श्वेयलोंग-2 बर्फ भंजक जहाज अंटार्कटिका के प्राइड्ज बे के लिए रवाना
बीजिंग, 17 मार्च (आईएएनएस)। चीन का 42वां अंटार्कटिक अभियान मिशन कर रहा श्वेयलोंग-2 बर्फ भंजक जहाज हाल में अंटार्कटिका के प्राइड्ज बे में पतझड़ में दक्षिणी महासागर की पारिस्थितिक व्यवस्था पर वैज्ञानिक अभियान करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट से रवाना हुआ।
बताया जाता है कि चीन ने पिछले साल मार्च से अप्रैल तक 41वें अंटार्कटिक अभियान मिशन के दौरान पहली बार शरद ऋतु में अंटार्कटिक रॉस सागर में संयुक्त अभियान किया। यह दूसरा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में वैज्ञानिक अभियान है।
जानकारी के अनुसार, चीन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, बेल्जियम और भारत के 19 अनुसंधान संस्थाओं के ध्रुवीय वैज्ञानिक अभियान दलों के 97 सदस्य वर्ष 2026 के पतझड़ में अंटार्कटिक के प्राइड्ज बे में संयुक्त अभियान में भाग ले रहे हैं।
अंटार्कटिक के प्राइड्ज बे में एक बहुत सक्रिय जीवमंडल मौजूद है, जो क्रिल, मछली, सील और समुद्री पक्षी जैसे अंटार्कटिक पारिस्थितिकी तंत्र में प्रमुख प्रजातियों का महत्वपूर्ण प्रजनन स्थल, आवास और सर्दियों का स्थल है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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वैश्विक तनावों के बीच सोने की कीमतों में मामूली गिरावट तो चांदी में 3,600 रुपए से ज्यादा की उछाल
मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच पिछले कुछ दिनों से कीमती धातुओं (सोने-चांदी) की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसी बीच मंगलवार के कारोबारी सत्र में जहां सोने की कीमतों में पिछले दिन की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को 999 प्यूरिटी वाला गोल्ड 1,55,668 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले सोमवार को 999 प्यूरिटी वाले गोल्ड की कीमत 1,55,714 रुपए थी। यानी एक दिन में सोने का भाव 46 रुपए घट गया है।
जबकि मंगलवार को चांदी के भाव में उछाल देखने को मिली। आईबीजेए के अनुसार, मंगलवार को 999 प्यूरिटी वाले सिल्वर का रेट 2,52,340 रुपए प्रति किलोग्राम रहा, जो बीते सोमवार को 2,48,711 रुपए प्रति किलोग्राम पर था। यानी एक ही दिन में चांदी की कीमत 3,629 रुपए प्रति किलो बढ़ गई।
वहीं हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमती धातुओं यानी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली थी जब आईबीजेए पर 999 प्यूरिटी वाला गोल्ड 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर था, जबकि चांदी की कीमत 2,60,488 रुपए प्रति किलोग्राम थी।
इसके अलावा, मंगलवार के सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक (शाम करीब 6.40 बजे) अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 557 रुपए यानी 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,56,293 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 0.07 प्रतिशत यानी 184 रुपए बढ़कर 2,56,716 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड करती नजर आई।
दिन के कारोबार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 1,56,891 रुपए पर खुलने के बाद एक समय सोने की कीमतें 1,57,580 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर को टच कर गई थीं, जबकि दिन का निचला स्तर 1,55,739 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं, चांदी ने 2,61,457 रुपए पर कारोबार की शुरुआत की और एक समय इसकी कीमतें 2,62,899 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं, तो वहीं एक समय गिरकर 2,54,412 रुपए प्रति किलो के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गईं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड वर्तमान में 1,56,500 रुपए से 1,57,500 रुपए के दायरे में घूम रहा है, जो मामूली प्रॉफिट बुकिंग का संकेत देता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, जब तक कीमतें 1,55,000-1,56,000 रुपए के समर्थन क्षेत्र से ऊपर बनी रहती हैं, तब तक मध्यम अवधि में तेजी का दृष्टिकोण बरकरार रहने की संभावना है। वहीं 1,59,000 रुपए से ऊपर निर्णायक उछाल आने पर 1,63,000-1,65,000 रुपए के स्तर की ओर तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं, चांदी को लेकर एक्सपर्ट ने कहा कि 2,65,000 रुपए से ऊपर लगातार बढ़ोतरी होने पर कीमत 2,75,000 रुपए से 2,80,000 रुपए तक और बढ़ सकती है, जबकि महत्वपूर्ण सपोर्ट 2,47,000 रुपए से 2,50,000 रुपए पर है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी मुख्य रूप से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण हुई है। हालांकि, अगर फेडरल रिजर्व कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मुद्रास्फीति बढ़ने का संकेत देता है या उच्च ब्याज दरों को बनाए रखता है, तो इसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच पिछले महीने कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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