अलग-अलग राज्यों में एक के बाद एक आगजनी की घटनाएं, दमकलकर्मियों ने घंटों की मशक्कत
दीवाली के दिन दिल्ली, यूपी, बिहार, तेलंगाना, हरियाणा और सिक्किम सहित कई राज्यों में आग लगने की घटनाएं देखने को मिलीं. फैक्ट्रियों, गोदामों, कबाड़ की दुकानों के साथ अस्पताल परिसर में आग लगने की खबर सामने आई है. इन हादसों की वजह शॉर्ट सर्किट और पटाखों की चिंगारी बताई है. कई जगहों पर प्लास्टिक और ज्वलनशील सामग्री होने की वजह से दमकलकर्मियों को घंटों जूझना पड़ा.
फैक्ट्रियों में हंड़कंप
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के विजयनगर औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी में भयानक आग लग गई. यहां पर प्लास्टिक के कच्चे माल की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया. आसमान में काले धुएं के साथ घना गुबार देखा गया. दमकल की एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात को संभाला. वहीं, राजधानी दिल्ली के नजफगढ़ में स्थित नांगली सकरावती इलाके में एक गारमेंट फैक्ट्री में शाम 4:22 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई. इसके बाद तुरंत दमकल की 25 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. इस कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. इसके बाद कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया.
हरियाणा के सोनीपत में मौजूद इंडस्ट्रियल एरिया (फेस-1) में जूसर-मिक्सर बनाने वाली नॉर्थ वेस्ट इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री में भयानक आग लग गई. आग की लपटों ने फैक्ट्री को चपेट में ले लिया. सोनीपत और पानीपत से छह दमकल की गाड़ियां यहां पर पहुंचीं. तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. दमकल अधिकारियों के अनुसार, अवैध निर्माण और फायर मूवमेंट रोड पर कब्जों की वजह से दमकल वाहनों को मौके पर पहुंचने परेशानी का सामना करना पड़ा.
इस दौरान तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के कटेदन इंडस्ट्रियल एरिया में प्लास्टिक ग्रैन्यूल बनाने वाली फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. इसके बाद आग प्लाईवुड यूनिट तक फैल गई. दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम किया.
पटना का गोदाम जलकर राख
बिहार की राजधानी पटना के बाईपास थाना क्षेत्र में मौजूद कृष्णा स्टील गोदाम में आग लगने से लाखों रुपये का इलेक्ट्रॉनिक और स्टील का सामान पूरी तरह से जलकर खाक चुका है. इसके साथ पटना के मनेर में पटाखे की चिंगारी के कारण कबाड़ की दुकान में आग लग गई. इसे बुझाने को लेकर कई दमकल गाड़ियों को लगाया गया.
सिक्किम में एक पुराना अस्पताल जलकर खाक
दक्षिण सिक्किम के एक बड़े अस्पताल में देर शाम अचानक आग लग गई. हालांकि इस दौरान दमकल विभाग ने समय रहने आग पर काबू पा लिया. अभी किसी के हताहत की सूचना नहीं है. राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश जारी किए हैं.
अफ्रीकी देश सेनेगल के तट के पास डूबी प्रवासियों से भरी नाव, 21 लोगों की मौत; सर्च ऑपरेशन जारी
Senegal Boat Sinks: अफ्रीकी देश सेनेगल के तट पर प्रवासियों को ले जा रही एक नाव के डूब गई. हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई. सेनेगल के गृह मंत्रालय ने रविवार को घटना की जानकारी दी. मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उसने बताया कि एक व्यक्ति जीवित मिला था, और अन्य संभावित जीवित लोगों की तलाश के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं. हालांकि, अभी तक यह नहीं बताया गया कि नाव पर कुल कितने लोग सवार थे.
घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी
बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर अभी भी सरकारी एजेंसियां सर्च अभियान चला रही हैं. किसी भी जीवित व्यक्ति को बचाने और पीड़ित परिवारों को सहायता की मदद की जा रही है. मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "सरकार मानव तस्करी के नेटवर्क से निपटने के अपने संकल्प को दोहराती है, खासकर पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को मजबूत करके. यह अनियमित प्रवासन (illegal migration) के खतरों को देखते हुए सतर्क रहने का आह्वान करती है और युवाओं को समाज में शामिल होने में मदद करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है."
Senegal: Around 20 bodies have been recovered along Lompoul Beach after a boat ran aground. Emergency services are working to identify the victims, while the total number of passengers and circumstances remain unclear. #Senegal #Migrants pic.twitter.com/XeXK4kDkYD
— NewsFromSea (@riskiomap) November 8, 2026
मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि मंत्री सोमवार, 9 नवंबर को घटनास्थल का दौरा करेंगे, ताकि वे पीड़ितों के परिवारों और प्रभावित समुदायों के प्रति राज्य की संवेदना और एकजुटता व्यक्त कर सकें.
जिबूती के पास भी हुआ था ऐसा ही हादसा, 109 प्रवासियों की गई थी जान
इससे पहले पूर्वी अफ्रीका में जिबूती के तट पर एक नाव के पलटने की घटना हुई थी. उस हादसे में कम से कम 109 प्रवासियों की मौत हुई थी. जिनमें 15 बच्चे भी शामिल थे. इस नाव पर कुल 305 लोग सवार थे. 'इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन' (IOM) ने रविवार को बताया कि यह नाव जिबूती से यमन जा रही थी, तभी गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह यह पलट गई.
IOM के मुताबिक, इस हादसे में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग बच गए. IOM ने अपने बयान में कहा कि 'हॉर्न ऑफ अफ्रीका' क्षेत्र से हजारों प्रवासी सुरक्षा और आर्थिक अवसरों की तलाश में जिबूती होते हुए 'बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य' पार करके खाड़ी देशों की ओर जाते हैं. यमन में हिंसा के बावजूद यह आवाजाही जारी है. जिबूती में IOM के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कोइसेक ने कहा, "यह जान-माल का एक बहुत बड़ा नुकसान है." उन्होंने कहा, "यह त्रासदी इस बात की एक कठोर याद दिलाती है कि आर्थिक अवसरों की तलाश में इस रास्ते से गुजरने वाले प्रवासियों को किन खतरों का सामना करना पड़ता है."
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बड़ी संख्या में यमन से जिबूती पहुंच रहे लोग
इस बीच, युद्धग्रस्त यमन से बड़ी संख्या में लोग जान बचाकर लाल सागर पार करके जिबूती पहुंच रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि और भी यमनी लोग नाव के जरिए यह सफर करने की तैयारी में हैं. फिलहाल 2,000 से अधिक यमनी लोग जिबूती में हैं, जहां वहां की सरकार और 'इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन' उन्हें भोजन और आश्रय मुहैया करा रहे हैं. यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी अरब, पिछले 12 वर्षों से ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से लड़ रहे हैं.
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