साइबर लिटरेसी- टिकट रिफंड के नाम पर 2 लाख ठगे:समझें कैसे होते ये स्कैम, बचाव के लिए जरूरी 9 सावधानियां, न करें ये 6 गलतियां
हाल ही में प्रयागराज से टिकट रिफंड के नाम पर साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां साइबर क्रिमिनल ने खुद को गूगल-पे कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर यूजर से करीब दो लाख रुपए ठग लिए। दरअसल, पीड़ित ने कुछ दिन पहले दिल्ली से प्रयागराज की ट्रेन टिकट बुक की थी, जिसे बाद में कैंसिल कर दिया। रिफंड न मिलने पर उसने इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजा और उससे संपर्क किया। कुछ ही देर बाद एक अनजान नंबर से उसके वॉट्सएप पर कॉल आया। कॉलर ने खुद को गूगल-पे कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया और एक APK फाइल डाउनलोड करने को कहा। फाइल डाउनलोड करते ही ठग ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद पीड़ित के मोबाइल नंबर से जुड़े परिवार के पांच अलग-अलग खातों से कुल 1.93 लाख रुपए निकाल लिए। टिकट रिफंड लेते समय जरा-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए टिकट रिफंड का सही तरीका समझना बेहद जरूरी है। आज साइबर लिटरेसी कॉलम में ‘टिकट रिफंड स्कैम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- टिकट रिफंड स्कैम क्या है? जवाब- यह एक ऑनलाइन फ्रॉड है, जिसमें जालसाज उन यात्रियों को शिकार बनाते हैं, जो अपनी फ्लाइट, ट्रेन या बस की टिकट कैंसिल कर पैसे वापस पाने की कोशिश कर रहे होते हैं। इस स्कैम में साइबर क्रिमिनल्स गूगल पर SEO के जरिए फर्जी कस्टमर केयर नंबर डाल देते हैं। कस्टमर केयर का नंबर गूगल करने पर यही नंबर सबसे ऊपर आते हैं। जब कोई यात्री रिफंड की मदद के लिए इन नंबर्स पर कॉल करता है, तो स्कैमर उनसे रिफंड के नाम पर 'स्क्रीन शेयरिंग एप' डाउनलोड करवाते हैं। कुछ मामलों में फर्जी लिंक भेजकर उनके बैंक डिटेल (जैसे OTP या पिन) चुरा लेते हैं। इसके बाद पूरा खाता खाली कर देते हैं। सवाल- टिकट रिफंड के नाम पर ठग स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- साइबर ठग रिफंड में देरी या तकनीकी समस्या का फायदा उठाते हैं। वे फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए संपर्क कर यूजर का भरोसा जीतते हैं। साथ ही तकनीकी मदद के नाम पर मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- प्रयागराज में युवक ने क्या गलती की, जिस वजह से उसके 2 लाख रुपए ठगों ने उड़ा लिए? जवाब- युवक ने गूगल पर मिले फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा किया और बिना वेरिफाई किए ठग की बातें मान ली। सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने अनजान APK फाइल डाउनलोड कर ठग को मोबाइल का रिमोट एक्सेस दे दिया। नीचे दिए ग्राफिक से युवक की 6 गलतियां देखिए- सवाल- लोग टिकट रिफंड स्कैम के झांसे में क्यों आ जाते हैं? जवाब- रिफंड में देरी होने पर लोग पहले से ही परेशान होते हैं। ऐसे में जब कोई खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर तुरंत समाधान का भरोसा देता है, तो लोग बिना जांच-पड़ताल किए उस पर भरोसा कर लेते हैं। इसके अलावा कई और भी कारण हैं- सवाल- इंटरनेट पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा क्यों नहीं करना चाहिए? जवाब- इंटरनेट पर कई बार फर्जी कस्टमर केयर नंबर विज्ञापन या हेरफेर के जरिए ऊपर दिखा दिए जाते हैं। ये नंबर रियल नहीं, बल्कि साइबर ठगों के हो सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट या एप से वेरिफाई किए बिना ऐसे नंबरों पर भरोसा करना रिस्की हो सकता है। सवाल- APK फाइल क्या है और इसे डाउनलोड करना क्यों खतरनाक हो सकता है? जवाब- ये एंड्रॉइड डिवाइस के लिए एक फाइल फॉर्मेट है, जिसका यूज एप्स इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है। इसे डाउनलोड करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसमें वायरस या मालवेयर हो सकते हैं, जो यूजर की निजी जानकारी, बैंक डेटा चोरी कर सकते हैं और फोन का कंट्राेल ले सकते हैं। सवाल- क्या गूगल-पे कभी वॉट्सएप कॉल करके एप डाउनलोड करने को कहता है? जवाब- नहीं, गूगल-पे या कोई भी आधिकारिक पेमेंट एप वॉट्सएप कॉल करके APK फाइल या एप डाउनलोड के लिए नहीं कहता है। ऐसी कॉल साइबर ठग ही करते हैं। किसी भी एप को केवल आधिकारिक प्ले स्टोर या कंपनी की वेबसाइट से ही डाउनलोड करना चाहिए। सवाल- अगर गलती से APK फाइल डाउनलोड हो जाए तो तुरंत क्या करें? जवाब- अगर गलती से कोई संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड कर ली है तो घबराएं नहीं। ग्राफिक में दिए कुछ जरूरी एक्शन लें। सवाल- टिकट रिफंड स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- टिकट रिफंड के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या एप का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या फाइल पर भरोसा न करें। सतर्कता और सही जानकारी ही स्कैम से बचने का सबसे बड़ा उपाय है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- टिकट रिफंड लेने का सही तरीका क्या है? जवाब- इसका सही तरीका यही है कि जिस प्लेटफॉर्म से टिकट बुक किया है, उसी से टिकट कैंसिल करें। आधिकारिक वेबसाइट या एप में ‘टिकट कैंसिलेशन’ का ऑप्शन होता है। टिकट कैंसिल करने के बाद रिफंड स्टेटस चेक करें। रिफंड कुछ घंटों के भीतर उसी अकाउंट में वापस आता है, जिससे भुगतान किया गया था। नीचे दिए ग्राफिक से इसका सही तरीका समझिए- सवाल- अगर टिकट रिफंड स्कैम का शिकार हो जाएं तो तुरंत क्या करें? जवाब- तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। बैंक/पेमेंट एप के ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाएं। नजदीकी थाने में लिखित शिकायत दें, ताकि समय रहते रकम वापस मिल सके। सवाल- टिकट रिफंड स्कैम की शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही नजदीकी थाने या साइबर सेल में लिखित सूचना देकर भी मामला दर्ज कराया जा सकता है। …………………. साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- रिफंड के नाम पर 80,000 का चूना: जानें क्या है ये स्कैम, लोग क्यों होते शिकार, कैसे बचें, फर्जी नंबर कैसे पहचानें आजकल रिफंड के नाम पर स्कैम की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़िए…
जरूरत की खबर- युवाओं में बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर:इन 9 आदतों के कारण बढ़ता रिस्क, डॉक्टर से जानें कंट्रोल करने के नेचुरल तरीके
एक समय था, जब हमारे आसपास ब्लड प्रेशर की समस्या सिर्फ उम्रदराज लोगों में होती थी। बीपी की चिंता पेरेंट्स किया करते थे। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। हाई ब्लड प्रेशर सिर्फ बुजुर्गों को होने वाली बीमारी नहीं रही। देश-दुनिया में 20–30 साल के युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कॉमन होती जा रही है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में साल 2016 में पब्लिश स्टडी के मुताबिक पूरी दुनिया में 20 से 29 साल के 10 से 15% युवा हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंपीरियल कॉलेज लंदन की एक स्टडी कहती है कि 1990 से लेकर साल 2019 के बीच हाई ब्लड प्रेशर के केसेज दुगुने हो गए। जहां 1990 में पूरी दुनिया में तकरीबन 64.8 करोड़ लोग हाई बीपी से पीड़ित थे, वहीं साल 2019 में यह संख्या बढ़कर 1.28 अरब हो गई। 2024 में दुनिया भर में 30–79 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.4 अरब लोग हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) से प्रभावित थे। यानी लगभग हर दस में से करीब तीन वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि आधे से अधिक लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उनका बीपी बढ़ा हुआ है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. प्रदीप कुमार नायक, हेड- कर्डियोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- हाई ब्लड प्रेशर क्या है? जवाब- हाई ब्लड प्रेशर वह कंडीशन है, जब आर्टरीज की वॉल्स पर ब्लड फ्लो का प्रेशर लगातार सामान्य से अधिक रहता है। लंबे समय तक यह दबाव ज्यादा बना रहे तो दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। सवाल- हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है? जवाब- ब्लड प्रेशर तब बढ़ता है, जब ब्लड वेसल्स संकरी हो जाती हैं या शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ जाता है। इसके पीछे कई फैक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं- सवाल- युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या क्यों बढ़ रही है? जवाब- कम उम्र में हाइपरटेंशन मुख्य रूप से अनहेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़ा है। लंबे वर्किंग आवर्स, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, नींद की कमी, मेंटल स्ट्रेस और सिडेंटरी लाइफस्टाइल ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ाते हैं। क्रॉनिक स्ट्रेस के कारण शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनलिन जैसे हॉर्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड प्रेशर को हाई रख सकते हैं। सवाल- यंग एज की कौन-सी आदतें हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को बढ़ाती हैं? जवाब- हाई ब्लड प्रेशर के पीछे अक्सर हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल जिम्मेदार होती है। कुछ सामान्य लेकिन अनदेखी आदतें धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर को बढ़ाकर हाइपरटेंशन का खतरा पैदा कर सकती हैं। ग्राफिक से उन आदतों के बारे में समझते हैं- सवाल- अगर युवावस्था में ही हाई ब्लड प्रेशर हो जाए तो आगे चलकर किन बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है? जवाब- अगर कम उम्र (20–40 साल) में ही हाई ब्लड प्रेशर हो जाए, तो आगे चलकर इन बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है- सवाल- क्या हाई ब्लड प्रेशर को रिवर्स किया जा सकता है? जवाब- हां, खासकर शुरुआती चरण में हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कुछ मामलों में सामान्य स्तर पर भी लाया जा सकता है। इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी हैं। सवाल- हाई ब्लड प्रेशर को नेचुरली कंट्रोल कैसे करें? जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी है। पॉइंटर्स से समझते हैं- सवाल- अगर ब्लड प्रेशर हाई हो तो डाइट कैसी होनी चाहिए? जवाब- हाई ब्लड प्रेशर में डाइट का फोकस नमक कम करने और ऐसे पोषक तत्वों को बढ़ाने पर होना चाहिए, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। हाई बीपी में DASH (डायटरी अप्रोच टू स्टॉप हाइपरटेंशन) डाइट को प्रभावी माना जाता है। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और लो-फैट डेयरी शामिल होते हैं। सैचुरेटेड फैट, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड कम रखने चाहिए। साथ ही, पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर आहार ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है। सवाल- हाई ब्लड प्रेशर हो तो कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए? जवाब- हाई ब्लड प्रेशर में ज्यादा नमक और अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड सबसे ज्यादा रिस्की होते हैं। इनके अलावा- सवाल- कौन से लाइफस्टाइल बदलाव हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को कम करते हैं? जवाब- डेली लाइफ में कुछ बदलाव करके हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को कम किया जा सकता है। ग्राफिक में देखिए- समय रहते सही कदम उठाकर हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जैसेकि– समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच जैसे छोटे-छोटे बदलाव हार्ट और शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसलिए यंग एज में लाइफस्टाइल पर ध्यान देना हाई ब्लड प्रेशर और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। ………………………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- मसल-फैट रेशियो सही तो ब्रेन रहता एक्टिव:घटता बीमारियों का रिस्क, पतला होना काफी नहीं, मसल-फैट का सही बैलेंस जरूरी अगर मैं पूछूं कि “आप फिट हैं या नहीं” तो शायद आप अपने वजन को पैमाना मानकर जवाब देंगे। लेकिन जरा ठहरिए… सिर्फ वजन आपकी सेहत की पूरी कहानी नहीं कहता है। फिटनेस का सही पैमाना ये है कि आपके शरीर में मसल्स और फैट का रेशियो क्या है? एक कमाल की बात ये है कि अगर ये रेशियो बैलेंस रहे तो ब्रेन हेल्थ पर पॉजिटिव असर होता है। पूरी खबर पढ़ें…
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