'वो इतने टैलेंटेड...' पाकिस्तानी दिग्गज का संजू और ईशान पर बड़ा बयान, बाबर और विराट को लेकर भी बोली खास बात
Mohammad Amir on Sanju and Ishan : भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हाल ही में खत्म हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इंडियन क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन और ईशान किशन ने कमाल का प्रदर्शन कर धमाल मचाया. भारत के इन दोनों विकेटकीपर बल्लेबाजों ने टी20 वर्ल्ड कप में बल्ले के साथ बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में मदद की. ये कहना गलत नहीं होगा कि अगर ये दोनों खिलाड़ी टीम इंडिया में नहीं होते तो शायद ही भारत ट्रॉफी जीत पाता.
ईशान किशन ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाफ तब रन बनाए जब भारतीय क्रिकेट टीम की बैटिंग स्ट्रगल कर रही थी. ऐसे में ईशान ने तूफानी पारी खेलकर पाकिस्तान के हाथों से मैच पूरी तरह छीन लिया. संजू ने तब अपना जलवा बिखेरा जब भारतीय क्रिकेट टीम पर सुपर-8 से बाहर होने की तलवार लटकी हुई थी. इसके बाद संजू ने लगातार तीन मैचों में धमाल मचाया. उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में भी सबसे ज्यादा रन बनाए.
पाकिस्तानी खिलाड़ी का ईशान-संजू पर बयान
अब ईशान किशन और संजू सैमसन पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद आमिर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इन दोनों खिलाड़ियों ने भारत के ड्रेसिंग रूम में सीनियर खिलाड़ियों से जो सिखा है, उस पर खुलकर बात की है.
मोहम्मद आमिर ने कहा, 'एक हफ्ते पहले, संजू और ईशान जैसे भारतीय युवाओं ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अच्छा किया. इस दौरान सबने कहा कि, वो इतने टैलेंटेड हैं, लेकिन असलियत यह है कि उन्होंने कभी सीनियर्स के साथ अपना ड्रेसिंग रूम शेयर किया था, जिसका फायदा उन्हें मिला. इस तरह आप सीनियर्स के साथ खिलाकर युवाओं को मौके देते हैं'.
Mohammad Amir said, "A week ago, Indian youngsters like Sanju, Ishan did well in the WC. Everyone said they're this talent and that. But the reality is they once shared their dressing rooms with seniors. This is how you give chances to youngsters by playing them with seniors." pic.twitter.com/crwe94kKeo
— Abdullah. (@Abdullahh_56) March 14, 2026
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद आमिर ने ये बयान पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद दिया है. उनके अनुसार पाकिस्तान क्रिकेट के खिलाड़ी सीनियर लोगों से सीखने के लिए उनके साथ समय नहीं बिताते है. इसके साथ ही ड्रेसिंग रूम में युवा खिलाड़ियों को सीनियर खिलाड़ियों से और उनके अनुभव से सीखना चाहिए.
बाबर आजम को लकेर आमिर ने दिया बड़ा बयान
संजू और ईशान के अलावा मोहम्मद आमिर ने पाकिस्तान के एक निजी चैनल से बात करते हुए पूर्व पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बाबर को लेकर कहा, 'खिलाड़ी इस मुश्किल दौर से गुजरते हैं लेकिन बाबर के लिए यह अब बहुत लंबा हो गया है. मुझे लगता है कि उसे विराट कोहली को देखना चाहिए और एक अलग सोच के साथ वापस आना चाहिए. वह पाकिस्तान का सबसे अच्छा खिलाड़ी है और पाकिस्तान को 2027 वर्ल्ड कप में उसकी जरूरत है'.
MOHAMMAD AMIR BACKS BABAR AZAM:
— Yasir. (@cricbyyasir) March 13, 2026
"Players go through these rough patches but for Babar, it lasted too long now. I think he should look up to Virat Kohli and come back with a different mindset. He's the best player in Pakistan and Pakistan needs him in the 2027 World Cup." pic.twitter.com/QHRF1p9VtY
मोहम्मद आमिर ने बाबर को विराट कोहली से सीखने की सलाह दी है. दरअसल जब विराट कोहली 2019 से 2021 तक अपने क्रिकेट करियर के बुरे दौर से गुजर रहे हैं. तब विराट किस तरह उस दौर से वापस आए और उन्होंने 2022 टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को जीत दिलाई वो देखने लायक था.
अब मोहम्मद आमिर चाहते हैं कि बाबर आजम भी विराट कोहली की तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मजबूत वापसी करें और पाकिस्तान क्रिकेट के आगे ले जाए. इसके साथ ही वो अपने युवा खिलाड़ियों को कुछ सीख दे पाएं. आपको बात दें कि बाबर आजम का प्रदर्शन टी20 वर्ल्ड कप में काफी निराशाजनक रहा था. उन्हें सुपर-8 के अंतिम मैच में प्लेइंग-11 से भी बाहर कर दिया गया था.
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के लिए तीन महिलाओं समेत पांच उम्मीदवारों के नाम आए सामने
संयुक्त राष्ट्र, 14 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के अगले महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया अगले महीने से शुरू होने जा रही है। अब तक इस पद के लिए पांच उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं, जो दुनियाभर में चल रहे कई संकटों के बीच इस वैश्विक संगठन का नेतृत्व संभालने की दौड़ में शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष अन्नालेना बेयरबॉक ने शुक्रवार को कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और संतुलित होगी। यह एक बहुत ही पारदर्शी, तटस्थ और निष्पक्ष प्रक्रिया है, जिसमें हर उम्मीदवार को समान अवसर और बराबरी का मौका मिलेगा।
बेयरबॉक ने कहा, 20 अप्रैल से सभी उम्मीदवारों के साथ आपसी बातचीत वाला सत्र शुरू होगा। हर उम्मीदवार को लगभग तीन घंटे का समय दिया जाएगा, जिसमें वह 193 सदस्य देशों वाले संयुक्त राष्ट्र संगठन का नेतृत्व संभालने के लिए अपनी योजना और दृष्टि पेश करेगा।
इस दौरान उम्मीदवारों से कई तरह के सवाल भी पूछे जाएंगे। यह संवाद सिर्फ सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सिविल सोसायटी संगठनों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को वेब पर लाइव प्रसारित किया जाएगा, ताकि दुनियाभर के लोग इसे देख सकें।
पिछले साल बेयरबॉक और उस समय के सुरक्षा परिषद अध्यक्ष ने इस पद के लिए महिला उम्मीदवारों को आगे आने की अपील की थी। इसके पीछे व्यापक भावना यह थी कि संयुक्त राष्ट्र के 80 साल के इतिहास में अब तक किसी महिला को महासचिव बनने का मौका नहीं मिला है, इसलिए अब किसी महिला को संगठन का नेतृत्व मिलना चाहिए।
महासभा के प्रस्ताव में भी चुनाव प्रक्रिया में लैंगिक संतुलन को एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बताया गया है। हालांकि अब तक सामने आए पांच उम्मीदवारों में से दो पुरुष हैं।
अब तक नामांकन पाने वाली तीन महिला उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख नाम चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बैचेलेट का है। बैचेलेट संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त भी रह चुकी हैं। उन्हें चिली, ब्राजील और मेक्सिको ने नामित किया है।
दूसरी उम्मीदवार कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन हैं, जो इस समय यूएन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (यूएनसीटीएडी) की महासचिव हैं। वह कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति भी रह चुकी हैं।
तीसरी महिला उम्मीदवार अर्जेंटीना की वर्जीनिया गाम्बा हैं। उन्हें मालदीव ने नामित किया है। गाम्बा संयुक्त राष्ट्र में कई वरिष्ठ पदों पर काम कर चुकी हैं। वह महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की विशेष प्रतिनिधि (बच्चों और सशस्त्र संघर्ष के मुद्दे पर) भी रह चुकी हैं और रासायनिक हथियार निषेध संगठन की प्रमुख भी रह चुकी हैं।
महासचिव पद की दौड़ में दो पुरुष उम्मीदवार भी शामिल हैं। इनमें से एक अर्जेंटीना के राफेल ग्रॉसी हैं, जो इस समय अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख हैं। उन्हें अर्जेंटीना ने ही नामित किया है।
दूसरे उम्मीदवार मैकी साल हैं, जिन्हें बुरुंडी ने नामित किया है। साल पहले सेनेगल के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। महासचिव पद के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 1 अप्रैल तय की गई है।
हालांकि महासभा में महासचिव के चयन के लिए साधारण बहुमत की जरूरत होती है, लेकिन असली फैसला अक्सर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होता है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों के पास वीटो शक्ति होती है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, महासभा महासचिव की नियुक्ति सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर करती है।
बेयरबॉक ने बताया कि उम्मीदवारों के साथ होने वाले संवाद का पहला हिस्सा उनके व्यक्तिगत दृष्टिकोण और प्रबंधन कौशल पर केंद्रित होगा।
दूसरे हिस्से में संयुक्त राष्ट्र के तीन प्रमुख स्तंभों (शांति और सुरक्षा, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन, तथा मानवाधिकार) पर चर्चा होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगले महासचिव में मजबूत नेतृत्व क्षमता होनी चाहिए और उसे प्रशासनिक तथा प्रबंधन का अच्छा अनुभव होना चाहिए, ताकि वह संयुक्त राष्ट्र को आवश्यक सुधारों के साथ आगे बढ़ा सके।
वर्तमान महासचिव एंटोनियो गुटेरेस पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री रह चुके हैं। गुटेरेस इस साल अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने वाले हैं।
--आईएएनएस
वीकेयू/वीसी
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