पास 26, एआईयूडीएफ के पास 15 और सीपीआई (एम) के पास 1 विधायक है। चुनाव आयोग के अनुसार, असम में 9 अप्रैल को मतदान होगा और नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी।
Palam Fire Incident: 'बच्चे चीखते रहे... फायर ब्रिगेड देखती रही', पालम अग्निकांड पर भड़के सौरभ भारद्वाज
दिल्ली के पालम मेट्रो स्टेशन के पास आज सुबह एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दो और लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने इस घटना पर दुख जताते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उधर, आम आदमी पार्टी दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि दिल्ली के पालम में भयानक आग लगी, करीब 10 लोग के जल कर मारे जाने की खबर आई है, जिसमे 3-4 बच्चे हैं। बच्चे बिल्डिंग की बालकनी में चीखते रहे , दिल्ली सरकार की फायर ब्रिगेड असमर्थ और नालायक निकली। उन्होंने आगे लिखा कि ठीक ऐसे ही द्वारका में एक बाप और दो बच्चे बालकनी से कूदकर मारे गए थे, वहां भी फायर ब्रिगेड बहुत देर से पहुंची
सौरभ भारद्वाज ने फायर बिग्रेड पर लगातार निशाना जारी रखा। उन्होंने कहा कि रोहिणी की झुग्गियों में भी आग लगी थी। लेकिन फायर बिग्रेड की आग लगने के एक घंटे बाद आई थी। इस घटना में भी दो बच्चे जलकर मर गए थे। उन्होंने कहा कि जिस जगह आग लगी, वहां से फायर स्टेशन महज 5 मिनट की दूरी पर स्थित था।
जनवरी से अब तक आग की बड़ी घटनाएं
इससे पहले भी इस साल आग की तीन बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 15 मार्च को दिल्ली के छतरपुर के अंधेरिया मोड़ पर स्थित हस्तशिल्प बाजार में भीषण आग लगी थी, जिसमें 50 दुकानें जलकर खाक हो गई थी। इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन बाजार का संचालन करने वाली संस्था ने 15 से 20 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आकलन किया था।
इससे पूर्व 11 मार्च को दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित मानसा राम पार्क में झुग्गियों में आग लगी थी, जिसमें 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गई थी। हालांकि किसी की जान नहीं गई, लेकिन लोगों की जिंदगी भर की कमाई जलकर खाक हो गई।
वहीं 6 जनवरी को मंगलवार की सुबह मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास डीएमआरसी कर्मचारी क्वार्टर की पांचवीं मंजिल पर आग लगी थी। इसमें दंपति और उनकी दस वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत हुई थी। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय अजय, पत्नी नीलम (39) और बेटी अन्वी (10) के रूप में हुई थी। अजय डीएमआरसी में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे। पिछले सालों की बात करें तो ऐसी ही कई आग की भीषण घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें लोगों की जान चली गई।
पिछले साल के मुकाबले आग की घटनाएं कम
पिछले साल जनवरी से मार्च के बीच आग की घटनाओं में 12 लोगों की मौत हुई थी। वहीं पूरे साल यानी 2025 की बात करें तो 70 लोगों की मौत हुई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले आग की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन पालम जैसी घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि आंकड़ा कभी भी बदल सकता है। ऐसे में फायर सेफ्टी सिस्टम की खामियों को गंभीरता से दूर करना चाहिए।
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