दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों पर जमीनी अभियान शुरू : इजरायल
यरूशलम, 16 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने सोमवार को दावा किया कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के प्रमुख ठिकानों के खिलाफ सीमित और लक्षित जमीनी अभियान शुरू कर दिया है।
इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य खतरों को खत्म करना और उत्तर के निवासियों की सुरक्षा करना है।
सुरक्षा सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों ने सीमा के विभिन्न क्षेत्रों में इजरायली सैनिकों और हिजबुल्लाह लड़ाकों के बीच भारी संघर्ष की सूचना दी। इजरायली बल ब्लू लाइन (यूएन की ओर से निर्धारित इजरायल-लेबनान सीमा) की ओर बढ़ रहे हैं और सीमा क्षेत्र के कस्बों और रणनीतिक स्थानों पर स्थिति स्थापित कर रहे हैं।
यह मध्य पूर्व संघर्ष का हिस्सा है, जो 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान के खिलाफ हवाई अभियान के साथ शुरू हुआ था। हिजबुल्लाह, जो दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर काबिज है और ईरान का मुख्य सहयोगी है, दो मार्च से इजरायली बलों पर नियमित रूप से रॉकेट और ड्रोन हमले कर रहा है। यह हमला ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मौत के दो दिन बाद शुरू हुआ।
हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने अपनी स्थिति मजबूत की और इजरायली सैनिकों को पीछे धकेल दिया, जिससे 2024 के अंत में एक वर्ष लंबे युद्ध के बाद समाप्त हुई नाजुक शांति व्यवस्था के बाद सबसे तेज सीमा संघर्ष हुए। उस युद्धविराम ने व्यापक संघर्ष को रोका था, जिसमें लाखों लोग विस्थापित हुए थे और दोनों तरफ भारी बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ था।
इसी बीच, इजरायली सेना ने सोमवार को कहा कि उसने ईरान की शीर्ष नेतृत्व टीम की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले एक विमान को तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर नष्ट कर दिया। दावा किया कि इस हमले से तेहरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच समन्वय बाधित होगा। इजरायल ने कहा कि उसने ईरान के कई शहरों के बुनियादी ढांचे पर भी हमले किए।
आईडीएफ ने बयान में कहा कि यह विमान वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए सेवा प्रदान करता था। सेना ने कहा कि विमान को नष्ट करने से ईरान के नेतृत्व और सहयोगी समूहों के बीच संचार बाधित होगा और तेहरान की सैन्य तैयारी धीमी होगी।
इस विमान को एयरबस ए340 के रूप में पहचाना गया, जो पहले वरिष्ठ नेताओं को विदेश में कूटनीतिक बैठकों के लिए ले जाता था, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अतीत में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई शामिल थे। ईरानी अधिकारियों ने हमले की तुरंत पुष्टि नहीं की।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए समझौतों से बढ़ेंगे आर्थिक अवसर: डेनमार्क के राजदूत
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने दिल्ली में अन्य नॉर्डिक देशों के राजदूतों के साथ विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज से मुलाकात की।
क्रिस्टेंसन ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि ईयू-भारत और भारत-ईएफटीए मुक्त व्यापार समझौतों के बाद आर्थिक साझेदारी के अवसर और भी बड़े हो गए हैं।
क्रिस्टेंसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, नॉर्डिक देशों और भारत के पास एक-दूसरे को देने के लिए बहुत कुछ है, और ईयू-भारत तथा भारत-ईएफटीए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीएएस) के साथ ये अवसर और भी बड़े हो गए हैं। चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से मिल रही है। आज दिल्ली में अन्य नॉर्डिक राजदूतों के साथ सेक्रेटरी वेस्ट सिबी जॉर्ज से मिलकर बहुत खुशी हुई।
वहीं, विदेश मंत्रालय के अनुसार, दो दिवसीय दौरे पर बेल्जियम पहुंचे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की।
मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, सोमवार दोपहर यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलकर बहुत खुशी हुई। इस जनवरी में भारत की उनकी बेहद सफल राजकीय यात्रा हमारे संबंधों में एक अहम मोड़ साबित हुई है। हम इस पर पूरी सक्रियता से आगे बढ़ रहे हैं। समकालीन वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों की हम सराहना करते हैं।
वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी के लिए आर्मेनिया की सरकार का धन्यवाद किया।
मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सकुशल वापसी के लिए भारत सरकार विदेशी सरकारों के साथ संपर्क बनाए हुए है।
आर्मेनिया में कुछ भारतीय फंसे हुए थे, जिनको आज सुरक्षित निकाला गया। इसके लिए मंत्री जयशंकर ने आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान का धन्यवाद किया।
मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में सहयोग के लिए आर्मेनिया की सरकार और वहां की जनता का धन्यवाद। इन चुनौतीपूर्ण समय में उनके सहयोग की सराहना करते हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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