गर्मी के मौसम में परवल-भिंडी हफ्तेभर बने रहेंगे हरे और ताजा, बस स्टोर करने का 2 कमाल का तरीका जान लें
गर्मी के मौसम में परवल व भिंडी जैसी सब्जियां खूब बिकने लगती है और हर घर में इन्हें बनाकर खाया भी जाता है। लेकिन अगर इन सब्जियों को सही से स्टोर न किया जाए, तो 2 दिन में ही पीली दिखने या फिर सड़ने लगती है। चलिए आपको स्टोर करने के 2 आसान हैक्स बताते हैं।
Bandhan Bank: बंधन बैंक का शेयर 10% गिरा, एक खबर ने निवेशकों में मचाई खलबली
Bandhan Bank: सोमवार को शेयर बाजार में बंधन बैंक के निवेशकों को बड़ा झटका लगा। खबर आई कि बैंक की प्रमोटर कंपनी बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज अपनी हिस्सेदारी बेचने या आईपीओ लाने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। इस खबर के बाद बंधन बैंक का शेयर तेज गिरावट के साथ 10% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया।
दोपहर के कारोबार में बंधन बैंक का शेयर 157.95 रुपये पर लॉक हो गया। यह गिरावट इतनी तेज थी कि स्टॉक बीएसई मिडकैप इंडेक्स में दिन का सबसे बड़ा लूजर बन गया। हालांकि इस गिरावट से पहले पिछले एक साल में बंधन बैंक का शेयर करीब 30 फीसदी तक चढ़ चुका था।
बंधन बैंक के शेयर में लगा लोअर सर्किट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज ने संभावित विकल्पों को तलाशने के लिए वैश्विक निवेश बैंक जेफरीज को नियुक्त किया है। जेफरीज का काम यह देखना है कि क्या निजी इक्विटी निवेशकों को हिस्सेदारी बेची जा सकती है या फिर कंपनी के जरिए आईपीओ लाकर निवेशकों को बाहर निकलने का मौका दिया जा सकता।
संस्थागत निवेशकों को एग्जिट के लिए निर्णय
बताया जा रहा है कि यह कदम लंबे समय से निवेश कर रहे संस्थागत निवेशकों को एग्जिट देने के लिए उठाया जा रहा। इनमें इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) और जीआईसी वेंचर्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। ये निवेशक कई सालों से कंपनी में हिस्सेदारी रखे हुए हैं और अब अपने निवेश को भुनाने का रास्ता तलाश रहे हैं।
बंधन बैंक में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 39 फीसदी से ज्यादा
फिलहाल बंधन बैंक में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 39.74% है। ऐसे में प्रमोटर हिस्सेदारी को लेकर नियामकीय नियमों का पालन भी इस योजना का एक अहम कारण माना जा रहा है। अगर हिस्सेदारी बेची जाती है या आईपीओ आता है तो इससे प्रमोटर ग्रुप अपनी हिस्सेदारी कम कर सकेगा और नियामकीय जरूरतों को पूरा कर पाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, इस मुद्दे पर सोमवार को बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज के बोर्ड की बैठक में भी चर्चा हुई। जेफरीज को खासतौर पर निजी इक्विटी फंड्स और बड़े निवेशकों के बीच दिलचस्पी टटोलने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो इससे मौजूदा निवेशकों को अपने शेयर बेचने का मौका मिलेगा। साथ ही कंपनी के ओनरशिप स्ट्रक्चर को भी बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा।
बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज फिलहाल बंधन बैंक की प्रमोटर इकाई है और बैंक के संचालन में इसकी अहम भूमिका है। इसलिए प्रमोटर स्तर पर होने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर बैंक के शेयर पर असर डाल सकता है।
इस बीच एक और अहम घटनाक्रम फरवरी में हुआ था। भारतीय रिजर्व बैंक ने एसबीआई म्यूचुअल फंड को बंधन बैंक में 9.99% तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी थी। इस मंजूरी के बाद बाजार में बैंक को लेकर दिलचस्पी बढ़ी थी। लेकिन अब हिस्सेदारी बिक्री और संभावित आईपीओ की खबर से निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है। यही वजह रही कि सोमवार को बाजार खुलने के कुछ ही घंटों में बंधन बैंक के शेयर में भारी बिकवाली देखने को मिली और स्टॉक सीधे लोअर सर्किट तक फिसल गया।
(प्रियंका कुमारी)
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