Golmaal 5: रोहित शेट्टी की 'गोलमाल 5' में खिलाड़ी कुमार की एंट्री, फिल्म में देखने को मिलेगा ये सरप्राइज
Golmaal 5 Announced Akshay Kumar entry: निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी ने अपने 52वें जन्मदिन पर 'गोलमाल-5'(Golmaal 5) की घोषणा कर दी है. इंस्टाग्राम पर रोहित ने फिल्म की घोषणा करते हुए फैंस के लिए लंबा नोट भी लिखा. जिसमें उन्होंने कहा, 'इस फिल्म ने मेरी लाइफ बदल दी इस सबका क्रेडिट ऑडियंस को जाता है. फिर हम गोलमाल-5 लेकर आ रहे हैं.'
फिल्म में अक्षय कुमार भी आएंगे नजर
गोलमाल-5 में अजय देवन, अरसद वार्सी, तुषार कपर, सरमन जोशी के अलावा अक्षय कुमार भी नजर आएंगे. अक्षय कुमार ने एक्स पर इस बारे में खुद बताया कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनेंगे. इसके अलावा फिल्म में एक सरप्राइज है.
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Kharmas 2026: आज से लग गया खरमास, इन दिनों भूलकर भी न करें ये काम, वरना झेलना पड़ सकता है नुकसान
Kharmas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, आज यानी 15 मार्च 2026 को खरमास की शुरुआत हो गई है. इस अवधि को धार्मिक नजरिए से खास माना जाता है. परंपराओं के अनुसार इस समय विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे संक्रांति कहा जाता है. इसी प्रक्रिया में जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लग जाता है. कई जगह इसे मलमास भी कहा जाता है. हालांकि यह समय मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता, लेकिन पूजा-पाठ और साधना के लिए इसे बेहद शुभ माना गया है.
कब हुआ सूर्य का राशि परिवर्तन?
पंचांग के अनुसार कल यानी 14 मार्च 2026 की मध्यरात्रि में सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश कर गए थे. सूर्य के इस गोचर के साथ ही खरमास का आरंभ माना जाता है. उदय तिथि के आधार पर इसका असर आज यानी 15 मार्च से माना जा रहा है. सूर्य देव लगभग एक महीने तक मीन राशि में रहेंगे. इसी अवधि को खरमास कहा जाता है.
कब खत्म होगा खरमास?
ज्योतिष के अनुसार सूर्य देव 13 अप्रैल 2026 को मेष राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य के इस राशि परिवर्तन को मेष संक्रांति कहा जाता है. जैसे ही सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, खरमास समाप्त हो जाता है. इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य फिर से शुरू किए जा सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष में दो बार खरमास लगता है.
पहला खरमास तब होता है जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं. यह समय मार्च से अप्रैल के बीच होता है. दूसरा खरमास तब लगता है जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं. आमतौर पर यह अवधि दिसंबर से जनवरी के बीच पड़ती है. इन दोनों समयों में शुभ कार्यों को टालने की परंपरा चली आ रही है.
क्यों नहीं किए जाते मांगलिक कार्य?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों में होते हैं, तब उनकी स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है. इसी कारण इस अवधि को नए और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता. कुछ धार्मिक मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि इस समय सूर्य की ऊर्जा संतुलित नहीं रहती. इसलिए बड़े और मांगलिक कार्यों को कुछ समय के लिए टाल देना बेहतर माना जाता है.
खरमास में किन कामों से बचना चाहिए?
खरमास के दौरान कई प्रकार के शुभ संस्कार नहीं किए जाते. इनमें विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, नामकरण और कर्णवेध जैसे कार्य शामिल हैं. इसके अलावा नया व्यापार शुरू करना, जमीन या वाहन खरीदना और बड़े निवेश से जुड़े काम भी इस दौरान टालने की सलाह दी जाती है.
इन कामों से मिलता है विशेष पुण्य
खरमास का समय धार्मिक साधना के लिए बहुत अच्छा माना गया है. इस दौरान पूजा-पाठ, जप-तप, दान-पुण्य और भगवान सूर्य की उपासना करने का विशेष महत्व बताया गया है. ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है, उन्हें इस समय सूर्य मंत्र का जप करना चाहिए. सुबह सूर्य को जल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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