CM नीतिश कुमार ने समृद्ध यात्रा के चौथे चरण की शुरुआत की, भागलपुर जिले को 442 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज से समृद्ध यात्रा के चौथे चरण की शुरुआत की. नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान भागलपुर जिले को 442 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी. इस दौरान कुल 144 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया.
144 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 171 करोड़ रुपये की लागत से 88 योजनाओं का उद्घाटन किया. वहीं 271 करोड़ रुपये की लागत से 56 योजनाओं का शिलान्यास किया गया. सभी योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण रिमोट के माध्यम से किया गया.
विकास कार्यों की प्रगति का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने भागलपुर-गोराडीह मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. साथ ही विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को तय समय सीमा के अंदर काम पूरा करने के निर्देश दिए.
प्रमुख योजनाओं पर फोकस
जिले में कई बड़ी योजनाओं पर काम जारी है. इनमें सुल्तानगंज में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार. फतेहपुर चेकडैम निर्माण. नवगछिया में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स. कैंसर संस्थान की स्थापना. 11 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन. ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा. आधुनिक बस अड्डा और औद्योगिक क्षेत्र का विकास शामिल है.
ग्रामीण क्षेत्र का दौरा और निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी पंचायत का दौरा किया. यहां पंचायत सरकार भवन. आयुष्मान आरोग्य मंदिर. राजकीय मध्य विद्यालय और जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत पुनर्जीवित पोखर का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पौधारोपण भी किया.
छात्रों से संवाद, पढ़ाई पर दिया जोर
राजकीय मध्य विद्यालय बैजानी के छात्रों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और भविष्य निर्माण पर ध्यान देने की सलाह दी.
जीविका दीदियों को मिला बड़ा लाभ
कार्यक्रम के दौरान 8305 स्वयं सहायता समूहों की 1.05 लाख से अधिक जीविका दीदियों को 377.66 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया. इसके अलावा अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना. बकरी एवं भेड़ विकास योजना और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत भी लाभ दिए गए. मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और योजनाओं के लाभुकों से संवाद किया.
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी. मंत्री विजय कुमार चौधरी. दिलीप कुमार जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे.
तेजी से काम पूरा करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं को गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा किया जाए. ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके.
राज्यसभा में बदला राजनीति का गणित: 141 के साथ एनडीए बहुमत के पार, INDIA 58 पर सिमटा
राज्यसभा की 37 सीटों के लिए हुए हालिया चुनावों ने संसद के ऊपरी सदन की तस्वीर बदल दी है। इन चुनावों के बाद एनडीए ने न सिर्फ निर्णायक बढ़त हासिल की है, बल्कि अब सदन में उसका बहुमत भी सुनिश्चित हो गया है. एक ऐसा मोड़, जो आने वाले संसदीय सत्रों में सत्ता पक्ष को स्पष्ट बढ़त देता दिख रहा है।
कैसे मिली बढ़त?
37 सीटों में से 11 पर मतदान हुआ, जिसमें एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, बाकी 26 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ, जहां एनडीए को 13 सीटें मिलीं। इस तरह कुल 37 में से 22 सीटें एनडीए के खाते में गईं, जबकि विपक्ष 15 सीटों पर सिमट गया।
चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने खास प्रदर्शन किया—बिहार और ओडिशा में एक-एक अतिरिक्त सीट हासिल की, जबकि हरियाणा में कांटे की टक्कर के बाद भी एक सीट जीतकर समीकरण अपने पक्ष में कर लिया।
अब क्या है राज्यसभा का पूरा गणित?
राज्यसभा की कुल प्रभावी संख्या 250 है और बहुमत का आंकड़ा 126 सीटों का है।
ताजा स्थिति में एनडीए 135 से बढ़कर 141 सीटों पर पहुंच गया है यानी बहुमत के आंकड़े से काफी आगे।
एनडीए के भीतर सबसे बड़ी ताकत भारतीय जनता पार्टी है, जिसके पास अकेले 106 सीटें हैं। लेकिन असली मजबूती सहयोगी दलों के व्यापक फैलाव से आती है
• तेलुगु देशम पार्टी (2)
• जनता दल (यूनाइटेड) (4)
• शिवसेना (2)
• राष्ट्रीय लोक दल (1)
• जनता दल (सेक्युलर) (1)
• असम गण परिषद (1)
दक्षिण भारत और क्षेत्रीय सहयोगियों का भी अहम योगदान है
• AIADMK (5)
• नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (4)
• PMK (1)
पूर्वोत्तर से भी समर्थन
• यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल (2)
• मिजो नेशनल फ्रंट (1)
• नेशनल पीपुल्स पार्टी (1)
इसके अलावा छोटे लेकिन निर्णायक सहयोगी
• रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) (1)
• राष्ट्रीय लोक मोर्चा (1)
• निर्दलीय (कार्तिकेय शर्मा) (1)
और सबसे अहम, 7 नामित सदस्य, जो कुल संख्या को और मजबूती देते हैं।
विपक्ष की तस्वीर
दूसरी ओर, INDIA गठबंधन की ताकत 62 से घटकर 58 सीटों पर आ गई है। हालांकि, कांग्रेस 29 सीटों के साथ अब भी विपक्ष की धुरी बनी हुई है और उसके पास नेता प्रतिपक्ष का पद बरकरार रहेगा।
अन्य दलों की स्थिति भी थोड़ी कमजोर हुई है- 47 से घटकर 45 सीटें रह गई हैं।
राजनीतिक मायने क्या हैं?
अब तक राज्यसभा को सरकार के लिए “कठिन सदन” माना जाता था, जहां विपक्ष कई बार विधेयकों को अटका देता था। लेकिन नए आंकड़े एक अलग कहानी कह रहे हैं— अब सरकार के पास न सिर्फ बहुमत है, बल्कि सहयोगी दलों के साथ एक स्थिर और सुरक्षित संख्या बल भी है। इसका सीधा असर आने वाले मॉनसून सत्र में दिख सकता है, जहां सरकार के लिए महत्वपूर्ण बिलों को पास कराना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान होगा।
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