गावस्कर बोले- पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़:भारतीय मालिकों को इससे बचना चाहिए, द हंड्रेड में सनराइजर्स ने अबरार को खरीदा था
इंग्लैंड की टी-20 लीग द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय मालिकाना हक वाली इस फ्रेंचाइजी के फैसले पर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गावस्कर ने कहा कि भारतीय मालिकों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़ जैसा है और ऐसे फैसलों से बचना चाहिए। 13 मार्च को लंदन में हुए ऑक्शन में अबरार को ₹2.34 करोड़ में खरीदा गया था। सनराइजर्स के मालिकों के पास IPL की टीम सनराइजर्स हैदराबाद और साउथ अफ्रीका लीग (SA20) की टीम सनराइजर्स ईस्टर्न केप भी है। सनराइजर्स की CEO काव्या मारन हैं। सनराइजर्स लीड्स की पोस्ट देखिए… IPL में पाकिस्तान खिलाड़ियों पर प्रतिबंध पाकिस्तान के खिलाड़ी IPL में नहीं खेलते। उन्होंने केवल 2008 के पहले सीजन में हिस्सा लिया था। इसके बाद नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले के बाद IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर रोक लगा दी गई। आम तौर पर भारतीय फ्रेंचाइजी, जिनकी विदेशी लीगों में भी टीमें हैं, पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदतीं। लेकिन सनराइजर्स ने इस परंपरा को नहीं अपनाया। पैसों से हथियार खरीदे जाते हैं- गावस्कर सुनील गावस्कर ने मिड-डे में लिखे अपने कॉलम में कहा, भारतीय मालिकों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने से बचना चाहिए। द हंड्रेड में किसी भारतीय मालिक वाली टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर जो विवाद हुआ है, वह बिल्कुल भी हैरान करने वाला नहीं है। नवंबर 2008 के मुंबई हमलों के बाद से भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया है। अब जाकर यह समझ आया है कि जब वे किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को फीस देते हैं और वह अपने देश में टैक्स देता है, तो वह पैसा सरकार के पास जाता है, जिससे हथियार खरीदे जा सकते हैं। इस तरह यह पैसा अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय सैनिकों और नागरिकों की मौत में योगदान दे सकता है। इसी कारण भारतीय संस्थाएं पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों को शामिल करने से बचती रही हैं। विट्टोरी इसे शायद न समझें गावस्कर ने आगे कहा, सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विट्टोरी, जो न्यूजीलैंड से हैं, शायद इस स्थिति को न समझते हों और उन्होंने टीम में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने की इच्छा जताई हो। लेकिन मालिक को इस स्थिति की समझ होनी चाहिए थी और इस खरीद को रोकना चाहिए था। क्या उस फॉर्मेट का टूर्नामेंट जीतना, जिसे दुनिया का कोई और देश नहीं खेलता, भारतीयों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है? बहिष्कार की चेतावनी गावस्कर ने यह भी कहा कि इस फैसले के कारण भारतीय फैंस टीम का बहिष्कार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, कोई हैरानी की बात नहीं होगी कि जब भी यह टीम मैच खेलेगी, चाहे घर में या बाहर, भारतीय फैंस बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करें। यहां तक कि टीम में अच्छे बल्लेबाज होने के बावजूद दर्शक मैच देखने नहीं आएं और इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने अंत में कहा कि अभी भी इस गलती को सुधारा जा सकता है और उम्मीद है कि समझदारी से फैसला लिया जाएगा। BCCI बोला- हम दखल नहीं दे सकते इस मामले पर BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि बोर्ड इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक विदेशी लीग से जुड़ा मामला है। अंतिम फैसला फ्रेंचाइजी को ही लेना होगा। उस्मान तारिक 1.72 करोड़ रुपए में बिके इस नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक रहे, जिन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपए) में खरीदा। हालांकि, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सैम अयूब अनसोल्ड रहे। बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान पर विवाद हुआ था IPL की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (IPL) ने 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के कारण भारत में इसका विरोध होने लगा। इस पर BCCI के कहने पर KKR ने रहमान को रिलीज कर दिया है। इससे नाराज बांग्लादेशी सरकार ने अपने देश में IPL के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया था। ऐसे में ICC ने बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से ही बाहर कर दिया गया था। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया था। पाकिस्तान ने भारत से मैच का बॉयकॉट किया था पाकिस्तानी सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच का बॉयकॉट कर दिया था। हालांकि, श्रीलंकाई राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तानी सरकार ने भारत से मैच के लिए मंजूरी दी थी। कोलंबो में 15 फरवरी को खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने 61 रनों के अंतर से जीता था। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन ने फिफ्टी लगाई थी। --------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी KKR की टीम में शामिल, फ्रेंचाइजी ने IPL 2026 से पहले साइन किया कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL-2026 से पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को अपनी टीम में शामिल किया है। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 29 साल के इस तेज गेंदबाज ने टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की ओर से 13 विकेट झटके थे। वे अपनी टीम के टॉप विकेट टेकर्स रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 स्टेज तक पहुंची थी। पढ़ें पूरी खबर
विजय थलपति फिल्म 'जन नायकन' पर सेंसर का निर्णय कल:रिवाइजिंग कमेटी करेगी नई स्क्रीनिंग, फिल्म देखने के बाद सर्टिफिकेट को लेकर होगा फैसला
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय थलपति की मोस्ट-अवेटेड फिल्म 'जन नायकन' को लेकर सेंसर से जुड़ा विवाद अभी तक खत्म नहीं हुआ है। फिल्म को सर्टिफिकेट देने से पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन की रिवाइजिंग कमेटी एक बार फिर फिल्म की स्क्रीनिंग करने वाली है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक 17 मार्च को कमेटी फिल्म देखेगी और इसके बाद सर्टिफिकेट को लेकर फैसला लिया जा सकता है। पहले यह स्क्रीनिंग 9 मार्च को तय की गई थी, लेकिन कमेटी के एक सदस्य के बीमार पड़ने के कारण इसे टाल दिया गया था। अब नई तारीख तय कर दी गई है और प्रोडक्शन हाउस को इसकी जानकारी दे दी गई है। इस स्क्रीनिंग के बाद कमेटी यह तय करेगी कि फिल्म को सर्टिफिकेट दिया जाए या इसमें कुछ बदलाव किए जाएं। ‘जना नायगन’ पिछले कई महीनों से सेंसर प्रक्रिया में फंसी हुई है। फिल्म को पहले एग्जामिनिंग कमेटी के सामने पेश किया गया था। वहां कुछ आपत्तियों के बाद इसे रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। इसी वजह से फिल्म की रिलीज लगातार टलती रही और फैंस को लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। फिल्म का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है। यह एक बड़े बजट की एक्शन-ड्रामा फिल्म मानी जा रही है और इंडस्ट्री में इसे विजय के करियर की अहम फिल्मों में से एक बताया जा रहा है। अब सबकी नजर 17 मार्च को होने वाली रिवाइजिंग कमेटी की स्क्रीनिंग पर है। इसी के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर स्थिति साफ हो सकती है। दरअसल, फिल्म पहले 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट समय पर न मिलने के कारण इसकी रिलीज टालनी पड़ी। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया था और निर्माताओं ने सर्टिफिकेशन को लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी।
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