मार्केट आउटलुक: अमेरिका-ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमत और फेड की बैठक पर निर्भर करेगी शेयर बाजार की चाल
मुंबई, 15 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होगा। अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध; विदेशी निवेशकों के रुझान, कच्चे तेल की कीमत और फेड रिजर्व की बैठक के निर्णय से बाजार की चाल निर्धारित होगी।
अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर दो दिवसीय बैठक 17 मार्च से शुरू होगी और इसके फैसलों का ऐलान 18 मार्च को किया जाएगा। मौजूदा समय में युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों के चलते इस बार की फेड बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
कच्चे तेल की कीमतें भी इस हफ्ते बाजार के लिए काफी अहम होंगी। बीते एक हफ्ते में आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा के चलते कच्चे तेल का दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब 11 प्रतिशत बढ़ गया है। ऐसे में कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव अगले हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध लगातार तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यूएस ईरान के तेल निर्यात के लिए अहम खार्ग द्वीप पर अतिरिक्त एयर स्ट्राइक कर सकता है। ऐसे में युद्ध और खींचने भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। मार्च के पहले पखवाड़े में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 52,704 करोड़ रुपए इक्विटी बाजार से निकाले। ऐसे में एफआईआई का रुझान भी बाजार का सेंटीमेंट तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मध्य पूर्व में तनाव के चलते भारतीय बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी नुकसान वाला रहा है। इस दौरान सेंसेक्स 4,354.98 अंक या 5.52 प्रतिशत और निफ्टी 1,299.35 अंक या 5.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
9-13 मार्च के बीच हुई गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 20 लाख करोड़ रुपए कम होकर 430 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो इस हफ्ते की शुरुआत में करीब 450 लाख करोड़ रुपए था।
इस हफ्ते के दौरान सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट ऑटो में देखी गई। सभी सूचकांकों निफ्टी ऑटो 10.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर था। इसके साथ निफ्टी पीएसयू बैंक 7.27 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 7.01 प्रतिशत,निफ्टी प्राइवेट बैंक 6.96 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 5.90 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 5.68 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 5.60 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 5.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
--आईएएनएस
एबीएस/
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Priyanka Chopra की मां ने लगवाए बोटॉक्स के इंजेक्शन, वीडियो देख चौंके फैंस
Madhu Chopra Video: ग्लोबल आइकन और बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा जोनस का परिवार हमेशा से शिक्षा, अनुशासन और प्रोफेशनल उपलब्धियों के लिए जाना जाता रहा है. उनके पिता अशोक चोपड़ा भारतीय सेना में डॉक्टर थे, जबकि उनकी मां मधु चोपड़ा एक अनुभवी ENT (कान, नाक और गले) विशेषज्ञ हैं.
डॉ. मधु चोपड़ा कई सालों से मेडिकल फील्ड में एक्टिव हैं और आज भी अपनी प्रैक्टिस जारी रखे हुए हैं. मुंबई के जुहू इलाके में उनका अपना क्लिनिक है, जिसका नाम Aesthetique है. इस क्लिनिक में वह स्किन और एस्थेटिक ट्रीटमेंट से जुड़े कई मॉडर्न ट्रीटमेंट करती हैं. इसके अलावा वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने फॉलोअर्स के साथ हेल्थ, स्किन केयर और एस्थेटिक ट्रीटमेंट से जुड़ी उपयोगी जानकारी साझा करती रहती हैं.
खुद पर करके दिखाया बोटॉक्स का प्रोसेस
हाल ही में डॉ. मधु चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक दिलचस्प वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने चेहरे पर बोटॉक्स इंजेक्शन लगाने की पूरी प्रक्रिया दिखाई. इस वीडियो की खास बात यह रही कि उन्होंने यह ट्रीटमेंट किसी दूसरे डॉक्टर से नहीं कराया, बल्कि खुद अपने ऊपर ही करके दिखाया.
वीडियो में उन्होंने बहुत ही सरल और समझने योग्य तरीके से बताया कि बोटॉक्स क्या होता है, यह कैसे काम करता है और किन लोगों को इसकी जरूरत पड़ सकती है. उन्होंने यह भी समझाया कि कई लोग बोटॉक्स के नाम से घबरा जाते हैं, जबकि सही तरीके से किया जाए तो यह एक सुरक्षित और प्रभावी कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट हो सकता है.
चेहरे के इन हिस्सों पर लगाए इंजेक्शन
वीडियो में सबसे पहले डॉ. मधु चोपड़ा अपने चेहरे पर छोटे-छोटे डॉट बनाकर उन जगहों को मार्क करती हैं, जहां बोटॉक्स इंजेक्शन लगाया जाता है. इसके बाद वह सावधानीपूर्वक माथे, आंखों के ऊपर और चिन के पास इंजेक्शन लगाती हुई नजर आती हैं. उन्होंने बताया कि बोटॉक्स की प्रक्रिया उतनी दर्दनाक नहीं होती, जितना आमतौर पर लोग समझते हैं. अधिकतर मामलों में मरीज को हल्का-सा चुभन महसूस होती है और पूरा प्रोसेस कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है. उनके अनुसार इस ट्रीटमेंट का असर आमतौर पर 3 से 4 दिनों के भीतर दिखने लगता है और धीरे-धीरे चेहरे की झुर्रियां और फाइन लाइन्स कम नजर आने लगती हैं.
बोटॉक्स से जुड़ी गलतफहमियों को किया दूर
डॉ. मधु चोपड़ा ने अपने वीडियो के जरिए बोटॉक्स से जुड़ी कई आम गलतफहमियों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि लोगों के मन में सबसे बड़ा भ्रम यह होता है कि बोटॉक्स कराने के बाद चेहरा पूरी तरह फ्रीज हो जाता है या प्लास्टिक जैसा दिखने लगता है. उनके मुताबिक ऐसा तभी होता है जब यह प्रक्रिया किसी अनुभवहीन व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से की जाए. अगर किसी योग्य और अनुभवी डॉक्टर द्वारा सही मात्रा में बोटॉक्स लगाया जाए, तो चेहरे के एक्सप्रेशन नेचुरल रहते हैं और त्वचा पहले से ज्यादा फ्रेश और स्मूद दिखाई देती है.
लोगों को दी खास सलाह
डॉ. मधु चोपड़ा ने अपने फॉलोअर्स और आम लोगों को यह सलाह भी दी कि चेहरे से जुड़े किसी भी कॉस्मेटिक या एस्थेटिक ट्रीटमेंट को लेकर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. ऐसे उपचार हमेशा अनुभवी और प्रमाणित डॉक्टर से ही कराना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया या विज्ञापनों के प्रभाव में आकर सस्ते या अनट्रेंड लोगों से ट्रीटमेंट कराना कई बार खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए हमेशा सही डॉक्टर और भरोसेमंद क्लिनिक का चुनाव करना बेहद जरूरी है.
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