नीदरलैंड में यहूदी स्कूल के पास हुआ धमाका, डच सरकार से इजरायल ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
तेल अवीव, 14 मार्च (आईएएनएस)। नीदरलैंड में एक यहूदी स्कूल के पास धमाके की खबर सामने आई। इजरायली मीडिया ने धमाके में नुकसान कम होने की जानकारी साझा की है। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर अपना आक्रोश जताया है। साथ ही, विदेश मंत्रालय ने ये आरोप लगाया है कि नीदरलैंड में हाल के कुछ समय में यहूदियों के खिलाफ नफरत (एंटीसेमिटिज्म) की भावना बढ़ गई है। इजरायल ने एंटीसेमिटिज्म के खिलाफ डच सरकार से कार्रवाई की मांग की।
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, नीदरलैंड में एंटीसेमिटिज्म महामारी फैली हुई है। हमने इसका दायरा नवंबर 2024 में एम्स्टर्डम में इजरायलियों के खिलाफ हुए नरसंहार में देखा, दो दिन पहले रॉटरडैम में सिनेगॉग पर हुए हमले में और कल एम्स्टर्डम में एक यहूदी स्कूल पर हुए हमले में। अगला हमला कहां होगा? डच सरकार को एंटीसेमिटिज्म से लड़ने के लिए और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।
डच न्यूज एजेंसी एएनपी की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार सुबह एम्स्टर्डम में एक यहूदी स्कूल में धमाके से नुकसान हुआ। शहर के मेयर ने इसे यहूदी समुदाय के खिलाफ जानबूझकर किया गया हमला बताया है। मेयर फेमके हाल्सेमा ने न्यूज एजेंसी को बताया कि धमाके से बहुत कम नुकसान हुआ है।
यह घटना डच पुलिस के उस बयान के एक दिन बाद हुई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने रॉटरडैम में एक सिनेगॉग के बाहर धमाका करने के शक में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। रॉटरडैम धमाके के बाद आग लगने की वजह से बिल्डिंग को नुकसान हुआ। इस महीने अब तक यह कम से कम नौवां डायस्पोरा सिनेगॉग है जिसे निशाना बनाया गया है।
इजरायली मीडिया के अनुसार, इस्लामिक मूवमेंट ऑफ द कम्पैनियंस ऑफ द राइट ने एम्स्टर्डम में यहूदी स्कूल पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने एक वीडियो जारी किया, जिसमें आग लगाने वाले डिवाइस का धमाका दिखाया गया है।
इस नए बने कट्टरपंथी समूह का नाम हाल के दिनों में हुए कई दूसरे यहूदी विरोधी हमलों से भी जुड़ा है। कट्टरपंथी समूह ने इससे ठीक एक दिन पहले रॉटरडैम में एक सिनेगॉग के बाहर हुआ ऐसा ही धमाका किया। इस मामले में डच पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।
--आईएएनएस
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KAL KA MAUSAM: मौसम का डबल अटैक! एक तरफ लू का कहर, दूसरी तरफ तूफान और बिजली गिरने का खतरा
भारत के मौसम में इस समय अजीबोगरीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां उत्तर-पूर्व के राज्यों में आसमान से पानी बरस रहा है, वहीं देश के मध्य भागों में सूरज की तपिश लोगों को बेहाल कर रही है. पिछले 24 घंटों के दौरान विदर्भ के कुछ इलाकों में भीषण लू (Heat Wave) का प्रकोप रहा, जबकि असम में 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह मौसमी बदलाव और भी तेज होने वाला है. असम में 14 और 16 मार्च को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे वहां के जनजीवन पर असर पड़ सकता है.
उत्तर भारत में ओलावृष्टि और बारिश का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत में एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने वाले हैं. पहला सिस्टम सक्रिय हो चुका है, जिसके कारण 15 और 16 मार्च को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बिजली कड़कने और ओले गिरने की आशंका है. इसका असर मैदानी इलाकों में भी दिखेगा, जहां पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इसके तुरंत बाद 18 मार्च से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जो फिर से बारिश और आंधी का दौर लेकर आएगा.
विदर्भ और मध्य भारत में गर्मी का सितम
गर्मी की बात करें तो महाराष्ट्र का अमरावती शहर देश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. विदर्भ, झारखंड और ओडिशा में आज भी लू चलने की संभावना जताई गई है. हालांकि, अगले 24 से 48 घंटों के बाद इन इलाकों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में भी आने वाले 5 दिनों के दौरान धीरे-धीरे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है.
पूर्वी और मध्य भारत में आंधी-तूफान
पूर्वी भारत में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है. झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 16 और 17 मार्च को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने (Thundersquall) का अनुमान है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 18 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें.
दक्षिण भारत और भविष्य का अनुमान
दक्षिण भारत के तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 15 से 18 मार्च के बीच हल्की बारिश हो सकती है. कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में भी 17 और 18 मार्च को गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. कुल मिलाकर देखें तो अगले एक हफ्ते तक देश का बड़ा हिस्सा प्री-मानसून गतिविधियों की चपेट में रहेगा. मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसानों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि को देखते हुए अपनी फसलों का ध्यान रखें. आने वाले दिनों में गर्मी में कुछ कमी आएगी, लेकिन बारिश और आंधी की चुनौतियां बरकरार रहेंगी.
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