राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स को प्रारंभिक ब्रेस्ट कैंसर
वॉशिंगटन, 16 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स को प्रारंभिक अवस्था का ब्रेस्ट कैंसर होने का पता चला है, लेकिन वह इलाज के दौरान भी व्हाइट हाउस से काम जारी रखेंगी।
ट्रंप ने इस जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा किया और वाइल्स की तारीफ करते हुए उन्हें एक भरोसेमंद सलाहकार बताया और उनकी तेजी से ठीक होने की उम्मीद जताई।
ट्रंप ने कहा, “सुसी वाइल्स एक अद्भुत चीफ ऑफ स्टाफ हैं, एक बेहतरीन इंसान हैं, और सबसे मजबूत लोगों में से एक हैं जिन्हें मैं जानता हूं। लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें प्रारंभिक अवस्था का ब्रेस्ट कैंसर होने का पता चला है। उन्होंने इस चुनौती को तुरंत स्वीकार करने का निर्णय लिया है, और तुरंत इलाज शुरू कर दिया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि वाइल्स पहले ही इलाज की तैयारी शुरू कर चुकी हैं और उनके पास एक मजबूत मेडिकल टीम का समर्थन है।
ट्रंप ने कहा, “उनकी मेडिकल टीम शानदार है इलाज के दौरान वह लगभग पूरा समय व्हाइट हाउस में बिताएंगी।
ट्रम्प ने वाइल्स को प्रशासन में अपने सबसे भरोसेमंद सलाहकारों में से एक भी बताया।
ट्रंप ने कहा, “उनकी शक्ति और उनकी प्रतिबद्धता, जो वे अपने काम को प्यार से और बेहतरीन तरीके से करती हैं, जबकि इलाज के दौरान भी काम कर रही हैं, आपको उनके बारे में सब कुछ बता देती हैं।
ट्रंप ने कहा कि वाइल्स प्रशासन में एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं और उनकी टीम के लिए केंद्रीय भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा, “सुसी, मेरी सबसे करीबी और महत्वपूर्ण सलाहकारों में से एक के रूप में, मजबूत हैं और अमेरिकी जनता की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
ट्रंप ने कहा कि वे और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप वाइल्स के इलाज के दौरान उनके साथ हैं।
उन्होंने कहा, “मेलानिया और मैं हर तरह से उनके साथ हैं, और हम सुसी के साथ काम करने की उम्मीद करते हैं ताकि हमारे देश के लाभ के लिए कई बड़े और शानदार काम किए जा सकें।”
व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने भी इस घोषणा के तुरंत बाद वाइल्स के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने वाइल्स की नेतृत्व क्षमता और व्यक्तिगत गुणों की तारीफ की।
उन्होंने कहा, “सुसी वाइल्स यह दिखाती हैं कि एक मजबूत नेता क्या होती हैं। वे सबसे अच्छे लोगों में से एक हैं जिन्हें मैंने कभी देखा है।”
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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Rajaysabha Elections Result 2026: 10 राज्यों की 37 सीटों पर क्या रहा परिणाम, यहां देखें
Rajaysabha Elections Result 2026: देश के 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए सोमवार को चुनाव कराए गए. इनमें से सात राज्यों में 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए, जबकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों के लिए मतदान हुआ. चुनावी नतीजों ने कई राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर पेश की जहां बिहार में एनडीए ने सभी सीटें जीत लीं, वहीं ओडिशा में क्रॉस वोटिंग ने परिणाम बदल दिए और हरियाणा में वोटों की गोपनीयता को लेकर विवाद के कारण मतगणना घंटों तक रुकी रही.
सात राज्यों में 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
असम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में कुल 26 उम्मीदवार बिना मुकाबले राज्यसभा पहुंच गए. इन राज्यों में विभिन्न दलों के उम्मीदवारों के खिलाफ पर्याप्त प्रत्याशी नहीं होने के कारण चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ी.
इन राज्यों में भाजपा, कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और अन्य दलों के कई प्रमुख नेता निर्विरोध निर्वाचित हुए। इससे साफ हुआ कि कई राज्यों में राजनीतिक दलों के बीच पहले से सहमति बन चुकी थी.
बिहार में NDA का शानदार प्रदर्शन
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान हुआ और यहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सभी सीटों पर जीत हासिल की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार एनडीए उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे.
मतदान में एनडीए के सभी 202 विधायकों ने हिस्सा लिया। नीतीश कुमार और नितिन नवीन को 44-44 वोट मिले, जबकि उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर को 42-42 विधायकों का समर्थन मिला.
पांचवीं सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा. एनडीए के शिवेश कुमार और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के बीच कांटे की टक्कर हुई. हालांकि महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए, जिससे समीकरण बदल गया. द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के बाद शिवेश कुमार को कुल 4202 वोट वैल्यू मिली, जबकि अमरेंद्र धारी सिंह को 3700 वोट वैल्यू मिली और वे चुनाव हार गए.
ओडिशा में क्रॉस वोटिंग से बदला समीकरण
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान हुआ, जहां मुकाबला काफी रोमांचक रहा. भाजपा ने यहां दो सीटें जीतने में सफलता हासिल की. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा सांसद सुजीत कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए.
चुनाव का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय ने बीजेडी के उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को हराकर जीत दर्ज की. बताया गया कि बीजेडी और कांग्रेस के कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिससे दिलीप राय को बढ़त मिली. वहीं बीजू जनता दल के उम्मीदवार संतृप्त मिश्रा ने एक सीट जीतकर पार्टी की मौजूदगी बनाए रखी.
हरियाणा में मतपत्र विवाद से रुकी मतगणना
हरियाणा में दो सीटों के लिए मतदान हुआ, लेकिन नतीजे देर रात तक घोषित नहीं हो सके. मतदान के दौरान मतपत्र की गोपनीयता के उल्लंघन को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज कराई.
कांग्रेस ने भाजपा नेता अनिल विज के वोट पर सवाल उठाया, जबकि भाजपा ने कांग्रेस विधायकों परमवीर सिंह और भरत बेनीवाल के मतपत्र पर आपत्ति जताई. चुनाव आयोग ने सुनवाई के बाद दो वोटों को मान्य और एक वोट को अमान्य घोषित किया, जिसके बाद मतगणना आगे बढ़ी.
चुनाव परिणामों से मिला राजनीतिक संकेत
राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने साफ कर दिया कि अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं. बिहार में एनडीए की मजबूती दिखाई दी, जबकि ओडिशा में क्रॉस वोटिंग ने विपक्ष को झटका दिया. वहीं हरियाणा का विवाद यह दिखाता है कि राज्यसभा चुनाव में हर वोट की अहमियत कितनी ज्यादा होती है.
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