गोविंदा की सेट पर लेट आने वाली आदत को लेकर डेविड धवन ने तोड़ी चुप्पी, कह डाली ये बात
David Dhawan on Govinda: बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक डेविड धवन इन दिनों फिर से चर्चा में आ गए हैं. जी हां, हाल ही में वह अपने बेटे और एक्टर वरुण धवन के साथ कॉमेडी शो 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' के चौथे सीजन के फिनाले एपिसोड में गेस्ट बनकर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए.
बातचीत के दौरान डेविड धवन ने बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर गोविंदा के साथ काम करने के अनुभवों को याद किया. उन्होंने खास तौर पर गोविंदा की उस आदत पर भी चर्चा की, जिसके बारे में अक्सर कहा जाता है कि वह फिल्मों के सेट पर देर से पहुंचते थे. हालांकि, डेविड धवन ने इस मुद्दे पर गोविंदा का बचाव करते हुए उनकी जमकर तारीफ की.
गोविंदा की लेट आने वाली आदत पर बोले डेविड धवन
शो में बातचीत के दौरान डेविड धवन ने कहा कि गोविंदा को लेकर यह बात अक्सर कही जाती है कि वह शूटिंग सेट पर देर से पहुंचते थे. लेकिन उनके अनुसार यह बात उतनी बड़ी नहीं है जितनी लोग बना देते हैं. उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं कि गोविंदा सेट पर लेट आते थे, लेकिन आज के समय में कौन सा ऐसा अभिनेता है जो कभी लेट नहीं आता? फर्क बस इतना है कि गोविंदा जब सेट पर आते थे तो बिना किसी हंगामे के सीधे अपना काम करते थे और फिर चुपचाप निकल जाते थे.” डेविड धवन का कहना था कि गोविंदा का फोकस हमेशा अपने काम पर रहता था और वह अपने किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाने के लिए जाने जाते थे.
गोविंदा की एक्टिंग की जमकर की तारीफ
डेविड धवन ने गोविंदा की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने करियर में कई कलाकारों के साथ काम किया है, लेकिन गोविंदा जैसा टैलेंट बहुत कम देखने को मिलता है. उन्होंने कहा, “मैंने गोविंदा के साथ करीब 17 फिल्में की हैं. जितने भी कलाकारों के साथ मैंने काम किया है, उनमें से गोविंदा सबसे बेहतरीन हैं. वह एक अनबिलीवेबल एक्टर हैं.” उनके मुताबिक गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग, डांस और एक्सप्रेशन इतने शानदार होते थे कि कई बार सीन खुद-ब-खुद खास बन जाता था.
‘पार्टनर’ के सेट से सुनाया मजेदार किस्सा
बातचीत के दौरान डेविड धवन ने फिल्म 'पार्टनर' की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी शेयर किया. इस फिल्म में गोविंदा के साथ सलमान खान भी मुख्य भूमिका में थे. डेविड धवन ने बताया कि एक सीन की शूटिंग के दौरान गोविंदा ने उसी सीन को कई अलग-अलग तरीकों से करके दिखाया. उन्होंने अपनी तरफ से कई एक्सप्रेशन और स्टाइल जोड़े और फिर मजाकिया अंदाज में कहा कि अब निर्देशक अपनी पसंद के अनुसार इनमें से कोई भी शॉट फिल्म में इस्तेमाल कर सकते हैं. डेविड धवन ने कहा कि यह गोविंदा की खासियत थी कि वह हर सीन में कुछ नया जोड़ने की कोशिश करते थे, जिससे सीन और भी मजेदार बन जाता था.
डेविड धवन और गोविंदा की सुपरहिट जोड़ी
बॉलीवुड में डेविड धवन और गोविंदा की जोड़ी को सबसे सफल डायरेक्टर-एक्टर जोड़ियों में से एक माना जाता है. दोनों ने साथ मिलकर करीब 17 फिल्मों में काम किया और इनमें से कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुईं. उनकी फिल्मों में कॉमेडी, म्यूजिक और एंटरटेनमेंट का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलता था, जिसकी वजह से दर्शक इनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार करते थे.
फिलहाल फिल्मों से दूर हैं गोविंदा
बता दें कि इन दिनों गोविंदा बड़े पर्दे से कुछ दूरी बनाए हुए हैं और अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं. हालांकि, वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और समय-समय पर अपने फैंस के साथ फोटो और वीडियो शेयर करते रहते हैं.
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Tamil Nadu Elections: चुनाव से पहले एक्टर विजय को भाजपा ने दिया बड़ा ऑफर, जानें कहां फंस रहा है पेंच
Tamil Nadu Elections: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नजदीक हैं. आज चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है. इस बीच राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. हाल की मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (टीवीके) और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, जो अब अंतिम चरण पर है.
सूत्रों की मानें तो भाजपा ने विजय को एनडीए गठबंधन में शामिल होने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया है. भाजपा ने विजय को 80 सीटें देने की पेशकश की है. साथ ही भाजपा ने विजय को डिप्टी सीएम बनाने का भी प्रस्ताव पेश किया है. हालांकि, कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विजय प्रदेश के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, जिस वजह से बातचीत पक्की नहीं हो पा रही है.
मध्यस्थता करवा रही बीजेपी
विजय को एनडीए से जोड़ने के लिए भाजपा विभिन्न रास्तों का इस्तेमाल कर रही है. कहा जा रहा है कि वह एक दूसरे राज्य के डिप्टी सीएम के जरिए इस बातचीत की मध्यस्थता करवा रही है. भाजपा को विजय में दिलचस्पी इसलिए है कि उनकी फैन फॉलोइंग बहुत बड़ी है.
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विजय का साथ क्यों चाहती है बीजेपी?
भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि तमिलनाडु के कड़े मुकाबले में महज दो प्रतिशत वोटों का अंतर भी परिणाम बदल सकता है. प्रदेश के चुनावी इतिहास में कई बार बहुत कम मार्जिन से भी जीत हार का फैसला हुआ है, जिस वजह से भाजपा और एनडीए के लिए विजय का समर्थन निर्णायक साबित हो सकता है.
विजय की पार्टी के सलाहकार क्या कहते हैं?
वहीं, भाजपा के साथ जाने की खबरों पर विजय के करीबियों में चिंता बढ़ गई है. उनके सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से पार्टी की स्वतंत्र छवि को नुकसान हो सकता है. बता दें, अब तक अपनी पार्टी को विजय ने राज्य के लिए तीसरे विकल्प के रूप में पेश किया है. विजय के करीबियों और सलाहकारों को चिंता है कि कहीं एनडीए में शामिल होने से पार्टी की साख और नैरेटिव कमजोर हो सकता है, जिसके दम पर राजनीति में उन्होंने कदम रखा है.
इसके अलावा, तमिलनाडु के सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम यानी DMK और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर अंतिम मुहर लग चुकी है. दोनों पार्टियों के बीच महीने की शुरुआत में आम सहमति बनी है. कांग्रेस को DMK ने 28 विधानसभा सीटें दी हैं. एक राज्यसभा सीट भी DMK ने कांग्रेस को दी है.
तमिलनाडु चुनाव के लिए डीएमके-कांग्रेस के बीच हुआ गठबंधन
बता दें, तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटे हैं. पिछले विधानसभा चुनावों में डीएमके ने 133 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं कांग्रेस महज 18 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई थी. डीएमके के नेतृत्व वाली एसपीए ने कुल 159 सीटों पर जीत दर्ज की थी. दूसरी ओर एनडीए 75 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाया था. एनडीए में शामिल एआईडीएमके सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनकर उभरी थी, जिसके खाते में 66 सीटें आई थीं.
टूटने वाला था दोनों पार्टी के बीच का गठबंधन
कांग्रेस और डीएमके के बीच साल 2004 से गठबंधन जारी है लेकिन इस साल गठबंधन टूटने की कगार पर था. गठबंधन को बनाए रखने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन से मुलाकात की थी. दोनों पार्टियों के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद दोनों के बीच सीट समझौते की बात बन सकी. स्टालिन कांग्रेस को इस बार सिर्फ 25 सीटें ही देना चाह रहे थे लेकिन चिदंबरम और स्टालिन की मुलाकात की वजह से कांग्रेस को तीन सीटें और मिल पाईं.
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