पिछले 50 सालों से बार-बार कहा गया कि क्यूबा की सरकार गिरने वाली है, लेकिन हर बार यह भविष्यवाणी गलत साबित हुई। अब जब अमेरिका पहले से ही मिडिल ईस्ट के युद्ध में उलझा हुआ है, फिर भी ट्रंप की तरफ से क्यूबा को लेकर नए दावे ने फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उन्हें क्यूबा पर नियंत्रण करने का सम्मान मिल सकता है। ओवल ऑफिस में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से क्यूबा पर अमेरिकी कार्रवाई के बारे में चर्चा सुनी है और उन्होंने संकेत दिया कि वे इस पर अमल कर सकते हैं। उन्होंने क्यूबा को बेहद कमज़ोर राष्ट्र बताया और दावा किया कि वे इसके साथ कुछ भी कर सकते हैं।
ट्रंप ने क्यूबा के साथ अमेरिका के दशकों पुराने तनावपूर्ण रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि अब फैसला लेने का वक्त आ गया है। ट्रंप ने कहा कि मैंने पूरी जिंदगी अमेरिका और क्यूबा के बारे में सुना है। मुझे लगता है कि क्यूबा को किसी न किसी रूप में लेना मेरे लिए सम्मान की बात होगी। मैं इसे आजाद करूं या ले लूं, मुझे लगता है कि मैं इसके साथ जो चाहूं कर सकता हूं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और क्यूबा के बीच चल रही पर्दे के पीछे की बातचीत में वाशिंगटन ने एक बड़ी शर्त रखी है। अमेरिकी वार्ताकारों ने संकेत दिया है कि क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल को अपना पद छोड़ना होगा।
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के एकलौते राष्ट्रपति नहीं हैं जो क्यूबा पर सख्त हो रहे हैं। क्यूबा और अमेरिका के बीच की दुश्मनी कई दशकों पुरानी है। 1898 में अमेरिका ने स्पेन को हराया। जिसके बाद स्पेन ने क्यूबा पर अपने सभी दावों को छोड़ दिया। इसे अमेरिका को सौंप दिया। साल 1902 में क्यूबा स्वतंत्र हुआ और टॉमस इस्ट्राडा पाल्मा इसके पहले राष्ट्रपति बने। लेकिव प्लैट संशोधन के कारण द्वीप अमेरिकी संरक्षण में रहा और इसके कारण अमेरिका को क्यूबाई मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार मिला। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने और उनका पहला कार्यकाल शुरू हुआ। ट्रंप ने क्यूबा को लेकर बराक ओबामा सरकार के ज़्यादातर फैसलों को पलट दिया। उन्होंने क्यूबा पर फिर से सख़्ती बढ़ा दी थी।
2021 में क्यूबा के अंदर हालात फिर बिगड़ गए। खाने-पीने की चीज़ों, दवाओं और बिजली की भारी कमी से परेशान होकर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सरकार ने इन प्रदर्शनों को सख़्ती से दबाया, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और इंटरनेट सेवाएँ भी बंद कर दी गईं। इन घटनाओं के बाद बाइडन प्रशासन ने क्यूबा पर कुछ नए प्रतिबंध भी लागू कर दिए।
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नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ 'सेक्रेड गेम्स' के गणेश गायतोंडे का किरदार तो आप सभी को याद होगा। सर्वोच्चता और अपने आप को सब कुछ मान लेने के भाव को दर्शाते हुए उसका एक डॉयलाग भी खूब फेमस हुआ था जब वो कहते हैं कि कभी-कभी लगता है, अपुन इच भगवान है। फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस की तरफ से एक तस्वीर पोस्ट की गई थी। जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के सिर पर सोने का मुकुट सजा होता है और चेहरे पर किसी सम्राट जैसी मुग्ध मुस्कान। तस्वीर के कैप्शन में लिखा होता है लॉग लिव द किग। ये तस्वीर कोई मजाक नहीं थी बल्कि इसके पहले अपने ट्रूथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने खुद को किंग कहा था और फिर वो उसी किरदार में जीने भी लगे। गले में है एक लाल टाई, इस्त्री किए हुए कपड़े, मंद-मंद चाल, आवेश में फैसले लेने की कुव्वत, गलती करके न मानने की मूल इंसानी स्वभाव, मुकर जाने की अदा, झूठ बोलने का हुनर, गंभीरता से कोसों दूर और खुद से मोहब्बत करने वाला 'लस्ट फॉर लाइफ' से भरा किरदार। वो जो अमेरिका को बचाना चाहता है। अमेरिकी बचना नहीं चाहते फिर भी वो कहते हैं कि मैं आपको बचाकर रहूंगा। आपको ग्रेट बनाकर ही रहूंगा। डोनाल्ड ट्रंप के बारे में दुनिया ये समझ ही नहीं पा रही है कि इसका करे क्या? ये सवेरे कुछ बोलता है, शाम को कुछ सोचता है औऱ रात को कुछ और ही करता है। इसके सोचने, समझने और कहने व करने में कोई कनेक्शन नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि मैंने भविष्यवाणी की थी कि ओसामा बिन लादेन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को गिरा देगा। मैंने यह भविष्यवाणी उसके ऐसा करने से एक साल पहले की थी। मैंने कहा था, उसे पकड़ो, वह एक खतरनाक आदमी है। मैंने एक बार उसका इंटरव्यू देखा था। ठीक एक साल पहले, मैंने यह बात एक किताब में लिखी थी। आप वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के गिरने से लगभग एक साल पहले की घटना भी देख सकते हैं। राष्ट्रपति क्लिंटन ने वास्तव में उस पर निशाना साधा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। दुर्भाग्य से, मैं इसके लिए उन्हें दोषी नहीं ठहरा रहा हूँ। और अंततः उसने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को गिरा दिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इतिहास कभी नहीं भूलेगा कि अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन के ठिकाने पर धावा बोलने और उसके सिर में गोली मारने वाले अमेरिकी नेवी सील के जवान थे। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि 2001 में अल-कायदा आतंकवादियों द्वारा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स पर हमले से एक साल पहले ही उन्होंने लादेन के बारे में चेतावनी दी थी।
मई 2011 में अमेरिकी नेवी सील ने एक अभियान में लादेन को मार गिराया था, जो पाकिस्तान के एबटाबाद में एक मकान में छिपा हुआ था। यह कार्रवाई तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में की गयी थी.। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के नेतृत्व में अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी के आलोचक रहे ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका, अफगानिस्तान में आसानी से जीत जाता. हम हर युद्ध आसानी से जीत सकते थे।
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