LPG crisis: एलपीजी सिलेंडर की कमी के बाद वैकल्पिक रास्ता अपना रहे रेस्तरां-होटल, ऑर्डर में धीरे-धीरे हो रहा सुधार
LPG Shortage in india: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के चलते तेल संकट की खबरों के बीच देश के कई राज्यों में गैस एजेंसियों के बाहर कमर्शियल LPG सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी गई। एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आई भारी कमी से तमिलनाडु और कर्नाटक का होटल और रेस्तरां उद्योग संकट में घिर गया है
Honey Singh Birthday: जब 13 साल की उम्र में 'हनी सिंह' बने नास्तिक, फिर 'बाइपोलर' स्ट्रगल के बाद कैसे हुए भगवान के करीब?
Honey Singh Birthday: मशहूर रैपर और सिंगर हनी सिंह (Honey Singh) आज, 15 मार्च को अपना जन्मदिन मना रहे हैं. अपने हिट गानों और अलग स्टाइल के लिए पहचाने जाने वाले हनी सिंह की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए. एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने सिर्फ 13 साल की उम्र में भगवान पर विश्वास करना छोड़ दिया था. इसके बाद वो बाइपोलर डिस्ऑर्डर जैसी खतरनाक बीमारी से पीड़ित हो गए. इससे लड़ते-लड़ते उनकी सोच बदली और वे फिर से भगवान की ओर लौट आए. आइए जानते हैं कैसे उन्होंने इस बीमारी का सामना किया और भगवान की तरफ कैसे लौटे-
13 साल की उम्र में बने नास्तिक
हनी सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया कि 'टीन ऐज' में उनका भगवान पर विश्वास खत्म हो गया था और खुद को नास्तिक मानना शुरू कर दिया था. उस समय उन्हें लगता था कि इंसान को अपनी मेहनत और दिमाग पर भरोसा करना चाहिए, न कि भगवान पर. यही सोच आगे चलकर उनके करियर के शुरुआती दौर तक बनी रही. जब वे म्यूजिक इंडस्ट्री में अपना नाम बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब उनका पूरा ध्यान सिर्फ काम पर था.
करियर के बीच आया जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर
साल 2014 के आसपास हनी सिंह की जिंदगी में एक बड़ा संकट आया. उन्होंने कई इंटरव्यू में बताया कि उस समय उन्हें बाइपोलर डिस्ऑर्डर और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा. बता दें कि यह बीमारी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी होती है, जिसमें इंसान के मूड में बहुत तेज बदलाव आते हैं. बाइपोलर डिस्ऑर्डर (Bipolar Disorder) में व्यक्ति को लंबे समय तक इलाज और दवाओं की जरूरत पड़ती है. हनी सिंह ने बताया कि यह समय उनकी जिंदगी का सबसे 'डार्क फेज' था. उन्होंने लगभग 18 महीने तक खुद को घर में बंद कर लिया था और लोगों से मिलना-जुलना भी बंद कर दिया था.
बीमारी के कारण पूरी तरह टूट गए
हनी सिंह ने बताया कि इस बीमारी के दौरान उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें लोगों से मिलने में भी डर लगने लगा था. वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकलते थे और कई महीनों तक बाल-दाढ़ी भी नहीं कटवाई. जो कलाकार हजारों लोगों के सामने स्टेज पर परफॉर्म करता था, वही व्यक्ति कुछ लोगों के सामने आने से भी डरने लगा था. इस दौरान उन्हें कई डॉक्टरों का इलाज लेना पड़ा और लंबे समय तक दवाएं भी लेनी पड़ीं.
मुश्किल समय ने फिर भगवान से जोड़ दिया
हनी सिंह ने बताया कि जिंदगी के इसी कठिन दौर ने उनके सोचने का तरीका बदल दिया. जब वे बीमारी और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, तब उन्हें आध्यात्मिकता का सहारा मिला. धीरे-धीरे उन्होंने भगवान में विश्वास करना शुरू किया और खास तौर पर भगवान शिव की भक्ति से उन्हें मानसिक शांति मिलने लगी. उनकी जिंदगी में यह बदलाव इतना बड़ा था कि उन्होंने कई बार कहा कि स्पिरिचुअलिटी ने उन्हें दोबारा खड़ा होने की ताकत दी.
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