अफगानिस्तान का दावा: सैन्य शिविर पर ड्रोन हमले से पाकिस्तान को हुआ भारी नुकसान
काबुल, 16 मार्च (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा करते हुए कहा कि उसने खैबर पख्तूनख्वा के दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र के वाना इलाके में पाकिस्तान के एक सैन्य शिविर पर लक्षित ड्रोन हमला किया है। यह हमला इस्लामाबाद की ओर से कंधार प्रांत में रातभर किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया।
अफगानिस्तान की समाचार एजेंसी खामा प्रेस के अनुसार, मंत्रालय ने बताया कि ड्रोन हमले में स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) के कमांडो की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली सुविधाओं और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने कहा कि इस हमले में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान और हताहत हुए हैं।
हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभी तक अफगान ड्रोन हमले पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
इससे पहले, पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के कुछ हिस्सों में रात के दौरान हवाई हमले किए थे। इस्लामाबाद ने कहा कि ये कार्रवाई सीमा के पास आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए की गई थी।
खामा प्रेस के अनुसार, अफगान अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान के हमले एक नशा मुक्ति अस्पताल और एक खाली कंटेनर पर हुए, लेकिन इनमें कोई हताहत नहीं हुआ। इन हमलों में किसी की जान नहीं गई।
ताजा घटनाओं से सीमा क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता दिखाई दे रही है। इससे चिंता बढ़ गई है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
पिछले हफ्ते अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फ़ित्रत ने कहा था कि पाकिस्तान के हवाई हमलों में काबुल में चार लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हो गए।
अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने गुरुवार रात और शुक्रवार को कंधार, पक्तिका, खोस्त और नंगरहार प्रांतों में भी हवाई हमले किए थे। कंधार में एक तेल डिपो को निशाना बनाया गया था, जिसकी जानकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।
13 मार्च को अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उसने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया। यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से गुरुवार रात किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई थी, जिनमें अफगानिस्तान की तरफ कई नागरिक हताहत हुए थे।
काबुल की ओर से जारी बयान के अनुसार, कोहाट के सैन्य किले और ड्यूरंड लाइन के पास स्थित युद्ध कमान केंद्र को निशाना बनाया गया।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर बयान में कहा, “पाकिस्तानी सेना की पिछली रात की घुसपैठ के जवाब में अफगान वायुसेना ने सोमवार सुबह खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के रणनीतिक सैन्य केंद्रों और ठिकानों पर हमला किया।”
एक अन्य पोस्ट में मंत्रालय ने कहा, “इन हमलों के दौरान कोहाट सैन्य किले को निशाना बनाया गया। साथ ही किले से लगभग दो किलोमीटर दूर ड्यूरंड लाइन के पास स्थित युद्ध कमान केंद्र और किले के कमांडर के कार्यालय पर भी सटीक हमला किया गया।”
मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में किले की सैन्य सुविधाएं, कमान केंद्र, डिपो और सैनिकों के आवासीय क्वार्टर नष्ट हो गए, जिससे भारी मानव और सामग्री का नुकसान हुआ।
मौजूदा तनाव की शुरुआत 27 फरवरी को हुई, जब तालिबान नेतृत्व वाली अफगान सेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से 21 फरवरी को अफगान क्षेत्र के अंदर की गई कार्रवाई के बाद की गई थी।
अफगानिस्तान के हमलों के बाद पाकिस्तान ने “ऑपरेशन गजब लिल-हक” शुरू किया। पाकिस्तान ने कहा कि यह कार्रवाई अफगान बलों द्वारा सीमा के कई सेक्टरों में की गई “बिना उकसावे की गोलीबारी” के जवाब में की गई है।
--आईएएनएस
एवाई/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वांग यी ने वियतनामी विदेश मंत्री से मुलाकात की
बीजिंग, 16 मार्च (आईएएनएस)। सीपीसी केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हनोई में वियतनामी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और वियतनाम के विदेश मंत्री ली होई ट्रुंग से मुलाकात की।
वांग यी ने कहा कि चीन के एनपीसी और सीपीपीसीसी के समापन के तुरंत बाद चीन की वियतनाम यात्रा चीन-वियतनाम संबंधों के उच्च स्तर को दर्शाती है।
इस वर्ष जनवरी में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की 14वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद, सीपीसी महासचिव और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने महासचिव तो लाम के साथ समय पर बातचीत की और कूटनीति, प्रतिरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा पर चीन-वियतनाम 3+3 रणनीतिक संवाद तंत्र की पहली मंत्रिस्तरीय बैठक के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग संचालन समिति की 17वीं बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं द्वारा हासिल की गई रणनीतिक सहमति के अनुसार, हमें विकास और सुरक्षा के समन्वय पर गहन चर्चा करने, समाजवादी मार्ग पर चलने के लिए प्रमुख उपायों को स्पष्ट करने और चीन-वियतनाम एकजुटता, पारस्परिक विश्वास और संयुक्त प्रगति का सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भेजने के लिए इन दो महत्वपूर्ण तंत्रों का उपयोग करना चाहिए।
वांग यी ने आगे कहा कि चीन और वियतनाम दोनों ही महत्वपूर्ण उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं हैं, और इन दोनों देशों का विकास और पुनरुद्धार मानव प्रगति की दिशा का प्रतिनिधित्व करता है और विकासशील देशों के लिए मूल्यवान सबक और नए रास्ते प्रदान करेगा।
चीन, वियतनाम के साथ घनिष्ठ उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान बनाए रखने, व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने, लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, समुद्री मुद्दों को उचित रूप से संभालने और अगले दो वर्षों में एशिया-प्रशांत समुदाय के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए एपेक की मेजबानी में एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए तैयार है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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