Ajit Doval On Freedom And Youth: "स्वतंत्रता का मतलब मनमर्जी नहीं..." पुणे में बोले NSA अजीत डोभाल, युवाओं को दी खास सलाह!
पुणे में आयोजित समारोह में NSA अजीत डोभाल को 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से अमित शाह ने सम्मानित किया। डोभाल ने युवाओं से कहा कि स्वतंत्रता को मनमर्जी करने की छूट न समझें। राष्ट्र निर्माण के इस ऐतिहासिक अवसर को भुनाने के लिए युवा व्यक्तिगत स्वार्थ छोड़कर केवल देशहित में योगदान दें।
स्वतंत्रता का सही अर्थ: "मनमर्जी की छूट नहीं है आजादी"
समारोह को संबोधित करते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कभी-कभी यह मान सकती है कि भारत हमेशा से वैसा ही था जैसा आज दिखता है, या वे स्वतंत्रता को केवल अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करने की छूट समझने की भूल कर सकते हैं। लेकिन स्वतंत्रता का वास्तव में यह अर्थ नहीं है।
VIDEO | Pune, Maharashtra: Union Home Minister Amit Shah presents Lokmanya Tilak National Award 2026 to NSA Ajit Doval.#AmitShah #AjitDoval
— Press Trust of India (@PTI_News) August 1, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ARvX6i2bN0
उन्होंने युवाओं से लोकमान्य तिलक के विचारों और उनके त्याग पर मंथन करने का आग्रह किया। डोभाल ने कहा कि जिस दौर और जिन विकट परिस्थितियों में तिलक जी ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, उसकी पूरी कल्पना करना आज की युवा पीढ़ी के लिए कठिन हो सकता है।
राष्ट्र निर्माण का ऐतिहासिक अवसर: "व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठे युवा"
एनएसए अजीत डोभाल ने देश के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि भारत के इतिहास में विकास और राष्ट्र निर्माण का एक दुर्लभ अवसर आया है, जिसे किसी भी कीमत पर हाथ से जाने नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को खुद को पूरी तरह से राष्ट्र सेवा में समर्पित कर देना चाहिए। भले ही व्यक्तिगत या छोटे-मोटे हित सामने आएं, उन्हें दरकिनार कर केवल राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि देश का युवा इस मिशन में सफल होगा और इतिहास का एक नया अध्याय लिखेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल को दी मंजूरी: पेपर लीक करने पर करोडों का जुर्माना-10 साल की जेल
Anti Paper Leak Amendment Bill: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक में लोक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक मामलों में आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए हर राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सजा बढ़ाने का प्रावधान है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जारी एक गजट नोटिफिकेशन में, कानून मंत्रालय ने संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने की जानकारी दी है। एंटी-पेपर लीक कानून में संशोधन के लिए लाए गए विधेयक इस हफ्ते की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था। नया कानून लागू होने के बाद, पेपर लीक मामलों की जांच 2 महीने में पूरी की जाएगी।
कानून के अनुसार, पेपर लीक या परीक्षाओं में गलत तरीका अपनाने वालों को कम से कम 5 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा। संगठित अपराध के लिए नए कानून में कम से कम 7 साल जेल की सजा और करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल की मुख्य बातें
- बिल सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को यह अधिकार देता है कि वे किसी भी सत्र अदालत को प्रस्तावित कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बना सकें।
- बिल में प्रावधान है कि ऐसे स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्यवाही रोजाना जारी रहेगी और चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से 3 महीने के अंदर ट्रायल पूरा हो जाएगा।
- केंद्र सरकार को किसी भी अपराध की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का भी अधिकार देता है।
- कानून के तहत अपराधों की जांच 2 महीने के अंदर पूरी करने का प्रावधान है। सभी राज्य सरकारों और यूटी प्रशासन को कानून के तहत मामलों को चलाने के लिए एक या ज्यादा विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का अधिकार।
- किसी भी फैसले, सजा या ऑर्डर के खिलाफ हाई कोर्ट के 2 जजों की पीठ में अपील करने का सिस्टम बनाना, और अपील स्वीकार होने की तारीख से 3महीने के अंदर उसका निपटारा करना है।
- नए कानून के तहत, परीक्षा में पेपर लीक या गलत तरीकों का इस्तेमाल करने वालों को कम से कम 5 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा।
- संगठित अपराध के लिए, बिल में कम से कम 7 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
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