करण जौहर को अंडरवर्ल्ड से मिली थी धमकी, फराह खान ने किया खुलासा, बोलीं- तीनों खान पर भी था प्रेशर
Karan Johar Got Threat From Underworld: बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के रिश्तों की चर्चा लंबे समय से होती रही है. खासकर 80 और 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड के दबाव की कई कहानियां सामने आती रही हैं. ऐसे में अब मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर फराह खान ने इस दौर को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का काफी दबाव था और यहां तक कि फिल्ममेकर करण जौहर को उनकी पहली फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के प्रीमियर के दौरान धमकी भी मिली थी. फराह खान ने यह खुलासा मशहूर पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान किया. उन्होंने उस दौर के फिल्मी माहौल, बॉलीवुड के बदलते दौर और अंडरवर्ल्ड के दबाव के बारे में डिटेल में बात की.
80 के दशक को बताया हिंदी फिल्मों का सबसे खराब दौर
पॉडकास्टर में बातचीत के दौरान फराह खान ने 80 के दशक की हिंदी फिल्मों को याद करते हुए कहा कि उस समय फिल्म इंडस्ट्री का दौर काफी कमजोर माना जाता था. उन्होंने बताया कि कॉलेज के दिनों में वह और उनके दोस्त हिंदी फिल्मों को गंभीरता से नहीं लेते थे और ज्यादातर हॉलीवुड फिल्में ही देखते थे. फराह ने कहा, “हम हिंदी फिल्मों को अक्सर कमतर समझते थे. जब हम कॉलेज में थे तो हम सिर्फ हॉलीवुड फिल्में देखते थे. उस समय का माहौल ही कुछ ऐसा था. अगर हिंदी फिल्मों का सबसे खराब दौर कहा जाए तो वो 80 का दशक ही था.”
90 के दशक में अंडरवर्ल्ड का बढ़ता दबाव
फराह खान ने आगे बताया कि 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का काफी प्रभाव था. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपना करियर शुरू किया था, तब इंडस्ट्री में डर का माहौल था. उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय फिल्म निर्माता मुकेश दुग्गल की हत्या ने पूरे फिल्म जगत को हिला कर रख दिया था. फराह ने कहा, “मुझे याद है कि मैं सेट पर थी और मैंने अपना करियर शुरू ही किया था. शायद 1993 या 1994 का समय था. तभी खबर आई कि प्रोड्यूसर मुकेश दुग्गल को गोली मार दी गई है. उस घटना ने सबको झकझोर दिया था.”
करण जौहर को मिली थी अंडरवर्ल्ड से धमकी
पॉडकास्ट के दौरान जब रणवीर अल्लाहबादिया ने बॉलीवुड के तीनों खान- शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान पर अंडरवर्ल्ड के दबाव के बारे में सवाल किया तो फराह खान ने माना कि उस दौर में इंडस्ट्री पर काफी प्रेशर था. हालांकि उन्होंने यह कहने से इनकार किया कि शाहरुख खान को कभी अंडरवर्ल्ड से फोन आया था या नहीं, लेकिन उन्होंने करण जौहर को धमकी मिलने की घटना जरूर साझा की.
फराह ने बताया, “मुझे इतना याद है कि ‘डुप्लीकेट’ या ‘कुछ कुछ होता है’ के प्रीमियर के दौरान करण को अंडरवर्ल्ड से धमकी मिली थी. यह बहुत डरावना माहौल था. हर कोई इस बात पर चर्चा कर रहा था कि प्रीमियर कैंसिल कर दिया जाए या फिर उसे आयोजित किया जाए.”
‘कुछ कुछ होता है’ के प्रीमियर पर बढ़ाई गई थी सुरक्षा
फराह खान ने बताया कि धमकी मिलने के बाद फिल्म के प्रीमियर को लेकर पूरी टीम में काफी तनाव था. सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी. उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि ‘कुछ कुछ होता है’ की शूटिंग और प्रीमियर के समय धमकी की वजह से हर कोई परेशान था. सिक्योरिटी बहुत बढ़ा दी गई थी. आखिरकार प्रीमियर हुआ, लेकिन करण बहुत टेंशन में था.”
पहली फिल्म के जश्न की जगह चिंता
फराह खान के मुताबिक, करण जौहर के लिए यह पल बेहद खास होना चाहिए था क्योंकि यह उनकी पहली फिल्म थी. लेकिन धमकी के कारण वह इस खुशी को खुलकर सेलिब्रेट नहीं कर पाए. फराह ने कहा, “सोचिए, यह आपकी पहली फिल्म हो और आप उसे सेलिब्रेट करने के बजाय डर और तनाव में हों. करण के लिए वह समय बहुत कठिन था.”
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धुरंधर-टॉक्सिक पर टीवी एक्टर विक्रम सिंह का चौंकाने वाला बयान:कंटेंट को बताया आर्ट फॉर्म, कहा- पसंद न आए तो दर्शक खुद दूरी बना सकते हैं
टीवी एक्टर विक्रम सिंह चौहन इन दिनों कलर्स के नए शो ‘दो दुनिया एक दिल’ में ‘शिवाय’ का किरदार निभाते नजर आ रहे हैं। हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान विक्रम ने डिजिटल दुनिया, ऑनलाइन फ्रॉड और दर्शकों की बदलती पसंद पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने फिल्मों में बढ़ रहे एंटी-हीरो और ग्रे किरदारों के ट्रेंड पर भी प्रतिक्रिया दी। विक्रम ने कहा कि धुरंधर और टॉक्सिक जैसी फिल्में भी एक आर्ट फॉर्म हैं और हर क्रिएटर को अपनी कहानी लोगों तक पहुंचाने का अधिकार है। उनके मुताबिक, अगर किसी को ऐसा कंटेंट सही नहीं लगता तो वह उसे न देखने का चुनाव भी कर सकता है। पेश है विक्रम सिंह चौहन से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘दो दुनिया एक दिल’ में आपका किरदार दो अलग-अलग दुनिया के बीच कनेक्शन बनाता है। क्या आपको लगता है कि आज की टेक्नोलॉजी लोगों को जोड़ने से ज्यादा अलग कर रही है? जवाब: मुझे लगता है कि बैलेंस मेंटेन करना बहुत जरूरी है। अगर आप पूरी तरह डिजिटल दुनिया से दूर रहेंगे तो पीछे छूट जाएंगे, क्योंकि आजकल ज्यादातर काम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही होता है। लेकिन अगर आप इसमें बहुत ज्यादा डूब जाते हैं, तो आपकी पर्सनल ग्रोथ और प्रोडक्टिविटी भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम दोनों दुनिया के बीच संतुलन बनाए रखें। सवाल: आज के समय में डिजिटल फ्रॉड और फेक आइडेंटिटी बड़ा मुद्दा बन चुका है। अगर आपको कभी ऑनलाइन फ्रॉड का सामना करना पड़े तो आप कैसे हैंडल करेंगे? जवाब:हमारे शो में भी बताया गया है कि अगर किसी के साथ ऑनलाइन फ्रॉड होता है, तो वह cyber.gov.in पर जाकर इसकी शिकायत कर सकता है। इसके अलावा कई हेल्पलाइन नंबर भी हैं, जहां कॉल करके रिपोर्ट की जा सकती है और पुलिस की मदद ली जा सकती है। मेरे साथ व्यक्तिगत रूप से ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन इस शो के जरिए मुझे भी यह जागरूकता मिली है कि ऐसी स्थिति में कहां संपर्क करना चाहिए। सवाल: OTT और सोशल मीडिया के दौर में दर्शकों की पसंद काफी बदल गई है। क्या अब दर्शक ज्यादा रियल और अनफिल्टर्ड कहानियां देखना चाहते हैं? जवाब:मुझे लगता है कि दर्शक हमेशा से ही रियल और अनफिल्टर्ड कहानियां देखना चाहते थे। हर कोई कुछ नया, कुछ रॉ और असली महसूस कराने वाली कहानियां पसंद करता है। जिन कहानियों में ह्यूमन कनेक्शन और इमोशन होते हैं, वही दर्शकों को सबसे ज्यादा छूती हैं। सवाल: आजकल धुरंधर और टॉक्सिक जैसी फिल्मों में एंटी-हीरो या ग्रे किरदारों का ट्रेंड बढ़ रहा है। क्या टीवी पर भी इसका असर दिख रहा है? जवाब: मुझे लगता है कि यह एक आर्ट फॉर्म है और हर किसी को अपनी कला लोगों तक पहुंचाने का अधिकार है। अगर किसी को लगता है कि ऐसा कंटेंट उसके परिवार या समाज के लिए सही नहीं है, तो वह उसे न देखने का चुनाव कर सकता है। डिजिटल दुनिया में कई तरह का कंटेंट मौजूद है, जिनमें से कुछ चीजें इन फिल्मों से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि दर्शक समझदारी से अपनी पसंद का चुनाव करें।
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