ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ईरानी युद्धपोत के कुछ क्रू सदस्यों को कोच्चि से लाया गया वापस
कोच्चि, 14 मार्च (आईएएनएस)। भारत ने इस महीने की शुरुआत में कोच्चि में डॉक किए गए एक ईरानी नेवी के जहाज के 100 से ज्यादा क्रू सदस्यों को वापस भेज दिया है। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह शिप अभी भी दक्षिणी पोर्ट पर ही खड़ी है।
इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि भारत ने मानवीय आधार पर कैप्टन को निकालने में मदद की। इसके बाद नाविकों को शुक्रवार देर रात तुर्किए एयरलाइन के विमान से वापस भेजा गया।
माना जा रहा है कि यह विमान कोलंबो में रुका था, जहां 4 मार्च को श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया था। वापस लाए गए कैप्टन ईरानी नौसैनिक जहाज आईआरआईएस लवन के क्रू का हिस्सा थे। लवन को उसी दिन कोच्चि पोर्ट पर डॉक किया गया था, जिस दिन हिंद महासागर क्षेत्र में नौसैनिक टकराव हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि जहाज पर शुरू में 183 लोग सवार थे, लेकिन गैर-जरूरी क्रू सदस्यों के जाने के बाद, ऑपरेशनल और मेंटेनेंस की जरूरतों के लिए लगभग 50 क्रू सदस्य जहाज पर ही रह गए हैं।
जहाज के आने के बाद से भारतीय अधिकारी तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तेजी से बिगड़ते सैन्य हालात को देखते हुए स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोच्चि में ईरानी वॉरशिप की मौजूदगी को सावधानी से हैंडल किया जा रहा है, साथ ही समुद्री प्रोटोकॉल और डिप्लोमैटिक संवाद का पालन भी पक्का किया जा रहा है।
हालांकि बाकी क्रू मेंबर अभी भी जहाज पर ही हैं, लेकिन अभी तक इस बात का कोई आधिकारिक तौर पर कोई संकेत नहीं मिला है कि वॉरशिप भारतीय पानी से कब निकलेगा। समुद्री और सुरक्षा एजेंसियां इस इलाके में हो रहे डेवलपमेंट पर कड़ी नजर रख रही हैं।
इस घटना ने डिप्लोमैटिक और नेवी सर्कल में ध्यान खींचा है। इस महीने की शुरुआत में ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के बाद हिंद महासागर में रणनीतिक गतिविधि बढ़ गई है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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चीनी एयरोस्पेस उद्योग लिख रहा है नया अध्याय, कक्षीय उन्नयन से अंतरिक्ष खाका तक
बीजिंग, 14 मार्च (आईएएनएस)। हाल ही में, पेइतो उपग्रह नेविगेशन प्रणाली ने कक्षीय उन्नयन करने की घोषणा की, जिसके तहत कक्षा में पहले से स्थापित 50 उपग्रह विश्व की बेहतर सेवा प्रदान करेंगे। यह खबर न केवल चीन के एयरोस्पेस बुनियादी ढांचे में निरंतर सुधार को दर्शाती है, बल्कि देश के एयरोस्पेस उद्योग द्वारा एक नए सफर पर की जा रही स्थिर प्रगति को भी प्रतिबिंबित करती है।
इस वर्ष की सरकारी कार्य रिपोर्ट में अंतरिक्ष क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों का बार-बार उल्लेख किया गया है। पेइतो उपग्रह नेविगेशन प्रणाली के अनुकूलन और समायोजन से लेकर 15वीं पंचवर्षीय योजना की व्यापक रूपरेखा तक, अंतरिक्ष स्टेशन के नियमित संचालन से लेकर गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण की निरंतर प्रगति तक, चीन का अंतरिक्ष कार्य अभूतपूर्व जीवंतता के साथ समग्र राष्ट्रीय विकास में एकीकृत हो रहा है और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं लोगों के कल्याण की सेवा में एक महत्वपूर्ण शक्ति बन रहा है।
पेइतो प्रणाली का उन्नयन चीन के अंतरिक्ष उद्योग की उत्कृष्टता की खोज की भावना का सर्वोत्तम प्रमाण है। 10 मीटर से बेहतर वैश्विक स्थिति निर्धारण और सेंटीमीटर स्तर तक सटीक एकल-बिंदु स्थिति निर्धारण के साथ, ये प्रमुख संकेतक चीनी अंतरिक्ष इंजीनियरों द्वारा उत्कृष्टता की अटूट खोज को दर्शाते हैं।
क्षेत्रीय सेवाओं से लेकर वैश्विक कवरेज तक, बुनियादी कार्यों से लेकर प्रदर्शन अनुकूलन तक, पेइतो प्रणाली चीनी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में गहराई से एकीकृत हो चुकी है और लोगों के दैनिक जीवन और औद्योगिक कार्यों के लिए एक अपरिहार्य अंतरिक्ष दिशासूचक बन गई है। इस बार का सक्रिय उन्नयन न केवल उपयोगकर्ता अनुभव के प्रति एक जिम्मेदार दृष्टिकोण है, बल्कि एयरोस्पेस क्षेत्र में तकनीकी नेतृत्व बनाए रखने और विश्व की सेवा करने के लिए चीन की प्रतिबद्धता का एक जीवंत प्रमाण भी है।
यदि पेइतो का उन्नयन स्थिरता का प्रतीक है, तो 15वीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा प्रगति का स्पष्ट आह्वान है। एयरोस्पेस को एक रणनीतिक उभरते उद्योग समूह के रूप में सूचीबद्ध करना, अंतरिक्ष शक्ति के निर्माण में स्पष्ट रूप से तेजी लाना, मानवयुक्त चंद्र अन्वेषण और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण के मानकीकरण जैसे कई प्रमुख मिशनों को योजना में शामिल करना, यह दर्शाता है कि एयरोस्पेस उद्योग साधारण वैज्ञानिक अन्वेषण से आगे बढ़कर आधुनिक औद्योगिक प्रणाली का एक प्रमुख घटक बन गया है।
जैसा कि चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) की प्रतिनिधि ल्यू यांग ने कहा, थ्येनकोंग अंतरिक्ष स्टेशन के कक्षा-स्तरीय अनुप्रयोगों से लेकर निम्न-पृथ्वी कक्षा में उपग्रह इंटरनेट के निर्माण तक, वाणिज्यिक अंतरिक्ष उड़ान के तेजी से विकास से लेकर अंतरिक्ष संसाधन विकास की दूरदर्शी योजना तक, अंतरिक्ष उद्योग नई उत्पादक शक्तियों को उत्पन्न करने और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण इंजन बन रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान का विकास अंततः जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने वाली नई प्रौद्योगिकियों और नए उत्पादों में परिवर्तित होगा, जो धरती पर हमें वास्तविक लाभ पहुंचाएगा।
तारों भरे आकाश की ओर देखते हुए, चीन का एयरोस्पेस दृष्टिकोण इतना गहरा कभी नहीं रहा। वर्ष 2030 से पहले चीन का पहला चंद्रयान चंद्रमा तक पहुंचने का सदियों पुराना सपना पूरा करने की दिशा में पहला कदम है।
इस दौरान थ्येनवन-2 क्षुद्रग्रह से नमूने एकत्र करके वापस लाएगा, थ्येनवन-3 मंगल ग्रह से नमूने एकत्र करेगा, थ्येनवन -4 वृहस्पति और उसके उपग्रहों का अध्ययन करेगा, बृहस्पति के अंतरिक्ष और आंतरिक संरचना का अन्वेषण करेगा। जबकि, छांग अ-7 चंद्रयान जल बर्फ की खोज के लिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की ओर बढ़ेगा।
रोमांचक मिशनों की यह श्रृंखला गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए एक सुव्यवस्थित और तीव्र गति वाली कार्य योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करती है। जैसा कि एनपीसी प्रतिनिधि सुन त्सेचोउ के परिचय से हम स्पष्ट रूप से महसूस कर सकते हैं कि चीन का एयरोस्पेस उद्योग तारों की ओर देखने की उच्च महत्वाकांक्षा को व्यावहारिक वैज्ञानिक अनुसंधान परिणामों में बदलने के लिए लगातार कदम उठा रहा है।
पेइतो उपग्रह नेविगेशन प्रणाली के कक्षीय उन्नयन से लेकर अंतरिक्ष अन्वेषण की भव्य योजनाओं तक, चीन की एयरोस्पेस संबंधी महत्वाकांक्षाएं सपने से हकीकत की ओर, पिछड़ने से लेकर नेतृत्व करने तक, और घरेलू स्तर से वैश्विक स्तर तक पहुंचने की ओर बढ़ रही हैं।
पेइतो के मार्गदर्शन में, सितारे हमारी पहुंच में हैं, यह वाक्य न केवल पेइतो उपग्रह नेविगेशन प्रणाली का व्यावहारिक वर्णन है, बल्कि चीन के अंतरिक्ष उद्योग के भविष्य के विकास का प्रतीक भी है। सितारों की ओर अपनी यात्रा में, चीन का अंतरिक्ष कार्य मजबूत कदम बढ़ाते हुए इस युग का एक गौरवशाली अध्याय लिख रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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