Sawan 2026: सावन के पहले सोमवार से शुरू करें 16 सोमवार व्रत, जानें संकल्प, पूजा विधि और उद्यापन के जरूरी नियम
Sawan 2026: हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित 16 सोमवार व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा, संयम और नियमों के साथ करने से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है। विशेष रूप से सावन के पहले सोमवार से इस व्रत की शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
व्रत शुरू करने से पहले लें संकल्प
16 सोमवार व्रत की शुरुआत करने से पहले सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। इसके बाद भगवान शिव के सामने बैठकर हाथ में जल, अक्षत और बेलपत्र लेकर संकल्प लें कि आप लगातार 16 सोमवार तक श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत और पूजा करेंगे। धार्मिक परंपराओं में संकल्प को व्रत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
हर सोमवार ऐसे करें शिव पूजा
व्रत वाले दिन भगवान शिव और शिव परिवार की विधि-विधान से पूजा करें। शिवलिंग का जल और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प, अक्षत, रोली और चंदन अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। श्रद्धा के अनुसार मौसमी फल और मिठाई का भोग भी लगाया जा सकता है।
प्रसाद बांटने की परंपरा
पूजा के बाद प्रसाद को तीन बराबर भागों में बांटने की परंपरा है। पहला भाग गाय को अर्पित करें, दूसरा परिवार के सदस्यों में बांटें और तीसरा स्वयं ग्रहण करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे व्रत का पुण्य बढ़ता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
- सात्विक भोजन ग्रहण करें।
- कई श्रद्धालु इस दिन नमक का सेवन नहीं करते।
- ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें।
- प्रत्येक सोमवार लगभग एक ही समय पर पूजा करने का प्रयास करें।
- मन, वाणी और व्यवहार में शुद्धता बनाए रखें।
उद्यापन कब और कैसे करें?
16 सोमवार पूरे होने के बाद अगले सोमवार व्रत का उद्यापन किया जाता है। इस दिन प्रातःकाल भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। पूजा के बाद हवन, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं। अंत में ब्राह्मणों को भोजन कराकर यथाशक्ति दक्षिणा और दान देने के साथ व्रत का समापन किया जाता है।
ध्यान दें: धार्मिक मान्यताएं और पूजा-विधियां अलग-अलग परंपराओं एवं क्षेत्रों के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। श्रद्धालु अपने परिवार की परंपरा या योग्य विद्वान की सलाह के अनुसार पूजा-विधि का पालन कर सकते हैं।
Sawan 2026: सावन में घूमने का है प्लान? मध्य प्रदेश के इन 7 प्रसिद्ध शिवालयों में करें दर्शन, हर धाम की अपनी अलग महिमा
Sawan 2026: सावन सिर्फ व्रत और पूजा का महीना नहीं, बल्कि भगवान शिव के दर्शन के लिए यात्रा करने का भी सबसे अच्छा समय माना जाता है। अगर इस बार आप भी किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां एक ही सफर में शिव भक्ति, खूबसूरत नजारे और इतिहास का अनुभव मिले, तो मध्य प्रदेश के ये 7 प्रसिद्ध शिवालय आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए।
1. महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
अगर सावन में शिव दर्शन की बात हो और महाकाल का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। शिप्रा नदी के किनारे स्थित महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। सावन में पूरा उज्जैन शिव भक्ति में डूबा नजर आता है, इसलिए इस मंदिर का अनुभव हर भक्त के लिए खास बन जाता है।
2. ओंकारेश्वर मंदिर, खंडवा
नर्मदा नदी के बीच बने मंधाता द्वीप पर स्थित ओंकारेश्वर मंदिर भी भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मान्यता है कि यह द्वीप ऊपर से 'ॐ' के आकार जैसा दिखाई देता है। यहां बहती नर्मदा, चारों ओर की हरियाली और मंदिर का शांत माहौल मन को सुकून देता है।
3. भोजेश्वर मंदिर, भोजपुर
भोपाल के पास स्थित भोजेश्वर मंदिर अपने विशाल शिवलिंग की वजह से देशभर में जाना जाता है। माना जाता है कि इसका निर्माण राजा भोज ने करवाया था। मंदिर भले ही पूरा नहीं बन पाया, लेकिन इसकी पत्थरों पर की गई नक्काशी आज भी लोगों को अपनी ओर खींचती है।
4. पशुपतिनाथ मंदिर, मंदसौर
मंदसौर का पशुपतिनाथ मंदिर भगवान शिव की आठ मुखों वाली दुर्लभ प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। ऐसी प्रतिमा बहुत कम मंदिरों में देखने को मिलती है। सावन के महीने में यहां विशेष पूजा और जलाभिषेक होता है। मंदिर के आसपास का शांत माहौल यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अलग ही सुकून का एहसास कराता है।
5. मतंगेश्वर महादेव मंदिर, खजुराहो
खजुराहो अपने ऐतिहासिक मंदिरों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इन्हीं मंदिरों के बीच बना मतंगेश्वर महादेव मंदिर आज भी पूजा के लिए खुला रहता है। यहां का विशाल शिवलिंग श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। अगर आप इतिहास और आस्था, दोनों का अनुभव एक साथ करना चाहते हैं, तो यह मंदिर जरूर जाएं।
6. काकनमठ मंदिर, मुरैना
मुरैना का काकनमठ मंदिर अपनी अनोखी बनावट के कारण काफी मशहूर है। करीब एक हजार साल पुराने इस मंदिर को बड़े-बड़े पत्थरों से बनाया गया है और सबसे खास बात यह है कि इसके निर्माण में सीमेंट या चूने का इस्तेमाल नहीं किया गया। यही वजह है कि इसे देखने के लिए इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
7. गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, जबलपुर
अगर आप प्राकृतिक सुंदरता के बीच शिव दर्शन करना चाहते हैं, तो जबलपुर का गुप्तेश्वर महादेव मंदिर आपके लिए बेहतरीन जगह है। यह मंदिर एक प्राकृतिक गुफा के अंदर बना है। सावन और बारिश के मौसम में यहां की हरियाली और ठंडा वातावरण इस जगह को और भी खूबसूरत बना देता है।
इस सावन शिव दर्शन के साथ घूमने का भी लें आनंद
अगर इस सावन आप किसी धार्मिक यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो मध्य प्रदेश के ये सात प्रसिद्ध शिव मंदिर आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। यहां भगवान शिव के दर्शन के साथ खूबसूरत नजारे करीब से देखने का मौका मिलेगा। ऐसे में इस बार अपनी ट्रैवल लिस्ट में इन शिवालयों को जरूर शामिल करें।
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