चुनाव आयोग ने आज शाम 4 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम समेत पांच राज्यों के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को खत्म हो रहा है, इसलिए राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जाएगा। असम की सभी 126 सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है।
एक ही चरण में होगी वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे
असम में इस बार विधानसभा चुनाव केवल एक ही चरण में संपन्न होंगे। राज्य की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद, वोटों की गिनती 4 मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बार असम के लगभग 2.5 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 1.25 करोड़ है।
सत्ता बरकरार रखने और खोई जमीन पाने की जंग
राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत होती है। वर्तमान में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले बीजेपी गठबंधन के पास 86 सीटें हैं, जो बहुमत से काफी ज्यादा है। वहीं, कांग्रेस के पास महज 22 सीटें हैं। इस बार मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। जहां बीजेपी अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के नेतृत्व में विपक्ष वापसी की उम्मीद कर रहा है।
चुनाव आयोग ने कसी कमर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने चुनावी तैयारियों की जानकारी दी। आयोग का मुख्य फोकस शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है। राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और अब सभी दलों की नजरें 9 अप्रैल को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं।
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भारतीय चुनाव आयोग ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर सत्ता की जंग का बिगुल बज चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि राज्य में सुरक्षा और स्थानीय त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मतदान की तारीख तय की गई है। तमिलनाडु में इस बार चुनाव केवल एक ही चरण में पूरा किया जाएगा।
वोटिंग और नतीजों का पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग के मुताबिक, तमिलनाडु की सभी सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मतदान संपन्न होने के बाद, 4 मई को वोटों की गिनती होगी और उसी दिन चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे। बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 10 मई को खत्म हो रहा है, इसलिए उससे पहले नई सरकार का गठन जरूरी है।
वोटरों की संख्या
तमिलनाडु में इस बार कुल 5.6 करोड़ वोटर अपनी सरकार चुनेंगे। इनमें 2.7 करोड़ पुरुष और 2.8 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं, जबकि 7,617 वोटर थर्ड जेंडर के हैं। चुनाव में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस बार राज्य के सभी 100% मतदान केंद्रों पर 'वेबकास्टिंग' यानी लाइव वीडियो निगरानी की जाएगी, ताकि गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।
सटीक वोटर लिस्ट पर चुनाव आयोग का जोर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि किसी भी मजबूत लोकतंत्र के लिए सही वोटर लिस्ट होना सबसे जरूरी है। इसके लिए संविधान के नियमों के तहत वोटर लिस्ट की खास जांच की गई है, ताकि किसी भी हकदार व्यक्ति का नाम न छूटे और गलत नाम हटा दिए जाएं। उन्होंने इस काम में जुटे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सफलतापूर्वक काम पूरा करने के लिए बधाई भी दी।
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