पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं हमारी 5 उंगलियां, जानें सक्रिय करने के आसान तरीके
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। यह बात तो सभी जानते हैं कि हमारा शरीर पंचभूतों से मिला है, जिसमें धरती, आकाश, जल, अग्नि और वायु सम्मिलित हैं। यह पंचभूत हमारे शरीर में विद्यमान है और माना जाता है कि मृत्यु के बाद शरीर इन्हीं पंचतत्वों में विलीन हो जाता है।
इन पंचतत्वों को हमारे शरीर में संतुलन और सक्रिय रखना भी बहुत जरूरी है क्योंकि उनके तार हमारी सेहत से जुड़े हैं। हमारे हाथ की पांचों उंगुलियां शरीर के पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं। अंगूठा पृथ्वी तत्व, तर्जनी वायु, मध्यमा आकाश, अनामिका अग्नि और कनिष्ठा जल का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन पंचतत्वों का सक्रिय होना भी जरूरी है।
पहले बात करते हैं पृथ्वी तत्व की। पृथ्वी तत्व को सक्रिय करने प्रकृति से जुड़ना बहुत जरूरी है। इसके लिए कोशिश करें कि हरियाली के साथ समय बिताए। इसके साथ नंगे पैर घास पर चलना, मिट्टी को हाथ लगाना, और बागवानी करना पृथ्वी तत्व को सक्रिय कर सकता है। वहीं वायु तत्व को सक्रिय करने के लिए सांस से जुड़े प्राणायाम करें। इसके लिए रोजाना खुली हवा में बैठकर अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम करें। इसके साथ ही आहार में कड़वी चीजों को शामिल करें।
आकाश तत्व को संतुलित करने के लिए ध्यान और मौन दोनों की प्रक्रिया को अपनाना चाहिए। इसके लिए ध्यान की मुद्रा में बैठकर ओम का उच्चारण करें। इससे मानसिक चेतना में वृद्धि होती है और मन को भी शांति मिलती है। वहीं अग्नि तत्व पाचन से जुड़ा है। इसको सक्रिय करने के लिए पेट से जुड़े योग करें, जैसे सूर्य नमस्कार, नौकासन और कपालभाति। इसके साथ ही हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें। अगर शरीर में पाचन क्रिया सही है तो शरीर के आधे रोग अपने आप ही ठीक हो जाते हैं।
पांचवा और आखिरी है जल तत्व। जल तत्व हमारे शरीर का सबसे जरूरी भाग है क्योंकि हमारे शरीर का 50-65 फीसदी हिस्सा पानी से बना है। जल तत्व को सक्रिय करने के लिए खूब सारा तरल लेना फायदेमंद होता है और साथ ही जल मुद्रा का अध्ययन करना भी प्रभावी होता है। इसके साथ ही स्विमिंग करने से भी जल तत्व सक्रिय होता है।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आईफोन फैक्ट्रियों में एक लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा रोजगार: अश्विनी वैष्णव
मुंबई, 16 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया पहल से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है। इलेक्ट्रोनिक मैन्युफैक्चरिंग महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहा है और देश में मौजूद आईफोन फैक्ट्रियों में एक लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा पोस्ट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल महिलाओं को सशक्त बना रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैंन्युफैक्चरिंग सेक्टर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।
उन्होंने आगे लिखा,कई कारखानों में आधे से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। अकेले आईफोन कारखानों में ही 1 लाख से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। महिला कर्मचारी अत्यधिक जटिल सेमीकंडक्टर संयंत्रों में भी अपनी क्षमता साबित कर रही हैं।
इसके साथ वैष्णव ने एक आर्टिकल शेयर किया है कि जिसमें देश में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से महिलाओं के लिए पैदा हुए रोजगार के अवसरों के बारे में बताया गया है।
आर्टिकल के मुताबिक, देश में एप्पल फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से पांच आईफोन फैक्ट्रियों को ऑपरेट करता है। इनमें पीक प्रोडक्शन साइकिल में 1,40,000 कर्मचारियों को रोजगार मिलता है। इसमें से 1,00,000 महिलाएं हैं, जिसमें से ज्यादातर 19-24 वर्ष की हैं।
इनमें से ज्यादातर को महिलाओं की पहली नौकरी है। हर कर्मचारी को काम शुरू करने से पहले एक छह हफ्ते की ट्रेनिंग दी जाती है। इस ट्रेनिंग को प्लांट चलाने वाली कंपनी द्वारा निशुल्क दिया जाता है, जिससे कर्मचारी एसेंबली लाइन पर जाने से पहले काम की पूरी बारीकियां समझ जाएं।
एप्पल ने 2025 में भारत में उत्पादन करीब 53 प्रतिशत बढ़ाया है और इस दौरान करीब 5.5 करोड़ यूनिट्स की असेंबली की है, यह आंकड़ा इससे पहले के वर्ष में 3.6 करोड़ यूनिट्स था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए भारत में अपने करीब एक चौथाई फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स का उत्पादन कर रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया कि एप्पल वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 22-23 करोड़ आईफोन का उत्पादन करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह सरकार द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के तहत मिलने वाला प्रोत्साहन है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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