Responsive Scrollable Menu

Hula Hoop Benefits: बिना जिम जाए फिट रहना है? रोज 20 मिनट हुला हूपिंग करें, शरीर को मिल सकते हैं ये 6 बड़े फायदे

Hula Hoop Benefits: फिट रहने के लिए हर बार जिम जाना जरूरी नहीं है। अगर आप ऐसी एक्सरसाइज चाहते हैं, जो आसान हो, मजेदार लगे और घर पर ही की जा सके, तो हुला हूपिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। रोज सिर्फ 20 से 30 मिनट इसका अभ्यास करने से शरीर एक्टिव रहता है, कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है और पेट, कमर व पैरों को अच्छी कसरत मिलती है। यही वजह है कि आजकल कई लोग अपनी डेली फिटनेस रूटीन में हुला हूपिंग को शामिल कर रहे हैं।

1. वजन कम करने में मददगार
अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो हुला हूपिंग आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे रोज कुछ देर करने से शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है और कैलोरी खर्च करने में मदद मिल सकती है। अच्छे नतीजों के लिए इसके साथ हेल्दी खाना और नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है।

2. पेट और कमर को मजबूत बनाने में मदद

वजन कम करने में मददगार

हुला हूप घुमाते समय पेट, कमर और कूल्हों के हिस्से लगातार मूव करते हैं। इससे इन हिस्सों की अच्छी एक्सरसाइज होती है और शरीर को संतुलित रखने में भी मदद मिल सकती है।

3. दिल की सेहत के लिए अच्छा
हुला हूपिंग करने से दिल की धड़कन थोड़ी तेज होती है, जिससे शरीर में खून का बहाव बेहतर हो सकता है। इसे नियमित रूप से करने पर दिल और फेफड़ों को भी फायदा मिल सकता है।

4. शरीर का संतुलन बेहतर होता है
हुला हूपिंग करते समय पूरे शरीर का बैलेंस बनाए रखना पड़ता है। इससे शरीर को सही तरीके से कंट्रोल करना आसान हो सकता है और रोजमर्रा के कई काम भी आसानी से किए जा सकते हैं।

5. पैरों को भी मिलती है अच्छी कसरत

शरीर का संतुलन बेहतर होता है

अक्सर लोग सोचते हैं कि हुला हूपिंग सिर्फ कमर के लिए होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। इसे करते समय जांघ, कूल्हे और पिंडलियों की भी अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है, जिससे शरीर के निचले हिस्से को भी फायदा मिलता है।

6. एक्सरसाइज नहीं, मजेदार एक्टिविटी जैसा एहसास
अगर आपको रोज-रोज एक जैसी एक्सरसाइज करना पसंद नहीं है, तो हुला हूपिंग आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। यह किसी खेल की तरह महसूस होती है, इसलिए इसे लंबे समय तक करना आसान होता है और बोरियत भी कम होती है।

हुला हूपिंग शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • शुरुआत में रोज 10 से 15 मिनट ही हुला हूपिंग करें, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
  • अपनी लंबाई और जरूरत के हिसाब से सही आकार और वजन वाला हुला हूप चुनें।
  • हुला हूपिंग करते समय सीधे खड़े रहें और सही तरीके से इसे घुमाने की कोशिश करें।
  • अगर आपको कमर, पीठ या रीढ़ से जुड़ी कोई परेशानी है, तो शुरू करने से पहले फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह जरूर लें।

(Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी नई एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन को शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या फिटनेस विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

यह भी पढ़ें: बॉडी बिल्डिंग का शॉर्टकट पड़ सकता है भारी: स्टेरॉइड सप्लीमेंट्स लेने से पहले जान लें 5 रिस्क! शरीर को हो सकता है बड़ा नुकसान

Continue reading on the app

Gajanan Sankashti Chaturthi 2026: आज रखा जाएगा गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Gajanan Sankashti Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी विनायक चतुर्थी कहलाती है। सावन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को गजानन संकष्टी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश के गजानन स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं तथा सुख, समृद्धि और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, आज सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 1 अगस्त 2026 को रात 11:07 बजे होगा और इसका समापन 2 अगस्त 2026 को रात 11:15 बजे होगा।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:47 बजे से 5:31 बजे तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 5:09 बजे से 6:16 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:19 बजे से 1:11 बजे तक
  • चंद्रोदय का समय: रात 9:43 बजे

गजानन संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि

  • प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
  • भगवान गणेश के समक्ष जल और अक्षत हाथ में लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • पूजा स्थान पर लाल वस्त्र बिछाकर गणेश जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • भगवान को रोली, अक्षत, दूर्वा, लाल पुष्प, मोदक, लड्डू और मौसमी फल अर्पित करें।
  • घी का दीपक और धूप जलाकर विधिवत पूजा करें।
  • गणेश चालीसा, संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें और 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का 108 बार जप करें।
  • अंत में गणेश जी की आरती करें।
  • रात्रि में चंद्रमा उदित होने पर जल में दूध, रोली और अक्षत मिलाकर चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित करें।
  • इसके बाद भगवान गणेश का स्मरण करते हुए व्रत का पारण करें।

गजानन संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश के गजानन स्वरूप की उपासना विशेष रूप से विघ्नों को दूर करने वाली मानी जाती है। 'गजानन' का अर्थ है हाथी के मुख वाले भगवान। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा परिवार में सुख-समृद्धि और शुभता का वास होता है। साथ ही भगवान गणेश की कृपा से बुद्धि, विवेक और सफलता प्राप्त होने का भी आशीर्वाद मिलता है।

Continue reading on the app

  Sports

ट्रेविस हेड लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया के बेस्ट क्रिकेटर बने, जानें कैसे 1 वोट से पलटी बाजी

Travis Head wins Allan Border medal: ट्रेविस हेड ने लगातार दूसरी बार प्रतिष्ठित 'एलन बॉर्डर मेडल' जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने अपने करीबी दोस्त एलेक्स कैरी को महज 1 वोट के मामूली अंतर से पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की. एशेज सीरीज में तीन बेहतरीन शतकों और वनडे में शानदार प्रदर्शन के दम पर हेड अब रिकी पोंटिंग, माइकल क्लार्क और स्टीव स्मिथ जैसे दिग्गजों के खास क्लब में शामिल हो गए हैं. वहीं मिचेल स्टार्क को टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया. Fri, 7 Aug 2026 23:42:45 +0530

  Videos
See all

Aala Hazrat Urs Bareilly: उर्स में क्यों बदला जायका? दाल-सब्जी और पनीर की खास कहानी #AalaHazratUrs #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-07T18:15:17+00:00

Jharkhand Protest: रांची में छात्र और सरकार के बीच वार्ता खत्म | JPSC | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-07T18:14:49+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers