भारतीय चुनाव आयोग ने आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केरल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, केरल की सभी विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। राज्य में मतदाता सूची का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है और अंतिम लिस्ट भी जारी कर दी गई है।
चुनावी कार्यक्रम
केरल में एक ही चरण में मतदान संपन्न होगा। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी और उसी दिन चुनावी नतीजे सामने आएंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। केरल के अलावा पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में भी चुनाव कार्यक्रमों का ऐलान किया गया है।
कांग्रेस जल्द जारी करेगी उम्मीदवारों की लिस्ट
चुनाव की तारीख सामने आते ही राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने कहा है कि अब पार्टी अलग-अलग चरणों में अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगी। उन्होंने कोच्चि में पत्रकारों से बात करते हुए साफ किया कि गठबंधन के साथियों के साथ सीट बंटवारे को लेकर कोई झगड़ा नहीं है और बातचीत आखिरी दौर में है। सतीशन के मुताबिक, चुनाव कार्यक्रम के इंतजार में ही अब तक नामों का ऐलान नहीं किया गया था।
केरल का राजनीतिक मुकाबला
केरल में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी वामपंथी दलों और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है। केरल में आमतौर पर हर पांच साल में सरकार बदलने का रिवाज रहा है, लेकिन पिछले चुनाव में पिनाराई विजयन के नेतृत्व में वामपंथियों ने दोबारा जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। इस बार जहां वामपंथी दल अपनी पकड़ बनाए रखना चाहते हैं, वहीं कांग्रेस लोकसभा चुनाव के अच्छे नतीजों से उत्साहित है और सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
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चुनाव आयोग ने आज शाम 4 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम समेत पांच राज्यों के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को खत्म हो रहा है, इसलिए राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जाएगा। असम की सभी 126 सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है।
एक ही चरण में होगी वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे
असम में इस बार विधानसभा चुनाव केवल एक ही चरण में संपन्न होंगे। राज्य की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद, वोटों की गिनती 4 मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बार असम के लगभग 2.5 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 1.25 करोड़ है।
सत्ता बरकरार रखने और खोई जमीन पाने की जंग
राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत होती है। वर्तमान में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले बीजेपी गठबंधन के पास 86 सीटें हैं, जो बहुमत से काफी ज्यादा है। वहीं, कांग्रेस के पास महज 22 सीटें हैं। इस बार मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। जहां बीजेपी अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के नेतृत्व में विपक्ष वापसी की उम्मीद कर रहा है।
चुनाव आयोग ने कसी कमर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनावी तैयारियों की जानकारी दी। आयोग का मुख्य फोकस शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है। राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और अब सभी दलों की नजरें 9 अप्रैल को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं।
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