बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला, धमाकों के बाद परिसर में लगी आग
बगदाद, 17 मार्च (आईएएनएस)। इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार को बड़ा हमला हुआ, जिसके बाद परिसर के अंदर आग लग गई। यह हमला उस समय हुआ जब दो विस्फोटक से लैस ड्रोन दूतावास के परिसर के भीतर गिर गए और उनके विस्फोट से आग भड़क उठी।
यह घटना बगदाद के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ग्रीन जोन इलाके में स्थित संयुक्त राज्य दूतावास में हुई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इराक के गृह मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि दोनों ड्रोन दूतावास की सुरक्षा सीमा के भीतर गिरते ही फट गए, जिससे परिसर के अंदर आग लग गई और धुआं बाहर से भी दिखाई देने लगा।
हमले के दौरान पूरे परिसर में तुरंत सायरन बजने लगे, लेकिन दूतावास की सुरक्षा प्रणाली इन ड्रोन को रोकने में असफल रही। सूत्रों के मुताबिक, रक्षा प्रणाली आने वाले ड्रोन को इंटरसेप्ट नहीं कर सकी।
हमले में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है, हालांकि आग लगने से दूतावास की इमारतों और अन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, दूतावास पर सोमवार शाम से लेकर मंगलवार तड़के तक कई बार हमले किए गए। सामने आए वीडियो फुटेज में देखा गया कि एक ड्रोन दूतावास परिसर के बेहद करीब आकर फटा, जिससे यह संकेत मिलता है कि एक ही रात में कई बार सुरक्षा व्यवस्था को भेदा गया।
बगदाद का ग्रीन जोन इलाका बेहद सुरक्षित माना जाता है। यहां इराकी सरकार की इमारतें, संसद और कई विदेशी दूतावास मौजूद हैं, जिनमें अमेरिकी दूतावास भी शामिल है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में यह इलाका कई बार रॉकेट और मोर्टार हमलों का निशाना बन चुका है।
इसी बीच इराक के तेल मंत्रालय ने बताया कि सोमवार देर रात दक्षिणी इराक के मजनून तेल क्षेत्र को भी दो ड्रोन से निशाना बनाया गया। तेल मंत्रालय के प्रवक्ता साहिब बाजून के मुताबिक, एक ड्रोन टेलीकॉम टावर से टकराया, लेकिन उससे कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं दूसरा ड्रोन वहां काम कर रही एक अमेरिकी कंपनी के कार्यालयों को निशाना बनाकर गिराया गया।
दूसरी ओर, सोमवार को इराक के अर्धसैनिक संगठन लोकप्रिय लामबंदी बल ने दावा किया कि पश्चिमी प्रांत अनबार में हुए एक इजरायली हमले में उसके छह सदस्य मारे गए और चार अन्य घायल हो गए। संगठन के मुताबिक यह हमला सीरिया सीमा के पास अल-कायम शहर में स्थित एक चेकपोस्ट पर किया गया था।
पीएमएफ ने कहा कि यह स्थान एक आधिकारिक सुरक्षा चौकी था और हमले के समय उसके सदस्य देश की भूमि और संप्रभुता की रक्षा की ड्यूटी निभा रहे थे।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान सरकार इमरान खान से उनके बेटों सुलेमान और कासिम की मुलाकात रोक रही: जेमिमा गोल्डस्मिथ
लंदन, 17 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से दखल देने की अपील की है। दरअसल, जेमिमा के दो बेटे, सुलेमान खान और कासिम खान, दो महीने से ज्यादा समय पहले आवेदन करने के बावजूद अपने पिता इमरान खान से मिलने के लिए वीजा नहीं ले पा रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक डिटेल्ड पोस्ट में, जेमिमा गोल्डस्मिथ ने कहा कि उनके बेटों ने जनवरी में अपने वीजा एप्लीकेशन जमा किए थे, फिर भी पाकिस्तान कॉन्सुलेट ने उन्हें प्रोसेस नहीं किया, जबकि ऑनलाइन वीजा के लिए आधिकारिक टाइमलाइन 7 से 10 वर्किंग डेज बताई गई है।
जेमिमा गोल्डस्मिथ ने कहा कि यह देरी खास तौर पर परेशान करने वाली थी क्योंकि रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और प्रधानमंत्री के प्रवक्ता, मुशर्रफ जैदी, दोनों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को सार्वजनिक तौर पर भरोसा दिलाया था कि इमरान खान के बेटे चार साल बाद सुरक्षित रूप से पाकिस्तान जा पाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि लड़कों को अपने पिता से फोन पर बात करने या उन्हें चिट्ठी भेजने की इजाजत नहीं दी गई है और 2022 के बाद से, जब वह एक हत्या की कोशिश में बच गए थे, तब से उन्होंने उन्हें नहीं देखा है।
अपनी अपील में, गोल्डस्मिथ ने कहा कि इमरान खान की बिगड़ती सेहत की खबरों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से जितनी जल्दी हो सके पीटीआई चीफ से मिलने की इजाजत देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लंबी चुप्पी ने परिवार को अनिश्चितता की स्थिति में डाल दिया है, जबकि बार-बार भरोसा दिलाया गया था कि इमरान खान के बेटों पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी।
इस मुद्दे ने इमरान खान के समर्थकों और मानवाधिकार समूहों के बीच उनकी हिरासत की शर्तों और उनके परिवार और लीगल टीम के साथ बातचीत पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
इमरान खान 2023 से जेल में हैं; उन्हें कई मामलों में दोषी ठहराया गया है, जिसमें भ्रष्टाचार और क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट्स को संभालने से जुड़े आरोप शामिल हैं। उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), ने बार-बार दावा किया है कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं और उनका मकसद खान को राजनीतिक माहौल से हटाना है।
जेल जाने के बाद से इमरान खान के परिवार के सदस्यों, जिसमें विदेश में रहने वाले उनके बेटे भी शामिल हैं, को उनसे मिलने की इजाजत लेने में बहुत मुश्किल हो रही है।
उनके वकीलों ने भी नियमित तौर पर इमरान से मिलने में मुश्किलों की बात कही है और आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने इस बात पर कड़े कंट्रोल लगा दिए हैं कि उनसे कौन और कब मिल सकता है।
इन पाबंदियों की वजह से इंटरनेशनल जानकारों ने उनकी आलोचना की है, जिनका कहना है कि इमरान खान की हिरासत के मामले में पारदर्शिता की कमी दिखाई देती है और यह हिरासत में लिए गए लोगों को मिलने वाले मूलभूत अधिकारों को पूरा करने में नाकाम है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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