राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल को दी मंजूरी: पेपर लीक करने पर करोडों का जुर्माना-10 साल की जेल
Anti Paper Leak Amendment Bill: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक में लोक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक मामलों में आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए हर राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सजा बढ़ाने का प्रावधान है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जारी एक गजट नोटिफिकेशन में, कानून मंत्रालय ने संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने की जानकारी दी है। एंटी-पेपर लीक कानून में संशोधन के लिए लाए गए विधेयक इस हफ्ते की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था। नया कानून लागू होने के बाद, पेपर लीक मामलों की जांच 2 महीने में पूरी की जाएगी।
कानून के अनुसार, पेपर लीक या परीक्षाओं में गलत तरीका अपनाने वालों को कम से कम 5 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा। संगठित अपराध के लिए नए कानून में कम से कम 7 साल जेल की सजा और करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल की मुख्य बातें
- बिल सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को यह अधिकार देता है कि वे किसी भी सत्र अदालत को प्रस्तावित कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बना सकें।
- बिल में प्रावधान है कि ऐसे स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्यवाही रोजाना जारी रहेगी और चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से 3 महीने के अंदर ट्रायल पूरा हो जाएगा।
- केंद्र सरकार को किसी भी अपराध की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का भी अधिकार देता है।
- कानून के तहत अपराधों की जांच 2 महीने के अंदर पूरी करने का प्रावधान है। सभी राज्य सरकारों और यूटी प्रशासन को कानून के तहत मामलों को चलाने के लिए एक या ज्यादा विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का अधिकार।
- किसी भी फैसले, सजा या ऑर्डर के खिलाफ हाई कोर्ट के 2 जजों की पीठ में अपील करने का सिस्टम बनाना, और अपील स्वीकार होने की तारीख से 3महीने के अंदर उसका निपटारा करना है।
- नए कानून के तहत, परीक्षा में पेपर लीक या गलत तरीकों का इस्तेमाल करने वालों को कम से कम 5 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा।
- संगठित अपराध के लिए, बिल में कम से कम 7 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
Ruchika Singh PM Modi Remarks Case: रुचिका सिंह नहीं, 'मेंशिल जैन' नाम से ली थी एंट्री! इंस्टाग्राम प्रोफाइल और सैलून रजिस्टर में भी फर्जी नाम?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आई रुचिका सिंह मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। नोएडा स्थित एक सैलून के मालिक ने दावा किया है कि रुचिका सिंह कभी उनके संस्थान की कर्मचारी नहीं रही, बल्कि वह केवल कुछ दिनों के लिए नेल आर्ट सीखने आई थी।
सैलून मालिक का आरोप है कि उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपाते हुए खुद को "मेंशिल जैन" बताया था। बार-बार पहचान पत्र मांगने के बावजूद जब उसने दस्तावेज जमा नहीं किए, तो उसे आगे की ट्रेनिंग देने से मना कर दिया गया, जिसके बाद उसने सैलून आना बंद कर दिया।
'सैलून की कर्मचारी नहीं थी, फर्जी नाम से ली थी एंट्री'
सैलून मालिक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह लड़की उनके स्टाफ का हिस्सा नहीं थी। उसने बताया कि सैलून के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड और उसके इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर नाम 'मेंशिल जैन' लिखा हुआ था।
- वह केवल लगभग एक हफ्ते के लिए एक कर्मचारी से नेल आर्ट की बारीकियां सीखने आती थी।
- जब सैलून प्रबंधन ने नियम के तहत उससे सरकारी आईडी प्रूफ मांगा, तो वह टालमटोल करती रही।
- औपचारिकताएं पूरी न होने पर जब सख्त रुख अपनाया गया, तो उसने अचानक ट्रेनिंग पर आना ही छोड़ दिया।
उम्र को लेकर भी गहराया सस्पेंस: 15 साल या 25 साल?
विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए माफीनामे के वीडियो में लड़की ने खुद को 15 वर्ष की नाबालिग बताया था। हालांकि, इस मामले में दर्ज पुलिस एफआईआर के विवरण के अनुसार उसकी उम्र 25 वर्ष दर्ज की गई है। उम्र के इस भारी अंतर ने सोशल मीडिया और पुलिस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा, सैलून मालिक ने उसके 'NEET' की तैयारी करने वाले दावों को भी खारिज करते हुए कहा कि उसकी जानकारी के मुताबिक वह केवल 10वीं या 12वीं तक ही पढ़ी-लिखी है।
Ruchika Singh who abused PM Modi ji and Dharmendra Pradhan in the most derogatory way possible has no apologised.
— Incognito (@Incognito_qfs) July 31, 2026
She is claiming that she is only 15 years old.
Ruchika used to go to a salon for nail art training. When the owner asked her for Aadhar Card, she stopped going to… pic.twitter.com/S3RibJzuyO
पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद माफीनामे का वीडियो हुआ था वायरल
गौरतलब है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। बवाल बढ़ने के बाद लड़की का एक अन्य वीडियो सामने आया जिसमें वह अपने बयानों के लिए माफी मांगती नजर आई थी। सैलून मालिक के इन नए और चौंकाने वाले दावों के बाद मामले की जटिलता और बढ़ गई है, हालांकि पुलिस व संबंधित अधिकारियों की ओर से इन दावों पर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
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