Video: 2 लाख की लागत, 10 करोड़ का टर्नओवर! इस किसान ने मशरूम से बदली किस्मत, नेपाल तक डिमांड
Success Mushroom Farming Tips: छपरा के नागेंद्र कुमार साहनी ने खेती की कम जमीन को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बना लिया है. दिघवारा के शीतलपुर स्थित उनका 'नंदिनी एग्रो मशरूम फार्म' आज किसी बड़ी फैक्ट्री से कम नहीं है. महज 2 लाख रुपये से शुरू हुआ यह सफर आज 10 करोड़ के आधुनिक सेटअप तक पहुंच गया है, जो सारण जिले का सबसे बड़ा मशरूम हब है. इस फार्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां से प्रतिदिन 700 क्विंटल मशरूम का उत्पादन होता है. जिसकी सप्लाई बिहार के अलावा बंगाल, ओडिशा और यहां तक कि नेपाल तक हो रही है. नागेंद्र ने न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि 35 महिलाओं समेत 50 स्थानीय लोगों को पक्का रोजगार भी दिया है. पूसा यूनिवर्सिटी से प्रशिक्षित नागेंद्र बताते हैं कि उन्होंने 2 करोड़ का लोन लेकर इस कारोबार को विस्तार दिया. उनका यह फार्म अब नए किसानों के लिए ट्रेनिंग सेंटर भी बन गया है. अगर आपके पास जमीन कम है और जज्बा ज्यादा, तो यह मशरूम यूनिट आपके लिए सफलता का सबसे सटीक मॉडल है.
ठेला पलटने से सड़क पर बिखरी सब्जियां, राहगीरों ने गाड़ियां रोककर सब्जी वाले वाले की की मदद!
नासिक के नवश्या गणपति सिग्नल के पास स्थित सिग्नल के पास एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जिसने लोगों का दिल जीत लिया. बताया जा रहा है कि एक सब्जी विक्रेता का ठेला सड़क के गड्ढे से टकराकर पलट गया, जिससे उसकी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं. उसी समय सिग्नल हरा हो चुका था, लेकिन वहां मौजूद कई लोगों ने अपनी गाड़ियां रोक दीं और सब्जी वाले की मदद के लिए आगे आ गए. राहगीरों ने मिलकर सड़क पर बिखरी सब्जियों को उठाकर फिर से ठेले में रखने में उसकी सहायता की. इस छोटे से लेकिन दिल छू लेने वाले पल ने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में इंसानियत और आपसी सहयोग की भावना जिंदा है. यह घटना अब सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर रही है और मानवता की एक सुंदर मिसाल बनकर सामने आई है. Video Credit: Instagram- @real_roshaan
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18























