ये पांच चीजें बिगाड़ रही सेहत का संतुलन, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। आज के समय में शुगर की बीमारी से तेजी से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। काम में व्यस्त लोगों को पता ही नहीं लगता है कि धीरे-धीरे बीमारी उनके शरीर में पनप रही है।
लक्षण सामने आने पर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसे में जब बीमारी बहुत बिगड़ जाती है, तब महसूस होता है कि काश पहले ही सावधानी बरत ली होती। शुगर के साथ भी ऐसा ही होता है। यह एक दिन में होने वाली बीमारी नहीं, बल्कि हमारी आलस से भरी लाइफस्टाइल का नतीजा है। आज हम आपको जीवनशैली की उन आदतों के बारे में बताएंगे, जो ब्लड शुगर को असंतुलित करती हैं।
आज के समय में लोग ब्लड शुगर को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिर भी शुगर बढ़ा हुआ आता है। इसके पीछे कई कारण हैं। पहला है सुबह खाली पेट चाय पीना। आयुर्वेद में सुबह का समय हल्का और संतुलित आहार का होता है, लेकिन सुबह उठते ही लोग पहली शुरुआत चाय और बिस्कुट से करते हैं। खाली पेट मीठे पेय पदार्थ का सेवन ब्लड शुगर के असंतुलन का कारण बनता है।
दूसरा कारण है खाना खाकर बैठ जाना। खाने के बाद बैठ जाना और लेट जाना सबसे बड़ा कारण है क्योंकि इससे शरीर में ग्लूकोज के एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। आयुर्वेद मानता है कि अगर खाने के बाद हल्की सैर की जाए तो ब्लड सर्कुलेशन और ग्लूकोज का सही उपयोग शरीर में होता है और बीमारियां भी परेशान नहीं करतीं।
तीसरा कारण है देर राज भोजन करना। पहले लोग सूर्य के साथ जीवनशैली को ढालते थे। सूरज से पहले उठ जाना और सूर्य से ढलने के बाद सो जाना सबसे अच्छा समय है लेकिन आज की जीवनशैली में रात को देर तक जागना और देर रात खाना बीमारी का सबसे बड़ा कारण है। ढलते सूरज के साथ पाचन धीमा होता है और ऐसे में खाना शरीर में सड़ने लगता है और पेट संबंधी विकार भी उत्पन्न होने लगते हैं।
चौथा कारण है कम नींद लेना। कम नींद लेना स्ट्रेस का सबसे बड़ा कारण है, जिससे मन और तन दोनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। ऐसे में हॉर्मोन का असंतुलन और इंसुलिन का अवशोषण शरीर में कम होता है और बीमारियां पनपने लगती हैं।
पांचवा और आखिरी कारण है मैदा और पैक्ड फूड का सेवन। मीठे स्नैक्स, मैदा से बने उत्पाद और कोल्ड ड्रिंक का सेवन, जो न सिर्फ ब्लड शुगर, बल्कि पूरे शरीर के लिए हानिकारक होती है। बाहरी उत्पादों में सोडियम और रिफाइंड की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।
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पीएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ट्रंप का दावा: हमलों से कमजोर पड़ी ईरान की सैन्य ताकत, खाड़ी के देश अब तेहरान के खिलाफ एकजुट
वाशिंगटन, 15 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमतों को कमजोर कर दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि इस टकराव ने खाड़ी के देशों को वाशिंगटन के करीब ला दिया है और स्थानीय सरकारें अब तेहरान के खिलाफ ज्यादा एकजुट हैं।
फॉक्स न्यूज रेडियो के ब्रायन किलमीड के साथ एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अभियानों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने कहा, हम उन्हें खत्म कर रहे हैं। हमने उनकी ज्यादातर मिसाइलें तबाह कर दी हैं। उनके कई ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। उन कई मैन्युफैक्चरिंग एरिया को भी बर्बाद कर दिया है, जहां वे मिसाइलें और ड्रोन बनाते थे।
उन्होंने आगे कहा, हम उन पर उतना कठोर हमला कर रहे हैं जितना दूसरे विश्व युद्ध के बाद से किसी पर हुआ। ट्रंप ने कहा कि बढ़ते टकराव ने खाड़ी देशों के साथ अमेरिका के रिश्तों को मजबूत किया है, क्योंकि इस संकट के दौरान रीजन के कई देशों पर हमला हुआ था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं। हमारे रिश्ते और एकता जबरदस्त हैं। मैंने आज उनमें से अधिकांश से बात की। ट्रंप के मुताबिक, कुछ खाड़ी देशों ने शुरू में टकराव से बाहर रहने की कोशिश की थी, लेकिन ईरान से जुड़े हमलों के बाद वे लड़ाई में शामिल हो गए।
ट्रंप ने कहा, उन्हें भी हमले झेलने पड़े और किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी। वे शुरुआत में इससे दूर रहने और तटस्थ रहने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ईरान के इस इलाके में बड़े सपने थे। अमेरिकी कार्रवाई का मकसद तेहरान को मिडिल ईस्ट पर हावी होने से रोकने था।
उन्होंने दावा किया कि ईरान पूरे मिडिल ईस्ट पर कब्जा करना चाहता था। अगर हमने उन्हें बी-2 बॉम्बर से नहीं रोका होता, तो वे ऐसा कर चुके होते। राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि लड़ाई के दौरान ईरान की सशस्त्र सेनाओं को गंभीर नुकसान हुआ है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने इंटरव्यू में यह भी कहा कि ईरान की नौसेना और एयरफोर्स खत्म हो गई है। उनकी पहली-दूसरी लीडरशिप भी खत्म हो गई है। अब, उनकी तीसरी लीडरशिप मुश्किल में है। उन्होंने कहा कि अभियान उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि हम तय समय से बहुत आगे हैं। हमें अंदाजा नहीं था कि हम इतने आगे होंगे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी ऑपरेशन की वजह से ईरान के मिसाइल हमलों में तेजी से कमी आई है। उन्होंने कहा, हमने उनकी करीब 90 प्रतिशत मिसाइलों को मार गिराया है।
दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी रूट में से एक होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग के बारे में पूछे जाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट कर सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी ऑपरेशन का अभी का फोकस ईरान के यूरेनियम स्टॉक को सुरक्षित करने के बजाय उसके मिसाइल और ड्रोन इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना है।
यूरेनियम जब्त करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, नहीं, बिल्कुल नहीं, और हम उस पर फोकस नहीं कर रहे हैं। अभी हम उनकी मिसाइलों और उनके ड्रोन को तबाह करने पर ध्यान दे रहे हैं।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान की कमजोर होती स्थिति क्षेत्रीय कूटनीति को नया रूप दे सकती है, जिसमें अब्राहम समझौते का संभावित विस्तार भी शामिल है। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या खाड़ी देश इजरायल के साथ रिश्ते सामार्य करने के करीब आ सकते हैं, तो उन्होंने कहा, इससे यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है।
गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में लाखों प्रवासी कामगार रहते हैं, जिनमें सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और दूसरे देशों में एक बड़ा भारतीय समुदाय भी शामिल है, जिससे मिडिल ईस्ट से एनर्जी फ्लो पर निर्भर कई एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए रीजनल स्टेबिलिटी एक बड़ी चिंता बन गई है।
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डीसीएच/
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