अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। भारत ने अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभु अफगानिस्तान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई बताया है। इन हमलों में कई नागरिकों की मौत हुई है और नागरिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि भारत अफगानिस्तान की जमीन पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनमें कई नागरिकों की जान गई और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने कहा, “यह पाकिस्तान की ओर से एक और आक्रामक कदम है, जो संप्रभु अफगानिस्तान की अवधारणा के प्रति उसकी शत्रुतापूर्ण सोच को दर्शाता है।”
उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की आवश्यकता पर जोर देता है।
अफगान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों में काबुल में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
अफगान अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान ने काबुल के अलावा कंधार, पक्तिका, खोस्त और नंगरहार प्रांतों में भी गुरुवार रात और शुक्रवार को हवाई हमले किए। कंधार में एक तेल डिपो को निशाना बनाए जाने की भी खबर है।
इसके जवाब में अफगानिस्तान के अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और प्रतिष्ठानों पर हमला किया है।
काबुल की ओर से जारी बयान के अनुसार, कोहाट में सैन्य किले और डूरंड लाइन के पास स्थित युद्ध कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पाकिस्तानी सेना की ओर से गुरुवार रात किए गए हमलों के जवाब में अफगान वायुसेना ने शुक्रवार सुबह खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के रणनीतिक सैन्य केंद्रों और प्रतिष्ठानों पर हमला किया।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान की हालत खस्ता, बचत को लेकर अब काटे जाएंगे वेतन, तेल संकट के बीच शहबाज सरकार मजबूर
ईंधन संकट से निपटने को लेकर पाकिस्तान सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. पीएम शहबाज शरीफ ने सरकारी कंपनियों और स्वायत्त संस्थानों के कर्मियों के वेतन को लेकर कटौती के आदेश दिए हैं. कर्मियों की सैलरी 5 से 30 प्रतिशत तक काटी जाएगी. वहीं सरकारी वाहनों के ईंधन में 50 प्रतिशत की कटौती की जाएंगी. वहीं 60 प्रतिशत वाहनों को दो माह के लिए सड़कों से हटाने का फैसला लिया गया है. इसके अलावा मंत्रियों के दो माह के वेतन और बोर्ड बैठकों की फीस को भी बचत में रखा जाएगा. इसके साथ विदेशी यात्राओं पर रोक लगेगी.
5 से 30 प्रतिशत तक की कटौती का निर्णय लिया
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने शनिवार को सरकार के आधीन आने वाली सरकारी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में 5 से 30 प्रतिशत तक की कटौती का निर्णय लिया है. यह फैसला सरकार की बड़ी बचत योजना के तहत लिया गया. इसका लक्ष्य खर्च कम करना और बचत को बढ़ाना जरूरी है. यह फैसला समीक्षा बैठक में लिया गया.
ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर
बताया जा रहा है कि बचत योजनाओं को लेकर आकलन करने के बाद यह फैसला लिया गया. अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष की वजह पैदा हुए तेल संकट से निपटने को लेकर इसे लागू की गई. पीएम कार्यालय की ओर से जारी बयान की मानें तो शहबाज शरीफ ने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर और सरकार की बचत योजनाओं पर चर्चा हुई.
बोर्ड बैठकों की फीस खत्म की
यह तय हुआ कि विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बोर्ड में शामिल सरकार के प्रतिनिधियों को अब बैठक में शामिल होने की फीस को नहीं देना होगा. इस राशि को सरकार की बचत का भाग माना जाएगा. नए वाहन खरीदने और अन्य खरीद पर रोक बैठक में यह भी जानकारी दी गई. सरकार ने नए वाहन खरीदने पर पूरी तरह रोक लगाई है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















