Israel ने China के चेंगदू में बंद किया अपना Consulate, रिश्तों में बढ़ा तनाव
बीजिंग, सात अगस्त इजराइल ने चीन में अपना एक वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है। तनाव की वजह चीन का ईरान और अरब देशों के करीब आना तथा पश्चिम एशिया की अपनी व्यापक नीति में बदलाव करना बताया जा रहा है।
हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की एक खबर में कहा गया है कि इजराइल ने चेंगदू स्थित अपना वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया है। इस दूतावास ने पिछले महीने अपना कामकाज रोक दिया था। बुधवार को प्रकाशित एक पत्र में निवर्तमान इजराइली महावाणिज्यदूत गादी हरपाज ने चीन के दक्षिण-पश्चिमी शहर चेंगदू में बिताए अपने पांच वर्षों को ‘‘अपने राजनयिक करियर का सबसे यादगार समय’’ बताया।
उन्होंने कहा कि वह ‘‘गहरे दुख और पुरानी यादों के एहसास’’ के साथ यहां से विदा ले रहे हैं। हरपाज ने कहा, ‘‘वाणिज्य दूतावास बंद हो रहा है, लेकिन पिछले पांच वर्षों में हमने दोस्ती, आपसी सम्मान और साझा यादों के जो पुल बनाए हैं, वे हमेशा कायम रहेंगे।’’ इजराइल वर्तमान में चीन में शंघाई, ग्वांगझू और हांगकांग में वाणिज्य दूतावासों के अलावा बीजिंग में अपना दूतावास संचालित करता है। पिछले साल के अंत में इजराइल ने चीन में अपने एक राजनयिक मिशन को बंद करने की घोषणा की थी।
हालांकि उसने इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की थी। दोनों देशों के संबंधों में तनाव के संकेत तब दिखे जब चीन ने अक्टूबर 2023 में हमास आतंकवादियों द्वारा इजराइल पर किए गए हमले की तत्काल निंदा नहीं की और गाजा संघर्ष में फलस्तीन के समर्थन में अपना रुख रखा।
रामघाट पर शिप्रा आरती को लेकर खड़ा हुआ विवाद, तीर्थ पुरोहितों को पुलिस ने हटाया, महाकाल मंदिर समिति के बटुकों ने कराई आरती
उज्जैन के रामघाट पर होने वाली शिप्रा आरती को लेकर शुक्रवार शाम विवाद की स्थिति बन गई। दरअसल महाकाल मंदिर समिति के बटुक आरती की तैयारी के लिए पहुंचे तो तीर्थ पुरोहितों ने इसका विरोध किया। करीब आधे घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने पुरोहितों को घाट से हटाया और महाकाल मंदिर समिति के बटुकों से शिप्रा आरती कराई।
दरअसल शुक्रवार शाम करीब 6 बजे रामघाट पर महाकाल मंदिर समिति के बटुक आरती की तैयारी के लिए पहुंचे। जैसे ही घाट पर आरती के लिए पाट बिछाया जाने लगा, पंडा समिति से जुड़े पुरोहितों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। मौके पर पहले से एसडीएम एलएन गर्ग, एसडीएम पवन बारिया और महाकाल थाना पुलिस मौजूद थी। प्रशासन ने पुरोहितों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर कायम रहे। करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच विवाद चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने पुरोहितों को घाट से हटाया और महाकाल मंदिर समिति के बटुकों द्वारा शिप्रा आरती कराई गई।
शिप्रा आरती विवाद में पुरोहितों का विरोध, परंपरा का दिया हवाला
दरअसल शुक्रवार को बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित रामघाट पहुंचे और उन्होंने कहा कि वे पिछले करीब 11 वर्षों से नियमित रूप से शिप्रा आरती कराते आ रहे हैं। पुरोहितों का कहना है कि महाकाल मंदिर समिति को आरती की जिम्मेदारी सौंपने से वर्षों से चली आ रही व्यवस्था प्रभावित होगी। उनका आरोप है कि उन्हें परंपरा से अलग करने की कोशिश की जा रही है। विवाद के दौरान पुरोहितों ने आरती नहीं होने देने की बात कही, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घाट से हटाया। इससे पहले गुरुवार को भी इसी मुद्दे पर विवाद हुआ था। उस दिन महाकाल मंदिर समिति के बटुक और पंडा समिति के पुरोहित दोनों रामघाट पहुंचे थे। प्रशासन ने दोनों पक्षों से मिलकर आरती करने का सुझाव दिया था, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद दोनों पक्षों ने अलग-अलग स्थानों पर आरती की थी।
महाकाल मंदिर समिति की नई व्यवस्था पर प्रशासन का पक्ष
वहीं प्रशासन का कहना है कि महाकाल मंदिर समिति की ओर से शिप्रा आरती के स्वरूप में नई व्यवस्था लागू की जा रही है। एसडीएम पवन बारिया ने बताया कि उज्जैन में हरिद्वार की तर्ज पर शिप्रा नदी के किनारे भव्य आरती शुरू करने की योजना के तहत यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि किसी पुरोहित को हटाने का उद्देश्य नहीं है, बल्कि आरती को नए स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। वहीं एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि प्रशासन ने पंडा समिति के पुरोहितों को महाकाल मंदिर समिति के बटुकों के साथ मिलकर आरती करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए। प्रशासन के अनुसार अब रोजाना शिप्रा आरती महाकाल मंदिर समिति की ओर से कराई जाएगी। दूसरी ओर पंडा समिति के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे अपनी परंपरा के अनुसार शिप्रा आरती कराते रहेंगे और इस व्यवस्था का विरोध जारी रखेंगे।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
Mp Breaking News











