गुना। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में ₹32.27 करोड़ लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें ₹16.86 करोड़ की लागत से जिला अस्पताल में निर्मित अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट और रेलवे स्टेशन तथा सकटपुर में ₹15.41 करोड़ की लागत से तैयार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने क्रिटिकल केयर यूनिट का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुना के विकास को नई गति देने के लिए स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने गुना की जनता के साथ अपने पारिवारिक संबंध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता केवल राजनीति का नहीं, बल्कि विश्वास और भावनाओं का है।
राजमाता ने दिया था ‘स्वयं को कभी नहीं बदलने’ का संदेश
अपने संबोधन में केन्द्रीय मंत्री ने राजमाता श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा कि उनका संदेश हमेशा यही रहा कि व्यक्ति को परिस्थितियों के बावजूद स्वयं को कभी बदलने नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में भी मूल्यों और सेवा की भावना को बनाए रखना उनका संकल्प रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीवन का सफर निरंतर सीखने का सफर होता है। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाएँ जितनी महत्वपूर्ण हैं, उतना ही महत्वपूर्ण आम नागरिकों की व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान करना भी है।
₹16.86 करोड़ की अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुना में ₹16.86 करोड़ की लागत से स्थापित अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा परिवर्तन लाएगी। उन्होंने बताया कि यह 50 बिस्तरों वाला पूर्णतः वातानुकूलित अस्पताल है, जिसमें अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, कंप्यूटरीकृत जांच मशीनें और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इससे अब गंभीर उपचार के लिए बड़े महानगरों पर निर्भरता कम होगी। इस दौरान उन्होंने यूनिट का निरीक्षण भी किया और स्टाफ से वार्तालाप भी किया। सिंधिया ने उनसे कहा कि इस यूनिट की जिम्मेदारी अब आपके कंधों पर है, इसे आपको स्वच्छ और सुंदर बनाये रखना है।
₹15.41 करोड़ का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने नगर पालिका की टीम और सभी जनप्रतिनिधियों को ₹15.41 करोड़ की लागत से बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहर में स्वच्छता और बेहतर जल प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि गुना में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 50 मीटर का स्विमिंग पूल सहित कई आधुनिक खेल सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इससे युवाओं को खेल प्रतिभा विकसित करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
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भोपाल | 16 मार्च, 2026। मध्य प्रदेश में युवाओं की ऊर्जा को अनुशासन और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के उद्देश्य से आज राजधानी भोपाल में 'राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सम्मेलन 2026' का शुभारंभ हुआ। क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल द्वारा डॉ. अशोक कुमार श्रोती (क्षेत्रीय निदेशक, म.प्र. एवं छत्तीसगढ़) के नेतृत्व और संगठन व्यवस्था में आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य ध्येय "संवाद से समाधान" रखा गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव (ACS) उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने दीप प्रज्वलित कर सत्र का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने NSS के स्वयंसेवकों की कार्यप्रणाली और उनके अनुशासित व्यवहार की जमकर सराहना की।
उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि, "मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के इतिहास में आज तक NSS के स्वयंसेवकों द्वारा कभी भी विभाग या शासन के लिए कोई समस्या उत्पन्न नहीं की गई है। यह उनके संस्कार और संगठन के प्रति निष्ठा का ही परिणाम है।" उन्होंने प्रदेश भर में NSS द्वारा चलाए जा रहे नए प्रयोगों और सामाजिक अभियानों को आधुनिक युग की आवश्यकता बताया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश में NSS की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष और बेहतर प्रयास करेगा।
भारत सरकार, NSS के उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने सम्मेलन के विजन को साझा करते हुए बताया कि कैसे 'संवाद' के माध्यम से स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में शैलेंद्र सिंह जी (CEO एवं ADM, सतना) और डॉ. शिवकुमार शर्मा जी (प्राचार्य, माधव कॉलेज, ग्वालियर) उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासनिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से NSS की महत्ता पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के तकनीकी सत्र में मध्य प्रदेश के सातों विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयकों (Program Coordinators) ने हिस्सा लिया। सभी समन्वयकों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से अपने-अपने विश्वविद्यालयों के अंतर्गत संचालित विशेष गतिविधियों और नवाचारों का विवरण प्रस्तुत किया।
गोद लिए गए गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी बदलाव।
आपदा प्रबंधन, मतदान जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण में स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका।
आगामी सत्र के लिए प्रस्तावित 'संवाद आधारित' सामुदायिक कार्यक्रम और नवाचार।
इस भव्य आयोजन की सफलता का मुख्य आधार क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल की टीम और डॉ. अशोक कुमार श्रोती और डॉ. राजकुमार वर्मा ke कुशल मार्गदर्शन में रहा। नेतृत्व में मध्य प्रदेश का NSS विभाग आज देश में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है।
"जहाँ संवाद होता है, वहाँ समस्याओं का अंत निश्चित है। मध्य प्रदेश का NSS स्वयंसेवक अनुशासन और सेवा की वह मशाल है, जो समाज को नई दिशा दे रही है।"
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