भोपाल | 16 मार्च, 2026। मध्य प्रदेश में युवाओं की ऊर्जा को अनुशासन और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के उद्देश्य से आज राजधानी भोपाल में 'राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सम्मेलन 2026' का शुभारंभ हुआ। क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल द्वारा डॉ. अशोक कुमार श्रोती (क्षेत्रीय निदेशक, म.प्र. एवं छत्तीसगढ़) के नेतृत्व और संगठन व्यवस्था में आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य ध्येय "संवाद से समाधान" रखा गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव (ACS) उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने दीप प्रज्वलित कर सत्र का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने NSS के स्वयंसेवकों की कार्यप्रणाली और उनके अनुशासित व्यवहार की जमकर सराहना की।
उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि, "मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के इतिहास में आज तक NSS के स्वयंसेवकों द्वारा कभी भी विभाग या शासन के लिए कोई समस्या उत्पन्न नहीं की गई है। यह उनके संस्कार और संगठन के प्रति निष्ठा का ही परिणाम है।" उन्होंने प्रदेश भर में NSS द्वारा चलाए जा रहे नए प्रयोगों और सामाजिक अभियानों को आधुनिक युग की आवश्यकता बताया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश में NSS की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष और बेहतर प्रयास करेगा।
भारत सरकार, NSS के उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने सम्मेलन के विजन को साझा करते हुए बताया कि कैसे 'संवाद' के माध्यम से स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में शैलेंद्र सिंह जी (CEO एवं ADM, सतना) और डॉ. शिवकुमार शर्मा जी (प्राचार्य, माधव कॉलेज, ग्वालियर) उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासनिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से NSS की महत्ता पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के तकनीकी सत्र में मध्य प्रदेश के सातों विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयकों (Program Coordinators) ने हिस्सा लिया। सभी समन्वयकों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से अपने-अपने विश्वविद्यालयों के अंतर्गत संचालित विशेष गतिविधियों और नवाचारों का विवरण प्रस्तुत किया।
गोद लिए गए गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी बदलाव।
आपदा प्रबंधन, मतदान जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण में स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका।
आगामी सत्र के लिए प्रस्तावित 'संवाद आधारित' सामुदायिक कार्यक्रम और नवाचार।
इस भव्य आयोजन की सफलता का मुख्य आधार क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल की टीम और डॉ. अशोक कुमार श्रोती और डॉ. राजकुमार वर्मा ke कुशल मार्गदर्शन में रहा। नेतृत्व में मध्य प्रदेश का NSS विभाग आज देश में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है।
"जहाँ संवाद होता है, वहाँ समस्याओं का अंत निश्चित है। मध्य प्रदेश का NSS स्वयंसेवक अनुशासन और सेवा की वह मशाल है, जो समाज को नई दिशा दे रही है।"
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भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर पांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) की विभिन्न राज्यों में तैनाती की घोषणा की। आयोग ने निर्देश दिया कि ये नियुक्तियां तत्काल लागू की जाएं और अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने संबंधी अनुपालन रिपोर्ट 17 मार्च को प्रस्तुत की जाए। चुनाव आयोग ने असम के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि सोमलिन शुभदर्शनी (आईपीएस) को माजुली में एसएसपी, आर शीतल कुमार (आईपीएस) को दक्षिण सालमारा में एसएसपी, आंचाल चौहान (आईपीएस) को सादिया में एसएसपी, सुधाकर सिंह (आईपीएस) को चिरांग में एसएसपी और मोहन लाल मीना (आईपीएस-2016) को धेमाजी में एसएसपी के पद पर तैनात किया जाए।
पत्र में आगे कहा गया है कि स्थानांतरित किए गए अधिकारियों को चुनाव संपन्न होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, एक अलग अधिसूचना में, चुनाव आयोग ने (सेवानिवृत्त) आईएएस अधिकारी मनजीत सिंह को असम चुनावों के लिए अपना विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया। पत्र में लिखा था कि आपको असम विधानसभा चुनावों, 2026 की तैयारियों और संचालन का निरीक्षण करने के लिए समय-समय पर असम का दौरा करना होगा और आयोग को आवश्यक कार्रवाई के लिए अपने सुझाव देने होंगे।
मनजीत सिंह के कर्तव्यों का निर्वहन असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समन्वय से किया जाएगा, जो सभी आवश्यक सामग्री, सुविधाएँ और प्रोटोकॉल सहायता प्रदान करेंगे। पत्र के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम और विधानसभा क्षेत्रों की सूची संदर्भ के लिए संलग्न की गई थी। इस बीच, सर्वोच्च चुनाव आयोग ने छह राज्यों में आम चुनावों और उपचुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता के कड़ाई से पालन के निर्देश जारी किए।
एक प्रेस विज्ञप्ति में, चुनाव आयोग ने लिखा कि इस घोषणा के साथ, चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आचार संहिता (एमसीसी) को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। एमसीसी संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र सरकार द्वारा की जाने वाली घोषणाओं/नीतिगत निर्णयों पर भी लागू होगी।
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