भारत ने पहले बिम्सटेक यंग प्रोफेशनल्स एक्सचेंज प्रोग्राम का किया आयोजन
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। भारत ने 9 से 15 मार्च 2026 के बीच पहले बिमस्टेक (बीआईएमएसटीईसी) यंग प्रोफेशनल्स एक्सचेंज प्रोग्राम की मेजबानी की। यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय, भारत और महाराष्ट्र सरकार के साझे सहयोग से मुंबई और पुणे में आयोजित किया गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस पहल में बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) के सदस्य देशों के 30 युवा इनोवेटर, टेक्नोलॉजी डेवलपर, उद्यमी और अन्य पेशेवरों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के युवाओं के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान की थी। इसका उद्देश्य ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना और प्रतिभागियों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्ट-अप, इनोवेशन, रिसर्च और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कई प्रमुख संस्थानों का दौरा किया, जिनमें आईआईटी बॉम्बे, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी, भारत डायमंड बोर्स, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, इन्फोसिस और सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी शामिल हैं। इन दौरों के दौरान प्रतिभागियों को उद्योग जगत के नेताओं से बातचीत करने और भारत की आर्थिक व तकनीकी प्रगति को करीब से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की, जिन्होंने महाराष्ट्र के ज्ञान, नवाचार और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को रेखांकित करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।
इस पहल से युवा पेशेवरों को भारत के विकास मॉडल को समझने और संभावित सहयोग के अवसर तलाशने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम के लिए भारत की सराहना भी की।
भारत ने कहा कि अपनी नेबरहुड फर्स्ट नीति और एक्ट ईस्ट नीति की भावना के तहत वह ऐसे मंच तैयार करने को महत्व देता है, जहां युवा पेशेवर, उद्यमी और इनोवेटर आपस में संवाद कर सकें, एक-दूसरे से सीख सकें और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित कर सकें। यह पहल बिम्सटेक क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और उभरते नेताओं के बीच स्थायी नेटवर्क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
नेपाल बस हादसे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जताया दुख, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल में हुए सड़क हादसे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गहरा शोक प्रकट किया है। इस हादसे में तमिलनाडु के 7 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इस दुखद घटना के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ है और उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। साथ ही, संबंधित अधिकारियों और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उपराष्ट्रपति ने लिखा, नेपाल में हुई दुखद बस दुर्घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ, जिसमें तमिलनाडु के सात भारतीय तीर्थयात्रियों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। इस दुखद घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।
उपराष्ट्रपति ने आगे लिखा, मैंने संबंधित अधिकारियों और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से यह भी कहा है कि वे सभी आवश्यक सहायता प्रदान करें, जिसमें घायलों को मदद पहुँचाना और मृतकों के पार्थिव शरीर को वापस लाने की व्यवस्था करना शामिल है।
बता दें कि यह दर्दनाक हादसा शनिवार को गोरखा जिले में हुआ था। भारतीय तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक माइक्रोबस जब तनाहुन जिले के अंबुखैरेनी इलाके (जो मनकामना मंदिर से थोड़ा पश्चिम में है) की ओर जा रही थी, तब शहीद लखन ग्रामीण नगरपालिका के कांतार इलाके में सड़क से फिसलकर एक खाई में गिर गई थी।
हादसे में मारे गए भारतीय तीर्थयात्रियों के शवों को जल्द स्वदेश लाने के लिए भारतीय दूतावास सक्रिय रूप से काम कर रहा है। भारतीय दूतावास ने कहा कि वह पीड़ित परिवारों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों ने बचाव कार्य चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, माइक्रोबस में सवार तीर्थयात्री मनकामना मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद लौट रहे थे तभी बस खाई में जा गिरी। इस हादसे में सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई जबकि सात अन्य भारतीय तीर्थयात्री घायल हो गए।
--आईएएनएस
पीएसके
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