भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की जमकर तारीफ की है और कहा है कि जब वह अपनी लय में होते हैं तो शुरुआती छह ओवरों में ही मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बीस ओवर विश्व कप के अंतिम चरण में सैमसन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गौरतलब है कि विश्व कप के सेमीफाइनल और फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में संजू सैमसन ने तेजतर्रार अर्धशतक लगाए और भारत को ऐतिहासिक तीसरा खिताब दिलाने में अहम योगदान दिया है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर शुरुआती छह ओवरों में ही विरोधी टीम पर दबाव बना दिया था।
बताया जाता है कि उस मुकाबले में दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर शुरुआती ओवरों में ही लगभग बानवे रन जोड़ दिए थे, जिससे मुकाबले की दिशा काफी हद तक तय हो गई है। इसी प्रदर्शन को लेकर गौतम गंभीर ने कहा कि टीम को सैमसन की प्रतिभा और आक्रामकता पर हमेशा भरोसा रहा है।
गंभीर ने एक बातचीत के दौरान कहा कि टीम प्रबंधन को कभी भी सैमसन की क्षमता पर संदेह नहीं रहा। उनके अनुसार यदि सैमसन अच्छी शुरुआत कर लेते हैं तो वह अकेले ही शुरुआती ओवरों में मैच जीताने की क्षमता रखते हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार विश्व कप से पहले सैमसन को शुरुआती मुकाबलों में जगह नहीं मिली थी क्योंकि तैयारी श्रृंखला में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। हालांकि जब उन्हें महत्वपूर्ण मुकाबले में मौका मिला तो उन्होंने शानदार बल्लेबाजी कर सभी का भरोसा सही साबित किया है।
बताया जाता है कि जिम में अभ्यास के दौरान गौतम गंभीर ने खुद सैमसन को यह बताया था कि अगले मुकाबले में उन्हें खेलने का मौका मिलेगा। इस बातचीत को लेकर गंभीर ने कहा कि टीम में खिलाड़ियों और कोच के बीच संबंध काफी सहज हैं और कई अहम बातें अभ्यास सत्र के दौरान ही हो जाती हैं।
गौरतलब है कि उस समय भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज खेल रहे थे। ऐसे में कई लोगों का मानना था कि सैमसन को शामिल करने का फैसला इस संतुलन को बदलने के लिए लिया गया।
हालांकि गंभीर ने इस धारणा को गलत बताते हुए कहा कि सैमसन को टीम में शामिल करने का मुख्य कारण बल्लेबाजी को और अधिक आक्रामक बनाना था। उनके अनुसार पिछले डेढ़ वर्ष से टीम की रणनीति यही रही है कि शुरुआती ओवरों में अधिक से अधिक आक्रामक बल्लेबाजी की जाए।
उन्होंने कहा कि सैमसन को शामिल करने का उद्देश्य केवल विरोधी टीम के स्पिन गेंदबाजों से निपटना नहीं था बल्कि शीर्ष क्रम में अतिरिक्त आक्रामकता लाना था ताकि शुरुआती ओवरों में ही मैच पर पकड़ बनाई जा सके।
इसी दौरान गंभीर ने युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का भी समर्थन किया। गौरतलब है कि टूर्नामेंट की शुरुआत में अभिषेक का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वह लगातार तीन बार बिना रन बनाए आउट हुए थे।
गंभीर ने कहा कि केवल स्कोर देखकर किसी खिलाड़ी की फॉर्म का आकलन नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार किसी बल्लेबाज की असली स्थिति तब समझ आती है जब वह मैदान पर कुछ समय बिताकर बीस से तीस गेंद खेल लेता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार अभिषेक शर्मा ने बाद में शानदार वापसी की और दो महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। इनमें से एक अर्धशतक फाइनल मुकाबले में भी आया।
गंभीर का कहना है कि टीम प्रबंधन को ड्रेसिंग रूम में मौजूद हर खिलाड़ी पर पूरा भरोसा रहता है। उनके अनुसार देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने गए हर खिलाड़ी पर टीम को विश्वास होता है और यही भरोसा बड़े मुकाबलों में जीत दिलाने में मदद करता है।
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