होर्मुज स्ट्रेट खुला है, पर नियंत्रण हमारे पास है : आईआरजीएस कमांडर
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया है कि दुनिया में तेल ले जाने का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट अभी भी खुला है और उस पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ तनाव बढ़ रहा है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका द्वारा किए जा रहे दावे सही नहीं हैं। अमेरिका कह रहा है कि उसने ईरान की नौसेना को नष्ट कर दिया है और तेल के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दे सकता है, लेकिन तंगसीरी के अनुसार ये बातें गलत हैं। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से यह जानकारी दी है।
बयान में कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट को सैन्य रूप से बंद नहीं किया गया है, बल्कि यह सिर्फ ईरान के नियंत्रण में है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने अमेरिकी मीडिया से कहा कि यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों के लिए नहीं।
अराघची ने कहा, “हॉर्मुज स्ट्रेट खुला है। यह केवल हमारे दुश्मनों के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद है, उन देशों के लिए जो हम पर हमला कर रहे हैं और उनके सहयोगियों के लिए। बाकी सभी जहाज यहां से गुजर सकते हैं।”
होर्मुज स्ट्रेट एक बहुत महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्ग है। दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में कहा है कि ईरान इस स्ट्रेट पर अपना प्रभाव बनाए रखेगा।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उन देशों से अपील की है जो इस रास्ते से तेल मंगाते हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों को इस समुद्री मार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए और अमेरिका उनकी मदद करेगा।
अमेरिका इस समय तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने भी पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है।
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ट्रंप ने कहा कि जिन देशों पर इस समुद्री रास्ते में रुकावट पड़ने का असर हो सकता है, उन्हें अमेरिकी सेना के साथ मिलकर इसकी सुरक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने लिखा, “कई देश, खासकर वे देश जो ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश से प्रभावित हो सकते हैं, अमेरिका के साथ मिलकर इस रास्ते को सुरक्षित और खुला रखने के लिए अपने युद्धपोत भेजेंगे।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका की कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को बहुत नुकसान पहुंचा है।
--आईएएनएस
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'ईरान पूरी तरह से हो गया तबाह', अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कही ये बात
US-Israel Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हुए आज 16 दिन हो गए. इन दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान में जमकर तबाही मचाई है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि इस युद्ध में ईरान पूरी तरह से तबाह हो चुका है. इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कहा है कि, इस मार्ग से तेल लेने वाले दुनिया के देशों को उसकी सुरक्षा करनी चाहिए. जिसमें हम उनका भरपूर सहयोग करेंगे.
'अमेरिका ने ईरान को युद्ध में हराया और पूरी तरह से कर दिया नष्ट'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान को "पराजित और पूरी तरह से नष्ट" कर दिया है, साथ ही उन्होंने अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य की देखभाल करने का आग्रह किया. ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, संकरे मार्ग से तेल प्राप्त करने वाले देशों को महत्वपूर्ण निकासी मार्ग (होर्मुज जलडमरूमध्य) का ध्यान रखना चाहिए, जबकि अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए "मदद और समन्वय" करेगा कि "सब कुछ सुचारू रूप से चले."
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ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान को सैन्य, आर्थिक और हर तरह से पूरी तरह से हरा दिया है और नष्ट कर दिया है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल प्राप्त करने वाले विश्व के देशों को उस मार्ग का ध्यान रखना होगा, और हम इसमें भरपूर मदद करेंगे!" उन्होंने आगे कहा कि, "अमेरिका उन देशों के साथ समन्वय भी करेगा ताकि सब कुछ जल्दी, सुचारू रूप से और अच्छे से हो सके."
होर्मुज की सुरक्षा के लिए भेजेंगे युद्धपोत- ट्रंप
बता दें कि ईरान के खर्ग द्वीप पर हमले की घोषणा के एक दिन बाद ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समाप्त करने के अमेरिकी प्रयासों में अन्य देशों से शामिल होने का आह्वान किया. एक अन्य पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि कई देश होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के आवागमन के लिए खुला रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे. ट्रंप ने कहा कि, "ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश से प्रभावित कई देश, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर, जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे."
अमेरिका करता रहेगा हमले- राष्ट्रपति ट्रंप
ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन के अलावा कई अन्य देश इस क्षेत्र में अपने जहाज भेजेंगे. उन्होंने कहा कि, "इस दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका तटरेखा पर लगातार बमबारी करता रहेगा और ईरानी नौकाओं और जहाजों को लगातार नष्ट करता रहेगा."
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर क्या बोला ईरान?
वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर ईरान का बयान भी सामने आया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला है, और यह रणनीतिक मार्ग केवल अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए बंद है. उन्होंने कहा कि, "होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है. यह केवल हमारे दुश्मनों के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है, उन लोगों के लिए जो हम पर और हमारे सहयोगियों पर हमला कर रहे हैं. बाकी सभी के लिए आवागमन स्वतंत्र है." ये बाद उन्होंने शनिवार को एमएस नाउ को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कही. मौजूदा नाकाबंदी के बारे में एक सवाल के जवाब में, ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि जलडमरूमध्य बंद नहीं है और "यह केवल अमेरिकी, इजरायली जहाजों और टैंकरों के लिए बंद है, दूसरों के लिए नहीं."
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कम नहीं हो रहा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव
बता दें कि अमेरिका और इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम का हमेशा से विरोध करता रहा है. इसी साल फरवरी में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच तीन बार बातचीत हुई, लेकिन ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को किसी भी शर्त पर रोकने से इनकार कर दिया. परमाणु वार्ता आगे बढ़ती इससे पहले ही 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला कर दिया. जिससे युद्ध का रूप ले लिया. उसके बाद ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करना शुरू कर दिया. ये हमले अभी भी जारी है.
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