भीगे ड्राई फ्रूट्स होते हैं सेहत के लिए फायदेमंद, पूरे दिन रहती हैं शरीर में एनर्जी
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। तेज रफ्तार जीवनशैली में स्वस्थ रहने का ख्याल रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, हालांकि अपने आहार में पर्याप्त विटामिन और मिनरल्स शामिल करना जरूरी है, लेकिन कई बार हम सभी आवश्यक पोषक तत्वों को अपनी डाइट में शामिल नहीं कर पाते।
सभी तरह के ड्राई फ्रूट्स खाने के अपने अलग-अलग फायदे होते हैं। दादी-नानी इसे भिगोकर खाने की सलाह देती हैं और सुबह खाली पेट खाने से शरीर को कई पोषक तत्व एक साथ मिलते हैं और पूरे दिन आपका शरीर एनर्जी से भरा रहता है।
आयुर्वेद के अनुसार, भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होती है और पाचन भी बेहतर रहता है। चरक संहिता के अनुसार, ड्राई फ्रूट्स भिगोने से मेवों में मौजूद फाइटिक एसिड की मात्रा कम हो जाती है, जिससे वे आसानी से पच जाते हैं और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
चरक संहिता के अनुसार, सुबह-सुबह बादाम को भिगोकर खाने से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है और दिमाग के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही यह त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है।
अखरोट में मौजूद फाइबर और प्रोटीन भूख को कम करने और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करते हैं, जिससे वजन घटाने और स्ट्रेस को कम करने में काफी मदद मिलती है।
किशमिश गर्म होते हैं। ऐसे में इसे भिगोकर खाने से किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होती। साथ ही यह शरीर में खून की कमी भी पूरी करता है।
खजूर को पानी में भिगोकर खाने से शरीर में कई तरह की दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। इसमें पाया जाने वाला ऑर्गेनिक सल्फर सीजनल एनर्जी को खत्म कर सकता है। यह हार्ट और नसों से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है।
अंजीर एक काफी गर्म ड्राई फ्रूट होता है। इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और कार्बोहाइड्रेट बिल्कुल संतुलित मात्रा में पाया जाता है। यही कारण है कि अंजीर कोलेस्ट्रॉल को कम करने और शरीर को ताकत देने का काम करता है। पानी में भिगोने से यह और भी ज्यादा फायदेमंद हो जाता है। महिलाओं से जुड़ी बीमारियों और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में अंजीर फायदेमंद माना जाता है।
काजू में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, साथ ही यह याददाश्त को और बेहतर बनाते हैं।
भीगी हुई मूंगफली आपके बाल और स्किन के लिए बहुत अच्छी है, इसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो आपके बालों को और भी बेहतर बनाते हैं।
--आईएएनएस
एनएस/वीसी
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ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना, अराघची बोले- व्हाइट हाउस भारत समेत पूरी दुनिया से रूसी क्रूड खरीदने की लगा रहा गुहार
तेहरान, 14 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने शनिवार को रूसी तेल के मामले में अमेरिका पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। ईरान ने कहा कि वाशिंगटन अब उन देशों से मिन्नतें कर रहा है कि वे वही कच्चा तेल खरीदें, जिसे उसने पहले दबाव और प्रतिबंधों के जरिए रोकने की कोशिश की थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने महीनों तक भारत पर दबाव डाला कि वह रूसी तेल का आयात बंद कर दे, लेकिन अब जब ईरान के साथ तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची है, तो उसने अपना रुख बदल लिया है।
अराघची ने एक्स पर लिखा, अमेरिका ने महीनों तक भारत को धमकाकर रूोस से तेल का आयात बंद करवाने की कोशिश की। ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्ध के बाद, व्हाइट हाउस अब दुनिया से - जिसमें भारत भी शामिल है - रूसी कच्चा तेल खरीदने की मिन्नतें कर रहा है।
उन्होंने यूरोपीय सरकारों पर भी निशाना साधा और उन पर ईरान के खिलाफ एक अवैध युद्ध का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय सरकारें इस उम्मीद में ऐसा कर रही हैं कि इस समर्थन के बदले उन्हें रूस के साथ अपने टकराव में अमेरिका का मजबूत समर्थन मिलेगा।
अराघची ने उसी पोस्ट में कहा, यूरोप को लगा था कि ईरान के खिलाफ अवैध युद्ध का समर्थन करने से उन्हें रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिल जाएगा। कितनी शर्मनाक बात है।
ईरानी विदेश मंत्री ने अपनी टिप्पणियों के साथ फाइनेंशियल टाइम्स की एक खबर की हेडलाइन भी साझा की, जिसमें बताया गया था कि वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल से रूस के राजस्व में भारी बढ़ोतरी हो रही है।
अराघची की ये टिप्पणियां तब आईं जब गुरुवार को ट्रंप प्रशासन ने 30 दिनों की एक छूट की घोषणा की, जिसके तहत देशों को समुद्र में फंसे रूसी तेल के कुछ कार्गो खरीदने की अनुमति दी गई।
यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को कम करने के प्रयासों के तहत उठाया गया था, क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं।
यह छूट तब घोषित की गई जब युद्ध से जुड़ी आपूर्ति में बाधाओं और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद करने के फैसले के बाद तेल की बेंचमार्क कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गईं। होर्मुज जलडमरूमध्य एक प्रमुख समुद्री मार्ग है जिससे दुनिया के तेल की एक बड़ी खेप गुजरती है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह अस्थायी लाइसेंस 12 मार्च तक जहाजों पर लादे जा चुके रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की डिलीवरी और बिक्री की अनुमति देता है। यह अनुमति 11 अप्रैल को वाशिंगटन के समय के अनुसार आधी रात तक वैध रहेगी।
यह ताजा कदम 5 मार्च को जारी की गई इसी तरह की 30-दिवसीय छूट के बाद आया है, जिसने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल के कार्गो खरीदने की अनुमति दी थी, जिससे आयातकों को मौजूदा संकट के दौरान आपूर्ति सुनिश्चित करने में सीमित मदद मिली। इस उथल-पुथल के बीच, ईरान ने अब वैश्विक शिपिंग पर लगी व्यापक पाबंदियों के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता दे दिया है; शुक्रवार को भारत की ओर जा रहे एक एलपीजी टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया।
यह घटनाक्रम भारत और ईरान के बीच हुई कई उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बातचीत के बाद सामने आई है, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई फोन पर बातचीत भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बात की, ताकि पश्चिम एशिया क्षेत्र में तेजी से बदल रही स्थिति की समीक्षा की जा सके।
--आईएएनएस
केआर/
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