Rajasthan में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 64 IPS अधिकारियों के तबादले, जयपुर-जोधपुर ग्रामीण समेत 24 जिलों को मिले नए SP
राजस्थान सरकार ने कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों में व्यापक फेरबदल किया है। शुक्रवार देर रात कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के 64 आईपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण और पदस्थापन किया गया है। इस फेरबदल की सबसे बड़ी बात यह है कि दो दर्जन (24) से अधिक जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) बदल दिए गए हैं।
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उपमहानिरीक्षक (एसीबी) अनिल कुमार का तबादला उपमहानिरीक्षक (मुख्यालय) पद पर किया गया है। जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, उदयपुर, राजसमंद, पाली, डीग, बांसवाड़ा, झुंझुनू, कोटपूतली बहरोड, बाड़मेर, चूरू, सलूंबर, गंगानगर ,हनुमानगढ़, नागौर, बीकानेर, बूंदी, करौली सिरोही, कोटपूतली-बहरोड़, फलोदी, भिवाड़ी व खैरथल-तिजारा सहित 24 से अधिक जिलों के एसपी बदले गए हैं।
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जयपुर ग्रामीण के जिला पुलिस अधीक्षक पद पर संजीव नैन को नियुक्त किया गया है जो अब तक पुलिस उपायुक्त पद पर थे। आईपीएस पीडी नित्या जोधपुर ग्रामीण की पुलिस अधीक्षक होंगी। वह जोधपुर में पुलिस उपायुक्त पद पर थीं।
महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव
आदेश के तहत जयपुर और जोधपुर के आयुक्तालयों (Commissionerates) के साथ-साथ मुख्यालयों में भी बदलाव किए गए हैं:
अजय सिंह: जयपुर में उपमहानिरीक्षक (सुरक्षा) के पद से हटाकर अब जयपुर पुलिस आयुक्तालय में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है।
अनिल कुमार: उपमहानिरीक्षक (एसीबी) से बदलकर अब उपमहानिरीक्षक (मुख्यालय) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
संजीव नैन: जयपुर ग्रामीण के नए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले वे पुलिस उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे।
पीडी नित्या: जोधपुर ग्रामीण की नई पुलिस अधीक्षक होंगी। वे अब तक जोधपुर में पुलिस उपायुक्त के रूप में सेवाएं दे रही थीं।
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच गुजरात सरकार का बड़ा फैसला: अब होटल, रेस्तरां और संस्थानों को भी मिलेगा तत्काल PNG कनेक्शन
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में पैदा हुई बाधाओं के बीच गुजरात सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब होटल, रेस्तरां और शैक्षणिक संस्थानों को भी पाइपलाइन से मिलने वाली रसोई गैस (PNG) उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि इस सुविधा के लिए संस्थानों को आवेदन करना होगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर पीएनजी और राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति की समीक्षा की गई।
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पश्चिम एशिया संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि राज्य के जिन क्षेत्रों में शहरी गैस वितरण के लिए पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां रेस्तरां, होटल, शैक्षणिक और सामाजिक-धार्मिक संस्थानों को नए पीएनजी कनेक्शन का आवेदन करने पर उनकी आवश्यकताओं के अनुसार तत्काल प्रभाव से कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे।’’
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बैठक में यह जानकारी दी गई कि घरेलू उपयोग के मकसद से पाइपलाइन के माध्यम से गैस प्राप्त करने वाले नागरिकों के लिए राज्य में रसोई गैस की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। सरकार ने बृहस्पतिवार को इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद राज्य में घरेलू खपत के लिए तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और पीएनजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पश्चिम एशिया से भारत अपने ऊर्जा उत्पादों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है।
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